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खेत से घर तक एसी गाड़ी में पहुंचेगी सब्जी
यमुनानगर
Updated Mon, 23 Dec 2013 12:29 AM IST
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आपके घर तक अब जल्द ही ताजा और फ्रेश फल और सब्जियां पहुंचा करेंगी। जल्द ही शहर के गली-मोहल्लों में फल और सब्जियां बेचने वाली गाड़ीनुमा वातानुकूलित रेहड़िया नजर आएंगी।
ऐसा उद्यान विभाग की योजना से संभव हो पाया है। योजना के तहत विभाग की ओर से सब्जी बेचने के लिए वातानुकूलित गाड़ियां सब्सिडी पर एससी वर्ग के लोगों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे एक तरफ जहां लोगों को एकदम फ्रेश फल और सब्जियां मिलेंगी, वहीं बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। यह गाड़ी एससी वर्क के किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। इस गाड़ी से वे अपने फल-सब्जियों को लोकल मार्केट में लाकर बेच सकते हैं। उद्यान विभाग की ओर से अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी के बेरोजगारों और किसानों के लिए रेहड़ीनुमा गाड़ी यानी वेडिट कार्ट 90 प्रतिशत सब्सिडी पर दी जा रही है।
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यह गाड़ी सौर ऊर्जा से संचालित होंगी और पूरी तरह ईको फ्रेंडली हैं। उद्यान विभाग यमुनानगर ने इस साल 25 गाड़ियों को देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग के पास 28 लाख रुपये की सब्सिडी पहुंच गई है। विभाग के पास दो तरह की गाड़ियां उपलब्ध है। एक वेडिट कार्ट और दूसरी टाटा एस। विभाग से वेडिट कार्ट को खरीदने के लिए खरीदार को 14 हजार और टाटा एस को खरीदने के लिए साढ़े तेईस हजार रुपये देने होंगे। अब तक पांच गाड़ियां विभाग द्वारा दी जा चुकी हैं। काफी संख्या में लोग उद्यान कार्यालय में गाड़ी की जानकारी लेने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
तीन वर्ग को मिलेगा फायदा
अब तक उद्यान विभाग को केवल किसानों के हित की योजनाएं बनाने के लिए ही जाना जाता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। विभाग की ओर से किसान, बेरोजगार और आम आदमी के हित को भी पहचाना है। जो गाड़ी एससी वर्ग को दी जा रही है उससे किसान और आम आदमी को भी फायदा होगा। क्योंकि जो एससी वर्ग का व्यक्ति गाड़ी लेगा उसे रोजगार मिलेगा। गाड़ी खरीदने वाला सीधे किसान से फल सब्जियां खरीदेगा और उन्हें बेचने के लिए सीधे उपभोक्ता तक पहुुुंचेगा। इससे लोगों को मुनासिब दाम पर ताजा फ्रेश फल और सब्जियां मिल पाएंगी। गाड़ी में एसी होगा, जो कि गर्मी में भी फलों और सब्जियों कोे खराब नहीं होने देगा।
दो मॉडल दिए जा रहे
गाड़ी पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित है। इसमें दो तरह की गाड़ियां विभाग की ओर से दी जा रही हैं। इसमें एक मशीन चलित है और दूसरी मानव चलित है। मशीन चलित में स्टेयरिंग, गीयर, ब्रेक की सभी सुविधाएं होंगी और मानव चलित कार्ट चालक को खींचनी या धकेलनी पड़ेगी। मगर एसी दोनों में ही होगा जो सब्जियों को ताजा और फ्रेश रखेगा। इन गाड़ियों को सब्जी रखने के लिए अंदर से पूरी दुकान की तरह सुविधा होगी। फलों को एक साइड में रखा जा सकेगा और सब्जी को दूसरी साइड में है। गाड़ी का आकार ऐसा है कि उसे तंग गली में भी घुमाया जा सकता है।
पहले आओ पहले पाओ
जिला उद्यान अधिकारी ईलमचंद सैनी ने बताया कि विभाग की ओर से इसी सोच के साथ यह योजना चलाई है कि एक तो बेरोजगारों को रोजगार मिल जाए और दूसरा लोगों के ताजी और फ्रेश सब्जी मिल सके। पहले आओ पहले पाओ पर आधारित यह योजना है। गाड़ी लेने का आवेदन आने के चार से पांच दिन में गाड़ी उपलब्ध करा दी जाती है।
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ऐसा उद्यान विभाग की योजना से संभव हो पाया है। योजना के तहत विभाग की ओर से सब्जी बेचने के लिए वातानुकूलित गाड़ियां सब्सिडी पर एससी वर्ग के लोगों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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इससे एक तरफ जहां लोगों को एकदम फ्रेश फल और सब्जियां मिलेंगी, वहीं बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। यह गाड़ी एससी वर्क के किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। इस गाड़ी से वे अपने फल-सब्जियों को लोकल मार्केट में लाकर बेच सकते हैं। उद्यान विभाग की ओर से अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी के बेरोजगारों और किसानों के लिए रेहड़ीनुमा गाड़ी यानी वेडिट कार्ट 90 प्रतिशत सब्सिडी पर दी जा रही है।
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यह गाड़ी सौर ऊर्जा से संचालित होंगी और पूरी तरह ईको फ्रेंडली हैं। उद्यान विभाग यमुनानगर ने इस साल 25 गाड़ियों को देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग के पास 28 लाख रुपये की सब्सिडी पहुंच गई है। विभाग के पास दो तरह की गाड़ियां उपलब्ध है। एक वेडिट कार्ट और दूसरी टाटा एस। विभाग से वेडिट कार्ट को खरीदने के लिए खरीदार को 14 हजार और टाटा एस को खरीदने के लिए साढ़े तेईस हजार रुपये देने होंगे। अब तक पांच गाड़ियां विभाग द्वारा दी जा चुकी हैं। काफी संख्या में लोग उद्यान कार्यालय में गाड़ी की जानकारी लेने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
तीन वर्ग को मिलेगा फायदा
अब तक उद्यान विभाग को केवल किसानों के हित की योजनाएं बनाने के लिए ही जाना जाता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। विभाग की ओर से किसान, बेरोजगार और आम आदमी के हित को भी पहचाना है। जो गाड़ी एससी वर्ग को दी जा रही है उससे किसान और आम आदमी को भी फायदा होगा। क्योंकि जो एससी वर्ग का व्यक्ति गाड़ी लेगा उसे रोजगार मिलेगा। गाड़ी खरीदने वाला सीधे किसान से फल सब्जियां खरीदेगा और उन्हें बेचने के लिए सीधे उपभोक्ता तक पहुुुंचेगा। इससे लोगों को मुनासिब दाम पर ताजा फ्रेश फल और सब्जियां मिल पाएंगी। गाड़ी में एसी होगा, जो कि गर्मी में भी फलों और सब्जियों कोे खराब नहीं होने देगा।
दो मॉडल दिए जा रहे
गाड़ी पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित है। इसमें दो तरह की गाड़ियां विभाग की ओर से दी जा रही हैं। इसमें एक मशीन चलित है और दूसरी मानव चलित है। मशीन चलित में स्टेयरिंग, गीयर, ब्रेक की सभी सुविधाएं होंगी और मानव चलित कार्ट चालक को खींचनी या धकेलनी पड़ेगी। मगर एसी दोनों में ही होगा जो सब्जियों को ताजा और फ्रेश रखेगा। इन गाड़ियों को सब्जी रखने के लिए अंदर से पूरी दुकान की तरह सुविधा होगी। फलों को एक साइड में रखा जा सकेगा और सब्जी को दूसरी साइड में है। गाड़ी का आकार ऐसा है कि उसे तंग गली में भी घुमाया जा सकता है।
पहले आओ पहले पाओ
जिला उद्यान अधिकारी ईलमचंद सैनी ने बताया कि विभाग की ओर से इसी सोच के साथ यह योजना चलाई है कि एक तो बेरोजगारों को रोजगार मिल जाए और दूसरा लोगों के ताजी और फ्रेश सब्जी मिल सके। पहले आओ पहले पाओ पर आधारित यह योजना है। गाड़ी लेने का आवेदन आने के चार से पांच दिन में गाड़ी उपलब्ध करा दी जाती है।