फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Action limited to notice after finding larvae

Yamuna Nagar News: लारवा मिलने पर कार्रवाई नोटिस तक सिमटी

Tue, 24 Sep 2024 04:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 24 Sep 2024 04:35 AM IST
विज्ञापन
Action limited to notice after finding larvae
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। घरों में मच्छरों का लारवा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग लोगों को नोटिस तो दे रहा है, लेकिन चालान किसी का नहीं काटा जा रहा। यदि किसी का चालान काट दिया गया तो जुर्माना राशि कैसे वसूली जाएगी। लारवा मिलने पर अभी तक स्वास्थ्य विभाग जिले में 5158 लोगों को नोटिस दे चुका है, लेकिन जुर्माना किसी का भी नहीं किया गया।
शहर में नगर निगम के अधिकारी पहले ही चालान करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की बता चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्र में चालान करने के बाद जुर्माना राशि कौन वसूलेगा यह आज तक तय नहीं हो पाया है। जहां पर भी लगातार दो से तीन बाद मच्छर का लारवा मिलता है वहां पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को नोटिस दिया जाता है।
विज्ञापन

नोटिस भेजने के बाद चालान काटने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग, शहर में नगर निगम की है। ग्रामीण क्षेत्र को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि वह किसी का चालान काटते हैं तो वह जुर्माना कैसे वसूलें। जिसका चालान कटता है वह उन्हें जुर्माना नहीं देता।
विज्ञापन
विज्ञापन

चालान कटने के बाद जुर्माना राशि बिजली बिल, पानी के बिल या फिर अन्य किसी बिल में जोड़ कर भेजी जा सकती है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग रोजाना चालान तो काट रहा है, परंतु जुर्माना किसी से वसूला नहीं जा रहा।
इस सीजन में अब तक मिले डेंगू के 22 केस
जिले में अब डेंगू के 22 व मलेरिया के दो केस मिल चुके हैं। गत एक सप्ताह में डेंगू के केस काफी तेजी से सामने आए हैं। विभाग की जांच में रोजाना 80 से 100 घरों में मच्छरों का लारवा मिल रहा है। ज्यादातर लारवा को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मौके पर ही खत्म किया जा रहा है। वहीं लारवा की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 40 ब्रीडिंग चेकर रखे गए हैं, जो घर-घर जाकर खाली बर्तनों, टायरों में भरे पानी में पल रहे मच्छर के लारवा की जांच करते हैं।
बारिश बढ़ा रही है चिंता
पिछले कुछ दिनों में जिले में काफी बारिश हो चुकी है। रूक-रूक कर बारिश होती ही रहती है। बारिश का पानी बर्तनों, छतों पर पड़े सामान, पानी की होज में भर जाता है। फिर डेंगू मच्छर इनमें लारवा पैदा करते हैं। करीब 10 दिन बाद यही लारवा मच्छर बन कर लोगों को डंक मारने लगते हैं। दो दिन बाद फिर से मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान बारिश भी हो सकती है। इससे एक बार फिर डेंगू के केस में इजाफा हो सकता है।

गांवों में जुर्माना वसूलने में दिक्कत : डॉ. सुशीला सैनी
डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी का कहना है कि शहर में नगर निगम क्षेत्र में तो चालान राशि प्राॅपर्टी टैक्स आदि में जोड़ कर वसूली जा सकती है। परंतु ग्रामीण क्षेत्र में चालान राशि वसूलने का फिलहाल कोई माध्यम नहीं है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से बात करेंगे ताकि चालान राशि बिजली या पानी बिल में जोड़ी कर वसूली जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed