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Yamuna Nagar News: चैंबरों की कमी से अधिवक्ता परेशान, न्यायिक प्रक्रिया हो रही प्रभावित
Tue, 23 Jun 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:07 AM IST
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यमुनानगर का जिला न्यायालय परिसर। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। लंबे समय से नए चैंबरों के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते अधिवक्ताओं को कार्य करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार एसोसिएशन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि चैंबरों की संख्या वर्षों से लगभग स्थिर बनी हुई है। ऐसे में कई अधिवक्ताओं को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा। खासकर युवा और नए वकीलों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। वकीलों को मुवक्किलों से मिलने और केस की तैयारी करने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो रही।
अधिवक्ताओं का कहना है कि चैंबरों की कमी का असर सीधे तौर पर न्यायिक कार्यों पर पड़ रहा है। कई बार उन्हें खुले स्थानों या साझा व्यवस्था में बैठकर काम करना पड़ता है। इससे मुवक्किलों के साथ गोपनीय कानूनी चर्चा करना भी मुश्किल हो जाता है। न्यायालय परिसर में भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।
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जगह आवंटित की जाए : विक्रांत सिंह
बार एसोसिएशन के प्रधान विक्रांत सिंह चौहान का कहना है कि नए स्थाई व अस्थाई चैंबरों के निर्माण के लिए जगह आवंटित की जानी चाहिए। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि चैंबर निर्माण की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए ताकि वकीलों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
हीं अधिवक्ताओं का मानना है कि न्यायालय परिसर में पर्याप्त चैंबर उपलब्ध होना न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों को राहत मिल सके।
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यमुनानगर। जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। लंबे समय से नए चैंबरों के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते अधिवक्ताओं को कार्य करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार एसोसिएशन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि चैंबरों की संख्या वर्षों से लगभग स्थिर बनी हुई है। ऐसे में कई अधिवक्ताओं को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा। खासकर युवा और नए वकीलों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। वकीलों को मुवक्किलों से मिलने और केस की तैयारी करने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो रही।
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अधिवक्ताओं का कहना है कि चैंबरों की कमी का असर सीधे तौर पर न्यायिक कार्यों पर पड़ रहा है। कई बार उन्हें खुले स्थानों या साझा व्यवस्था में बैठकर काम करना पड़ता है। इससे मुवक्किलों के साथ गोपनीय कानूनी चर्चा करना भी मुश्किल हो जाता है। न्यायालय परिसर में भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।
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जगह आवंटित की जाए : विक्रांत सिंह
बार एसोसिएशन के प्रधान विक्रांत सिंह चौहान का कहना है कि नए स्थाई व अस्थाई चैंबरों के निर्माण के लिए जगह आवंटित की जानी चाहिए। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि चैंबर निर्माण की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए ताकि वकीलों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
हीं अधिवक्ताओं का मानना है कि न्यायालय परिसर में पर्याप्त चैंबर उपलब्ध होना न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों को राहत मिल सके।