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Yamuna Nagar News: रेलवे बाईपास पर बनेगा नया अंडरपास, पुराना नहीं खुलेगा
Sat, 25 Apr 2026 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Apr 2026 01:00 AM IST
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चांदपुर में बंद पड़ा अंडरपास। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच स्थित रेलवे बाईपास के नीचे अब नया अंडरपास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। पहले इस स्थान पर वर्षों से बंद पड़े पुराने अंडरपास को दोबारा खोलने की योजना थी। तकनीकी कारणों से अब नया अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है।
पुराने अंडरपास को 11 साल पहले बंद कर दिया गया था, जिसके बाद बाईपास के दोनों ओर रहने वाले लोगों को सड़क पार कर आना-जाना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर सड़क सुरक्षा बैठकों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी। पीडब्ल्यूडी ने पहले पुराने अंडरपास को खोलने के लिए करीब एक करोड़ छह लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा था, लेकिन फाइल को होल्ड कर दिया गया।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुराने अंडरपास को दोबारा खोलने से रेलवे बाईपास की संरचना को खतरा हो सकता है। इसी को देखते हुए अब पुराने स्थान से करीब 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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फिलहाल प्रशासन ने लोगों को सड़क पार करने से रोकने के लिए बाईपास के किनारे पांच फीट ऊंची लोहे की ग्रिल लगवा दी है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते देखे जाते हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का हिस्सा सबसे अधिक दुर्घटनाग्रस्त माना जाता है।
यहां से इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी, कुलदीप नगर और गांधी नगर सहित दर्जनों कॉलोनियों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। अनुमान है कि इस क्षेत्र में 50 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। इन कॉलोनियों के लोगों को इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी, पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय और स्टेशन रोड जाने के लिए मजबूरी में बाईपास पार करना पड़ता है।
रेलवे ओवरब्रिज शहर की लाइफलाइन होने के कारण इस मार्ग पर हर समय भारी यातायात रहता है। यहां से न केवल शहर बल्कि कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले वाहन भी गुजरते हैं। वर्ष 2019 से अब तक इस स्थान पर 35 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या के कारण करीब 11 साल पहले पुराने अंडरपास को दोनों ओर से दीवार बनाकर बंद कर दिया गया था।
रेलवे बाईपास पर पहले पुराने बंद पड़े अंडरपास को खोलने की योजना थी। सुरक्षा कारणों के चलते इसे बंद ही रखने का निर्णय लिया गया है। अब इससे 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाया जाएगा। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच स्थित रेलवे बाईपास के नीचे अब नया अंडरपास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। पहले इस स्थान पर वर्षों से बंद पड़े पुराने अंडरपास को दोबारा खोलने की योजना थी। तकनीकी कारणों से अब नया अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है।
पुराने अंडरपास को 11 साल पहले बंद कर दिया गया था, जिसके बाद बाईपास के दोनों ओर रहने वाले लोगों को सड़क पार कर आना-जाना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर सड़क सुरक्षा बैठकों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी। पीडब्ल्यूडी ने पहले पुराने अंडरपास को खोलने के लिए करीब एक करोड़ छह लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा था, लेकिन फाइल को होल्ड कर दिया गया।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुराने अंडरपास को दोबारा खोलने से रेलवे बाईपास की संरचना को खतरा हो सकता है। इसी को देखते हुए अब पुराने स्थान से करीब 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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फिलहाल प्रशासन ने लोगों को सड़क पार करने से रोकने के लिए बाईपास के किनारे पांच फीट ऊंची लोहे की ग्रिल लगवा दी है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते देखे जाते हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का हिस्सा सबसे अधिक दुर्घटनाग्रस्त माना जाता है।
यहां से इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी, कुलदीप नगर और गांधी नगर सहित दर्जनों कॉलोनियों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। अनुमान है कि इस क्षेत्र में 50 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। इन कॉलोनियों के लोगों को इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी, पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय और स्टेशन रोड जाने के लिए मजबूरी में बाईपास पार करना पड़ता है।
रेलवे ओवरब्रिज शहर की लाइफलाइन होने के कारण इस मार्ग पर हर समय भारी यातायात रहता है। यहां से न केवल शहर बल्कि कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले वाहन भी गुजरते हैं। वर्ष 2019 से अब तक इस स्थान पर 35 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या के कारण करीब 11 साल पहले पुराने अंडरपास को दोनों ओर से दीवार बनाकर बंद कर दिया गया था।
रेलवे बाईपास पर पहले पुराने बंद पड़े अंडरपास को खोलने की योजना थी। सुरक्षा कारणों के चलते इसे बंद ही रखने का निर्णय लिया गया है। अब इससे 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाया जाएगा। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।

चांदपुर में बंद पड़ा अंडरपास। संवाद