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सड़क हादसों में दो लोगों की गई जान
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accident
- फोटो : Yamuna Nagar
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सड़कों पर तेज रफ्तार व लापरवाही के चलते हो रहे हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। रोजाना हादसों में लोगों की जान जा रही है। रोज किसी न किसी के घर की खुशियां उजड़ रही है। लोग मातम मना रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो माहभर में 20 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है। लेकिन पुलिस व प्रशासन इन हादसों पर कंट्रोल करने के लिए कोई रणनीति नहीं बना रहा है। यहीं कारण है कि हर रोज हादसे हो रहे है। इसी कड़ी में अलग अलग स्थानों पर हुए दो हादसों में दो लोगों की जान चली गई। सदर जगाधरी के गांव मखौर के पास गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली के कुचलने से बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, शहर के बाइपास के पास बाइक की टक्कर लगने से पॉलीप्लास्टिक कंपनी के कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपी वाहन चालकों पर केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
सढौरा के गांव खेड़ा हैबतपुर निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई गुरमीत कुमार (34) रविवार शाम को अपनी बाइक पर सवार होकर किसी काम से बिलासपुर जा रहा था। अपने घर से वाया मारवा खुर्द होते हुए शाम करीब साढ़े चार बजे गांव मखौर सरकारी स्कूल के पास सड़क पर चढ़ा तो तेज गति से गन्ने से लोड़ ट्रैक्टर ट्रॉली आई। आरोप है कि चालक ने लापरवाही व तेज रफ्तार से ट्रैक्टर को चलाते हुए उसके भाई गुरमीत की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसका भाई बाइक समेत सड़क पर गिर गया। इसके बाद ट्रैक्टर का अगला पहिया उसके भाई के ऊपर चढ़ गया। जिससे उसके भाई को काफी गंभीर चोटें लगी। हादसे के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से लोगों ने गुरमीत को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने उसके भाई गुरमीत की हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां डॉक्टर ने उन्हें जवाब दे दिया। वे फिर उसे जगाधरी सिविल अस्पताल में ले गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने मामले में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामले में आरोपी ट्रैक्टर चालक रसूलपुर निवासी परमिंद्र सिंह उर्फ बिट्टु के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। गुरमीत की मौत के बाद उसके दो बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया। हादसे में हुई गुरमीत की मौके के बाद परिजनों को रो रोकर बुरा हाल था।
करनाल के गांव चौगांवा निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित पॉलीप्लास्टिक उत्तर भारत इंडस्ट्री में गार्ड तैनात है। रविवार रात को वह बाइक पर सवार होकर घर से ड्यूटी पर आ रहा था। रात करीब पौने 11 बजे जब वह बाइपास के पास चांदपुर पहुंचा तो उसकी बाइक में पंचर हो गया। उसने मदद के लिए अपनी कंपनी के सिक्योरिटी गेट पर अनिल रावत को फोन किया। अनिल ने उसकी मदद के लिए कंपनी में तैनात इंद्रा आवास कॉलोनी निवासी सुभाष चंद्र को भेजा। सुभाष बाइक पर सवार होकर जैसे ही उसके पास पहुंचा तो कमानी चौक की तरफ से एक बाइक सवार तेज गति से आया। उसके देखते ही देखते तेज रफ्तार बाइक सवार ने सुभाष की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज हुई को दोनों बाइकों के परखचें उड़ गए। हादसे के बाद सुभाष बाइक समेत सड़क पर गिर गया और सड़क पर सिर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। उसने प्राइवेट वाहन का इंतजाम करके सुुभाष को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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तेज रफ्तार व लापरवाही के चलते जिले में रोजाना हादसे हो रहे है। आंकड़ों की बात करें तो माहभर में हादसों में मरने वालों की संख्या लगभग 20 तक पहुंच गई है। वहीं, बीते 20 दिन में 15 लोगों हादसों में जान गवां चुके है। पुलिस शहर में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अनेक दावपेच अपना रही है। बावजूद इसके सड़कों पर हो रहे हादसों पर अंकुश नहीं पा रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बाद पुलिस केवल केस दर्जकरने तक ही सीमित है। लेकिन इन हादसों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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सढौरा के गांव खेड़ा हैबतपुर निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई गुरमीत कुमार (34) रविवार शाम को अपनी बाइक पर सवार होकर किसी काम से बिलासपुर जा रहा था। अपने घर से वाया मारवा खुर्द होते हुए शाम करीब साढ़े चार बजे गांव मखौर सरकारी स्कूल के पास सड़क पर चढ़ा तो तेज गति से गन्ने से लोड़ ट्रैक्टर ट्रॉली आई। आरोप है कि चालक ने लापरवाही व तेज रफ्तार से ट्रैक्टर को चलाते हुए उसके भाई गुरमीत की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसका भाई बाइक समेत सड़क पर गिर गया। इसके बाद ट्रैक्टर का अगला पहिया उसके भाई के ऊपर चढ़ गया। जिससे उसके भाई को काफी गंभीर चोटें लगी। हादसे के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से लोगों ने गुरमीत को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने उसके भाई गुरमीत की हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां डॉक्टर ने उन्हें जवाब दे दिया। वे फिर उसे जगाधरी सिविल अस्पताल में ले गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने मामले में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामले में आरोपी ट्रैक्टर चालक रसूलपुर निवासी परमिंद्र सिंह उर्फ बिट्टु के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। गुरमीत की मौत के बाद उसके दो बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया। हादसे में हुई गुरमीत की मौके के बाद परिजनों को रो रोकर बुरा हाल था।
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करनाल के गांव चौगांवा निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित पॉलीप्लास्टिक उत्तर भारत इंडस्ट्री में गार्ड तैनात है। रविवार रात को वह बाइक पर सवार होकर घर से ड्यूटी पर आ रहा था। रात करीब पौने 11 बजे जब वह बाइपास के पास चांदपुर पहुंचा तो उसकी बाइक में पंचर हो गया। उसने मदद के लिए अपनी कंपनी के सिक्योरिटी गेट पर अनिल रावत को फोन किया। अनिल ने उसकी मदद के लिए कंपनी में तैनात इंद्रा आवास कॉलोनी निवासी सुभाष चंद्र को भेजा। सुभाष बाइक पर सवार होकर जैसे ही उसके पास पहुंचा तो कमानी चौक की तरफ से एक बाइक सवार तेज गति से आया। उसके देखते ही देखते तेज रफ्तार बाइक सवार ने सुभाष की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज हुई को दोनों बाइकों के परखचें उड़ गए। हादसे के बाद सुभाष बाइक समेत सड़क पर गिर गया और सड़क पर सिर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। उसने प्राइवेट वाहन का इंतजाम करके सुुभाष को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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तेज रफ्तार व लापरवाही के चलते जिले में रोजाना हादसे हो रहे है। आंकड़ों की बात करें तो माहभर में हादसों में मरने वालों की संख्या लगभग 20 तक पहुंच गई है। वहीं, बीते 20 दिन में 15 लोगों हादसों में जान गवां चुके है। पुलिस शहर में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अनेक दावपेच अपना रही है। बावजूद इसके सड़कों पर हो रहे हादसों पर अंकुश नहीं पा रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बाद पुलिस केवल केस दर्जकरने तक ही सीमित है। लेकिन इन हादसों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा रहा है।