फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   An exercise to save the heritage of the village built on the banks of Saraswati river in Yamunanagar of Haryana

यमुनानगर: सरस्वती नदी के किनारे संधाए गांव की धरोहर को सहेजने की कवायद, मूर्तियां और मुद्राएं मिली

Mon, 17 Jan 2022 04:03 AM IST
भूपेंद्र सिंह सुरेश सैनी, संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
सुरेश सैनी, संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 17 Jan 2022 04:03 AM IST
सार

हरियाणा सरस्वती बोर्ड और पुरातत्व विभाग ने सीएम को पत्र लिखकर खोदाई की मंजूरी मांगी है। आदिबद्री और कुरुक्षेत्र में संग्रहालय बनाकर धरोहर को सहेजने की तैयारी चल रही है। यहां ढाई माह पहले मूर्तियां और मुद्राएं मिली थीं जो 1600 साल पुरानी हो सकती हैं।

विज्ञापन
An exercise to save the heritage of the village built on the banks of Saraswati river in Yamunanagar of Haryana
गांव संधाए में हरियाणा सरस्वती बोर्ड व पुरातत्व विभाग टीम शोध करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव संधाए में निकली चौथी से छठी शताब्दी की अमूल्य धरोहर को बचाने के लिए हरियाणा सरस्वती बोर्ड और पुरातत्व विभाग ने कवायद तेज कर दी है। जल्द ही यह धरोहर पुरातत्व विभाग के अधीन हो जाएगी। इसकी मंजूरी के लिए विभाग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


मंजूरी मिलने के बाद यहां खुदाई का कार्य आरंभ किया जाएगा। यहां से मिलने वाली ऐतिहासिक सामग्री को संरक्षित करने के लिए दो संग्रहालय बनाने की तैयारी है। पहला संग्रहालय आदिबद्री में ही सरस्वती कुंड के पास और दूूसरा कुरुक्षेत्र में बनाने की योजना है।   
विज्ञापन


दरअसल गांव संधाए सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। हरियाणा सरस्वती बोर्ड व पुरातत्व विभाग के शोध के अनुसार यह साइट करीब 1600 साल पुरानी हो सकती है। करीब ढाई माह पहले यहां प्राचीन कालीन बर्तन, मूर्तियां और मुद्राएं मिलीं थीं। इसके बारे में जब हरियाणा सरस्वती बोर्ड और पुरातत्व विभाग को पता चला तो विभागों ने शोध करना शुरू किया। इस दौरान जब खुदाई करवाई गई तो अमूल्य मूर्तियां और अन्य सामग्री मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद विभाग ने इस धरोहर को अपने अधीन करने के लिए मुख्यमंत्री से पत्राचार किया है। पुरातत्व विभाग की उप निदेशक बनानी भट्टाचार्य के मुताबिक गांव संधाए में अब तक जो प्राचीन सामग्री मिल रही है। वह कुषाण काल व गुर्जर प्रतिहार के समय की हो सकती है, क्योंकि उस दौरान कुषाण काल व गुर्जर प्रतिहार का ही समय था। यहां अब तक कुषाण काल के मृद भांड, प्राचीन मूर्तियां व सिक्के मिल चुके हैं। दावा है कि पूरे हरियाणा में गांव संधाए ही ऐसी साइट है, जहां सबसे ज्यादा अमूल्य धरोहर समाई हुई है। 


सरस्वती नदी के तट पर स्थित गांव संधाए की साइट प्राचीन कुषाण काल की है। इस धरोहर को पुरातत्व विभाग के अधीन करने के लिए सीएम से पत्राचार किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद खुदाई का कार्य शुरू हो सकेगा। यहां से निकलने वाली अमूल्य सामग्री को सहेजने के लिए आदिबद्री में सरस्वती कुंड के पास और कुरुक्षेत्र में संग्रहालय भी बनाए जाएंगे, हालांकि इन संग्रहालयों पर कितना खर्च आएगा और कब बनेंगे, यह अभी तय नहीं है।  -धुम्मन सिंह किरमिच, उपाध्यक्ष, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed