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Yamuna Nagar News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की महिला लिपिक 30 हजार रिश्वत लेते काबू
Wed, 21 Jan 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:33 AM IST
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आरोपी महिला क्लर्क दिव्या को लेकर जाती एसीबी की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के दावों के बीच एक और मामला सामने आया है। अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तैनात महिला क्लर्क दिव्या को रंगेहाथ दबोच लिया।
यह कार्रवाई मंगलवार शाम को की गई, जब आरोपी क्लर्क 30 हजार रुपये की रिश्वत ले रही थी। मामले में महिला क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। करनाल जिले के गांव घरौंदा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड क्षेत्र में प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है।
अस्पताल संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी अनिवार्य होती है। इसी प्रक्रिया के तहत रिंकू ने विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने की फाइल आगे बढ़ाने के बदले विभाग में तैनात आरोपी महिला क्लर्क ने 30 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर रिंकू ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर जाल बिछाने का फैसला लिया गया। तय रणनीति के तहत मंगलवार शाम को शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही क्लर्क ने 30 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से आसपास तैनात एसीबी की टीम ने तत्काल उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और रिश्वत की रकम को भी बरामद कर लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में विभाग के अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की कोई भूमिका तो नहीं है।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं कि जरूरी अनुमति और एनओसी जैसी प्रक्रियाओं में आम लोगों को अब भी क्यों रिश्वत का सहारा लेना पड़ता है। एसीबी की कार्रवाई से जहां भ्रष्टाचारियों में खलबली मची है, वहीं ईमानदार आवेदकों ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
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यमुनानगर। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के दावों के बीच एक और मामला सामने आया है। अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तैनात महिला क्लर्क दिव्या को रंगेहाथ दबोच लिया।
यह कार्रवाई मंगलवार शाम को की गई, जब आरोपी क्लर्क 30 हजार रुपये की रिश्वत ले रही थी। मामले में महिला क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। करनाल जिले के गांव घरौंदा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड क्षेत्र में प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है।
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अस्पताल संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी अनिवार्य होती है। इसी प्रक्रिया के तहत रिंकू ने विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने की फाइल आगे बढ़ाने के बदले विभाग में तैनात आरोपी महिला क्लर्क ने 30 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर रिंकू ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर जाल बिछाने का फैसला लिया गया। तय रणनीति के तहत मंगलवार शाम को शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही क्लर्क ने 30 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से आसपास तैनात एसीबी की टीम ने तत्काल उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और रिश्वत की रकम को भी बरामद कर लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में विभाग के अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की कोई भूमिका तो नहीं है।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं कि जरूरी अनुमति और एनओसी जैसी प्रक्रियाओं में आम लोगों को अब भी क्यों रिश्वत का सहारा लेना पड़ता है। एसीबी की कार्रवाई से जहां भ्रष्टाचारियों में खलबली मची है, वहीं ईमानदार आवेदकों ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

आरोपी महिला क्लर्क दिव्या को लेकर जाती एसीबी की टीम। संवाद