{"_id":"67802929978c8d0de109eac7","slug":"accused-of-embezzling-mlr-funds-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-131237-2025-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: एमएलआर की राशि में गबन करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: एमएलआर की राशि में गबन करने का आरोप
Fri, 10 Jan 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 10 Jan 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में अनुबंध आधार पर कार्यरत दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने लोगों के मेडिकल (एमएलआर) करने के लिए ली जाने वाली राशि में गबन कर दिया। पता चलने पर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डाॅ. अनुज मंगला ने सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह को पत्र लिखा। सिविल सर्जन के निर्देश एमएस ने शिकायत थाना शहर जगाधरी में दी है।
जगाधरी अस्पताल में आधा दर्जन से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। इनमें से एक महिला व एक पुरुष ऑपरेटर पर एमएलआर की फीस में गबन का आरोप है। एक एमएलआर की फीस 250 रुपये लगती है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी रोजाना एमएलआर में आधी पुरानी रसीद के नंबर चढ़ा देते थे। वहीं इन रसीद का नंबर दूसरे एमएलआर में भी दर्ज किए जा चुके थे। दोनों कर्मचारी एमएलआर फीस में से आधी अपनी जेब में डाल देते थे। एमएलआर साइन होने के लिए जब एमएस डॉ. अनुज मंगला के पास गई तो उन्हें रसीद का नंबर पुराना होने का शक हुआ।
उन्होंने रसीद बुक अपने पास मंगवाई तो पता चला कि जो नंबर चढ़ाया था, वह कई दिन पुराना था। अभी तक दोनों के एक-एक साल के रिकॉर्ड की जांच की गई है। एमएस डॉ. अनुज मंगला ने बताया कि दो ऑपरेटरों ने अस्पताल की एमएलआर की राशि में गबन किया है। दोनों से 14250 रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। दोनों के खिलाफ थाने में शिकायत दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में अनुबंध आधार पर कार्यरत दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने लोगों के मेडिकल (एमएलआर) करने के लिए ली जाने वाली राशि में गबन कर दिया। पता चलने पर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डाॅ. अनुज मंगला ने सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह को पत्र लिखा। सिविल सर्जन के निर्देश एमएस ने शिकायत थाना शहर जगाधरी में दी है।
जगाधरी अस्पताल में आधा दर्जन से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। इनमें से एक महिला व एक पुरुष ऑपरेटर पर एमएलआर की फीस में गबन का आरोप है। एक एमएलआर की फीस 250 रुपये लगती है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी रोजाना एमएलआर में आधी पुरानी रसीद के नंबर चढ़ा देते थे। वहीं इन रसीद का नंबर दूसरे एमएलआर में भी दर्ज किए जा चुके थे। दोनों कर्मचारी एमएलआर फीस में से आधी अपनी जेब में डाल देते थे। एमएलआर साइन होने के लिए जब एमएस डॉ. अनुज मंगला के पास गई तो उन्हें रसीद का नंबर पुराना होने का शक हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने रसीद बुक अपने पास मंगवाई तो पता चला कि जो नंबर चढ़ाया था, वह कई दिन पुराना था। अभी तक दोनों के एक-एक साल के रिकॉर्ड की जांच की गई है। एमएस डॉ. अनुज मंगला ने बताया कि दो ऑपरेटरों ने अस्पताल की एमएलआर की राशि में गबन किया है। दोनों से 14250 रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। दोनों के खिलाफ थाने में शिकायत दी गई है।
विज्ञापन