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Yamuna Nagar News: दो भाइयों की तलाश में 10 किमी खंगाली नहर
Sat, 21 Feb 2026 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बूड़िया क्षेत्र स्थित पश्चिमी यमुना नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए दो सगे भाई उदय और आर्यन का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं टीमों ने अब तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में नहर की तलाशी ली है।
टीमें नहर की गहराई में उतरकर भी सर्च अभियान चला रही हैं। रविवार सुबह से ही गोताखोर फिर से नहर में उतरे और संभावित स्थानों पर खोजबीन की। गोताखोर अमर के अनुसार इन दिनों नहर में पानी का बहाव सामान्य है, लेकिन मौसम में ठंडक के कारण पानी काफी ठंडा है। ऐसे में पानी में डूबे शव कई बार चार से पांच दिन बाद ही सतह पर आते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 48 घंटे अहम रह सकते हैं और कोई सुराग मिल सकता है।
परिजनों के अनुसार दोनों मंगलवार शाम पूजा सामग्री विसर्जित करने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। अगली सुबह बूड़िया के पास नहर किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली और पास ही चप्पल पड़ी थी। इससे दोनों के नहर में डूबने की आशंका जताई गई।
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सूचना मिलते ही बूड़िया थाना पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया। हादसे के बाद से मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। बड़ा भाई उदय नाई की दुकान पर काम करता था, छोटा भाई आर्यन दिहाड़ी मजदूरी करता था। परिजन नहर किनारे डटे हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद हैं।
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यमुनानगर। बूड़िया क्षेत्र स्थित पश्चिमी यमुना नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए दो सगे भाई उदय और आर्यन का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं टीमों ने अब तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में नहर की तलाशी ली है।
टीमें नहर की गहराई में उतरकर भी सर्च अभियान चला रही हैं। रविवार सुबह से ही गोताखोर फिर से नहर में उतरे और संभावित स्थानों पर खोजबीन की। गोताखोर अमर के अनुसार इन दिनों नहर में पानी का बहाव सामान्य है, लेकिन मौसम में ठंडक के कारण पानी काफी ठंडा है। ऐसे में पानी में डूबे शव कई बार चार से पांच दिन बाद ही सतह पर आते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 48 घंटे अहम रह सकते हैं और कोई सुराग मिल सकता है।
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परिजनों के अनुसार दोनों मंगलवार शाम पूजा सामग्री विसर्जित करने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। अगली सुबह बूड़िया के पास नहर किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली और पास ही चप्पल पड़ी थी। इससे दोनों के नहर में डूबने की आशंका जताई गई।
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सूचना मिलते ही बूड़िया थाना पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया। हादसे के बाद से मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। बड़ा भाई उदय नाई की दुकान पर काम करता था, छोटा भाई आर्यन दिहाड़ी मजदूरी करता था। परिजन नहर किनारे डटे हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद हैं।