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खैर की लकड़ी काटने वालों ने वन विभाग की टीम से की हाथापाई
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राष्ट्रीय उद्यान कलेसर से चोरी से खैर के पेड़ काटने और हाथापाई कर के सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के मामले में प्रताप नगर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रताप नगर में दी शिकायत में प्रदीप कुमार वनरक्षक व दरोगा जसवंत सिंह ने बताया कि वह लोग कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में गश्त पर थे। इस दौरान उनको कुछ व्यक्तियों के बोलने और लकड़ी कटाई की आवाज सुनाई दी। जिस पर वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि टॉर्च की रोशनी में इंतजार पुत्र यासीन निवासी कलेसर, आशिक पुत्र सारदीन निवासी ममधुबांस, राशिद पुत्र रोशन उर्फ कोना निवासी ममदूबांस कलेसर, शरीफ पुत्र बशीर निवासी मम्दूबांस कलेसर खैर काट रहे हैं व छिलाई कर रहे हैं। टीम ने उनको पकड़ने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उल्टा टीम के साथ ही हाथापाई शुरू कर दी। वन विभाग की टीम पर पथराव किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। राष्ट्रीय उद्यान कलेसर की छानबीन के दौरान तीन पेड़ खैर के ताजे चोरी से कटे पाए गए जिनका एफ ओ आर नंबर 26/ 218 चाक किया गया है। प्रताप नगर पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन रक्षा आंदोलन के महासचिव चौधरी बलबीर सिंह कलेसर का कहना है कि खैर तस्करी के मामले में तस्करों की जल्दी ही जमानत हो जाती है और वह फिर से खैर तस्करी का धंधा जोर-शोर से करना शुरू कर देता है। उनका कहना है कि खैर तस्करी को लेकर कड़ा कानून बने। तब जाकर खैर तस्करी पर लगाम लगाई जा सकती है। जिस प्रकार से खैर तस्कर माननीय अदालत से भी आसानी से छूट जाते हैं। ऐसे में खैर तस्करों के हौसले ओर बुलंद होते जा रहे हैं।अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में बेशकीमती पेड़ देखने को भी नहीं मिलेंगे।
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वन रक्षा आंदोलन के महासचिव चौधरी बलबीर सिंह कलेसर का कहना है कि खैर तस्करी के मामले में तस्करों की जल्दी ही जमानत हो जाती है और वह फिर से खैर तस्करी का धंधा जोर-शोर से करना शुरू कर देता है। उनका कहना है कि खैर तस्करी को लेकर कड़ा कानून बने। तब जाकर खैर तस्करी पर लगाम लगाई जा सकती है। जिस प्रकार से खैर तस्कर माननीय अदालत से भी आसानी से छूट जाते हैं। ऐसे में खैर तस्करों के हौसले ओर बुलंद होते जा रहे हैं।अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में बेशकीमती पेड़ देखने को भी नहीं मिलेंगे।
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