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ओले से टमाटर की फसल हुई बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला रादौर।
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:23 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : अमर उजाला
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रादौर के आसपास के क्षेत्र में सोमवार को बारिश के साथ ओले पडने से टमाटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। रादौर क्षेत्र में ओलावृष्टि कम होने से नुकसान कम हुआ है। लेकिन रादौर क्षेत्र के साथ लगते टमाटर बाहुल्य गांवों में ओलावृष्टि बहुत ज्यादा होने से टमाटर की फसल पुरी तरह से बर्बाद हो गई है। रादौर खंड गांव धानोखेड़ी, शेरगढ नठोडी, धनौरा, बपदा, बपदी, खानपुर, बडौंदा में ओले पडने से करीब एक हजार एकड़ टमाटर की फसल खराब हो गई। टमाटर उत्पादक किसान प्रदीप कुमार खेड़ी, मायाराम, नीतिश कुमार, अमर सिंह व रामेश्वर ने बताया कि टमाटर की फसल कुछ दिनों में पककर तैयार होने वाली थी। ओले गिरने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित टमाटर उत्पादक किसानों को अब टमाटर की फसल की बहाई करके उसमें गन्ना या आने वाले समय में धान लगानी पड़ेगी।
इस समय टमाटर की फसल को दोबारा तैयार नहीं किया जा सकता। फरवरी में टमाटर की फसल तैयार की जाती है। प्रभावित किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर की खेती करने वाले किसानों को हुआ है। भारतीय किसान यूनियन की ओर से प्रदेश संयोजक बाबुराम गुंदयाना ने सरकार से मांग की है कि सरकार प्रभावित फसलों की गिरदावरी करवाकर गेहूं किसानों को उचित मुआवजा दें। उन्होंने गेहूं की फसल खराब होने पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ और टमाटर की फसल खराब होने पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की।
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इस समय टमाटर की फसल को दोबारा तैयार नहीं किया जा सकता। फरवरी में टमाटर की फसल तैयार की जाती है। प्रभावित किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर की खेती करने वाले किसानों को हुआ है। भारतीय किसान यूनियन की ओर से प्रदेश संयोजक बाबुराम गुंदयाना ने सरकार से मांग की है कि सरकार प्रभावित फसलों की गिरदावरी करवाकर गेहूं किसानों को उचित मुआवजा दें। उन्होंने गेहूं की फसल खराब होने पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ और टमाटर की फसल खराब होने पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की।
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