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नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
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यमुनानगर। आशा कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का मामला तूल पकड़ने लगा है। सिविल अस्पताल में मंगलवार को सीएमओ कार्यालय के सामने आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बुधवार को डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन की रणनीति भी बनाई गई है।
प्रदर्शन में सभी खंडों से आशा कार्यकर्ता पहुंचीं और जगाधरी की सिविल अस्पताल की एमएस और नर्स के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन तीव्र होता देख सिविल सर्जन ने प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ, सीटू व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के सदस्य भी शामिल रहे। बातचीत के बुलावे पर प्रतिनिधिमंडल बनाया गया। इसमें आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान निरूबाला, जिला सचिव राजेश कुमारी, कोषाध्यक्ष कर्मजीत, पूजा, नीलम, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौढ़े, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, सीटू जिला सचिव रामकुमार कांबोज व रिटायर्ड जिला प्रधान विनोद त्यागी को शामिल किया गया।
प्रतिनिधिमंडल की सिविल सर्जन से लंबी बातचीत चली। यहां पर पीड़ित आशा वर्कर को पेश किया गया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने नर्स को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। तब सीएमओ ने कमेटी बनाकर जांच करवाने के बाद कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान कर्मचारियों की स्वास्थ्य अधिकारियों से काफी बहस हुई। लंबी बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बनी।
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इसके बाद सभी संगठनों की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जब तक नर्स को बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक जिले की कोई भी आशा वर्कर काम नहीं करेगी। वहीं बुधवार को जिले की सभी आशा वर्कर अस्पताल प्रशासन व नर्स के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। अस्पताल में प्रदर्शन के बाद सभी जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए डीसी कार्यालय जाएंगे और डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान आशाओं की मांग नहीं मानी जाती, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में नगरपालिका उपप्रधान जनकराज, राजबीर पिंडोरा, रोशन लाल, गुरिंद्र कौर, रेखा ने आशाओं को संबोधित किया।
फोटो:- 37, 38
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प्रदर्शन में सभी खंडों से आशा कार्यकर्ता पहुंचीं और जगाधरी की सिविल अस्पताल की एमएस और नर्स के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन तीव्र होता देख सिविल सर्जन ने प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ, सीटू व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के सदस्य भी शामिल रहे। बातचीत के बुलावे पर प्रतिनिधिमंडल बनाया गया। इसमें आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान निरूबाला, जिला सचिव राजेश कुमारी, कोषाध्यक्ष कर्मजीत, पूजा, नीलम, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौढ़े, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, सीटू जिला सचिव रामकुमार कांबोज व रिटायर्ड जिला प्रधान विनोद त्यागी को शामिल किया गया।
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प्रतिनिधिमंडल की सिविल सर्जन से लंबी बातचीत चली। यहां पर पीड़ित आशा वर्कर को पेश किया गया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने नर्स को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। तब सीएमओ ने कमेटी बनाकर जांच करवाने के बाद कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान कर्मचारियों की स्वास्थ्य अधिकारियों से काफी बहस हुई। लंबी बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बनी।
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इसके बाद सभी संगठनों की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जब तक नर्स को बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक जिले की कोई भी आशा वर्कर काम नहीं करेगी। वहीं बुधवार को जिले की सभी आशा वर्कर अस्पताल प्रशासन व नर्स के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। अस्पताल में प्रदर्शन के बाद सभी जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए डीसी कार्यालय जाएंगे और डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान आशाओं की मांग नहीं मानी जाती, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में नगरपालिका उपप्रधान जनकराज, राजबीर पिंडोरा, रोशन लाल, गुरिंद्र कौर, रेखा ने आशाओं को संबोधित किया।
फोटो:- 37, 38