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Yamuna Nagar News: आंगनबाड़ी कर्मियों ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन
Sat, 19 Jul 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के बैनर तले कर्मचारियों ने शुक्रवार को मांगों के समर्थन में जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीसी व अंबाला सांसद वरुण मुलाना के नाम डीडीपीओ नरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की प्रधान सुनीता सिंह ने ज्ञापन में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व महिलाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन के लिए उनका विवरण मंत्रालय के पोषण ट्रैकर एप में एफआरस के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल से अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लाभार्थी एफआरस में पंजीकृत नहीं होंगे, उन्हें राशन नहीं दिया जाएगा।
यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को लाभार्थियों के फेस कैप्चर करने के लिए जो मोबाइल दिए है, वह उच्च गुणवत्ता का नहीं है। इससे उसमें फेस कैप्चर के साथ-साथ ऑनलाइन केवाईसी करने में भी बहुत परेशानी हो रही है। इस मांग को लेकर पहले भी उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई और उसके बावजूद भी उच्च अधिकारी व सरकार हमारी मांगों को लेकर अनदेखी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी वर्कर्स ने चार महीने की हड़ताल की थी। उस समय बर्खास्त की गई आंगनवाड़ी वर्कर्स का आठ महीने का वेतन जो अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द हमारी मांगों को नहीं मानती तो राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली बैठकों में इन मुद्दों की चर्चा की जाएगी।
इसके बाद शीर्ष नेतृत्व के अनुसार आगामी सख्त निर्णय लिया जाएगा। उनकी मांग है कि आंगनबाड़ियों में एफआरस प्रमाणीकरण की अनिवार्यता तत्काल वापस ली जाए। आंगनबाड़ी रिपोर्टिंग सिस्टम के डिजिटलीकरण से पहले सभी केंद्रों में कंप्यूटर, लेपटॉप या टैब उपलब्ध कराए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त वाई-फाई कनेक्शन या पर्याप्त डाटा राशि उपलब्ध कराई जाए।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, आधार वेरिफिकेशन या एफआरस की परवाह किए बिना सभी लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण दिया जाए। पोषण मानदंडों में तत्काल संशोधन किया जाए। इसके अलावा उनको नियमित करते हुए 26,000 रुपये प्रति माह वेतन व सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्रदान की जाए।
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यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के बैनर तले कर्मचारियों ने शुक्रवार को मांगों के समर्थन में जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीसी व अंबाला सांसद वरुण मुलाना के नाम डीडीपीओ नरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की प्रधान सुनीता सिंह ने ज्ञापन में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व महिलाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन के लिए उनका विवरण मंत्रालय के पोषण ट्रैकर एप में एफआरस के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल से अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लाभार्थी एफआरस में पंजीकृत नहीं होंगे, उन्हें राशन नहीं दिया जाएगा।
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यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को लाभार्थियों के फेस कैप्चर करने के लिए जो मोबाइल दिए है, वह उच्च गुणवत्ता का नहीं है। इससे उसमें फेस कैप्चर के साथ-साथ ऑनलाइन केवाईसी करने में भी बहुत परेशानी हो रही है। इस मांग को लेकर पहले भी उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई और उसके बावजूद भी उच्च अधिकारी व सरकार हमारी मांगों को लेकर अनदेखी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी वर्कर्स ने चार महीने की हड़ताल की थी। उस समय बर्खास्त की गई आंगनवाड़ी वर्कर्स का आठ महीने का वेतन जो अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द हमारी मांगों को नहीं मानती तो राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली बैठकों में इन मुद्दों की चर्चा की जाएगी।
इसके बाद शीर्ष नेतृत्व के अनुसार आगामी सख्त निर्णय लिया जाएगा। उनकी मांग है कि आंगनबाड़ियों में एफआरस प्रमाणीकरण की अनिवार्यता तत्काल वापस ली जाए। आंगनबाड़ी रिपोर्टिंग सिस्टम के डिजिटलीकरण से पहले सभी केंद्रों में कंप्यूटर, लेपटॉप या टैब उपलब्ध कराए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त वाई-फाई कनेक्शन या पर्याप्त डाटा राशि उपलब्ध कराई जाए।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, आधार वेरिफिकेशन या एफआरस की परवाह किए बिना सभी लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण दिया जाए। पोषण मानदंडों में तत्काल संशोधन किया जाए। इसके अलावा उनको नियमित करते हुए 26,000 रुपये प्रति माह वेतन व सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्रदान की जाए।