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बैंकों में कैश की किल्लत बरकरार, मिले सिर्फ चार से छह हजार
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:09 AM IST
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बैंकों में नोटबंदी के 37 दिन बाद भी नगदी की किल्लत बरकरार है। जिससे गुरुवार को भी बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रही। घंटों लाइन में लगने के बाद उपभोक्ताओं को चार से छह हजार रुपये देकर भेज दिया गया। जिससे उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। गुस्साएं लोगों ने बैंक ऑफ बड़ौदा में उपभोक्ताओं ने खूब हंगामा किया। जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। उधर, कैंप क्षेत्र में लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। लाइनों में लगे उपभोक्ताओं को चार से छह हजार रुपये का कैश मिल गया।
बैंक ऑफ बड़ौदा यमुनानगर ब्रांच में गुरुवार को कैश न मिलने पर गुस्साए लोगों ने हंगामा किया। भीड़ को उग्र देख बैंक अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए। बैंक में हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि वह कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को भी कैश के लिए लाइन में घंटों से खड़े थे, लेकिन बैंक कर्मियों द्वारा कैश खत्म होने की बात कह दी गई। इस पर गुस्साए लोगों ने बैंक की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जाहिर किया। बैंक आए पैर से अपाहिज बुजुर्ग ने कहा कि वह चार दिन से कैश लेने के लिए बैंक में आकर लाइन में लग रहे हैं। उन्हें अपने इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, लेकिन चार दिन से बैंक में कैश लेने का प्रयास करने पर भी उन्हें मायूसी हाथ लगी। इसी प्रकार बैंक की कार्यप्रणाली पर गुस्साए लोगों ने कहा कि यदि बैंक में कैश खत्म हो जाता है तो लाइन में खड़े शेष उपभोक्ताओं को टोकन दिए जा सकते हैं, जिससे वह अगले दिन बैंक आकर कैश ले सकें। उन्हें रोज कामकाज छोड़ बैंक में कैश लेने के लिए आना पड़ रहा है। बैंक में हंगामे के दौरान लोगों को उग्र होता देख बैंक अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में बैंक अधिकारियों ने लोगों को व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया, जिस पर लोग शांत हुए।
जगाधरी वर्कशाप। कैंप क्षेत्र में लोगों को गुरुवार को राहत मिली रही। लाइनों में लगे उपभोक्ताओं को चार से छह हजार रुपये का कैश मिल गया, जबकि बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान भी हुआ। साथ ही एसबीआई के एटीएम के बाद सिंडिकेट बैंक का एटीएम भी गुरुवार से चल गया, जिससे भी लोगों को राहत मिली।
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लाइन में वीना नगर निवासी रमेश चंद ने बताया कि सुबह दस बजे आया था, तीन बजे उसे पेंशन मिल गई। वह घर से छह सौ रुपये लेकर आया था, ऐसे में उसे 14 सौ रुपये की पूरी पेंशन मिल गई। इससे पहले वह बुधवार को भी पेंशन लेने आया था, मगर यहां तीन बजे लाइन में लग रहा। जब तक उसका नंबर आया तब तक कैश ही खत्म हो गया। इसी तरह कैंप निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि दो घंटे लाइन में जरुर लगना पड़ा, लेकिन उसे छह हजार रुपये मिल गए हैं। इससे उसका कुछ काम तो चल जाएगा। एक दो दिन बाद फिर से आकर कैश ले लेंगे। इसी तरह कैंप निवासी राजीव कुमार ने बताया कि तीन घंटे में लाइन लगने के बाद छह हजार रुपये का कैश मिला है। इसी तरह बैंकों में आए बुजुर्गों को भी पेंशन का भुगतान दिया गया। उधर, सिंडिकेट बैंक का एटीएम चलने से लोगों को कैश मिल गया। लाइन में लगे राजेश कुमार ने बताया कि एटीएम से दो-दो हजार रुपये के नोट मिल रहे हैं। राजेश कुमार ने बताया कि कई दिनों बाद बैंक का एटीएम चला है।
बैंक ऑफ बड़ौदा यमुनानगर ब्रांच में गुरुवार को कैश न मिलने पर गुस्साए लोगों ने हंगामा किया। भीड़ को उग्र देख बैंक अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए। बैंक में हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि वह कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को भी कैश के लिए लाइन में घंटों से खड़े थे, लेकिन बैंक कर्मियों द्वारा कैश खत्म होने की बात कह दी गई। इस पर गुस्साए लोगों ने बैंक की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जाहिर किया। बैंक आए पैर से अपाहिज बुजुर्ग ने कहा कि वह चार दिन से कैश लेने के लिए बैंक में आकर लाइन में लग रहे हैं। उन्हें अपने इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, लेकिन चार दिन से बैंक में कैश लेने का प्रयास करने पर भी उन्हें मायूसी हाथ लगी। इसी प्रकार बैंक की कार्यप्रणाली पर गुस्साए लोगों ने कहा कि यदि बैंक में कैश खत्म हो जाता है तो लाइन में खड़े शेष उपभोक्ताओं को टोकन दिए जा सकते हैं, जिससे वह अगले दिन बैंक आकर कैश ले सकें। उन्हें रोज कामकाज छोड़ बैंक में कैश लेने के लिए आना पड़ रहा है। बैंक में हंगामे के दौरान लोगों को उग्र होता देख बैंक अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में बैंक अधिकारियों ने लोगों को व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया, जिस पर लोग शांत हुए।
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जगाधरी वर्कशाप। कैंप क्षेत्र में लोगों को गुरुवार को राहत मिली रही। लाइनों में लगे उपभोक्ताओं को चार से छह हजार रुपये का कैश मिल गया, जबकि बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान भी हुआ। साथ ही एसबीआई के एटीएम के बाद सिंडिकेट बैंक का एटीएम भी गुरुवार से चल गया, जिससे भी लोगों को राहत मिली।
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लाइन में वीना नगर निवासी रमेश चंद ने बताया कि सुबह दस बजे आया था, तीन बजे उसे पेंशन मिल गई। वह घर से छह सौ रुपये लेकर आया था, ऐसे में उसे 14 सौ रुपये की पूरी पेंशन मिल गई। इससे पहले वह बुधवार को भी पेंशन लेने आया था, मगर यहां तीन बजे लाइन में लग रहा। जब तक उसका नंबर आया तब तक कैश ही खत्म हो गया। इसी तरह कैंप निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि दो घंटे लाइन में जरुर लगना पड़ा, लेकिन उसे छह हजार रुपये मिल गए हैं। इससे उसका कुछ काम तो चल जाएगा। एक दो दिन बाद फिर से आकर कैश ले लेंगे। इसी तरह कैंप निवासी राजीव कुमार ने बताया कि तीन घंटे में लाइन लगने के बाद छह हजार रुपये का कैश मिला है। इसी तरह बैंकों में आए बुजुर्गों को भी पेंशन का भुगतान दिया गया। उधर, सिंडिकेट बैंक का एटीएम चलने से लोगों को कैश मिल गया। लाइन में लगे राजेश कुमार ने बताया कि एटीएम से दो-दो हजार रुपये के नोट मिल रहे हैं। राजेश कुमार ने बताया कि कई दिनों बाद बैंक का एटीएम चला है।