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कब्रें खुदने से कामा माजरा में तनाव
Yamuna Nagar
Updated Sat, 02 Feb 2013 05:30 AM IST
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यमुनानगर। कामा माजरा गांव में ट्यूबवेल के लिए की गई खुदाई के दौरान कब्रिस्तान की कुछ कब्रें खुद गईं जिस कारण गांव में तनाव की स्थिति बन गई। एक समुदाय के गुस्साए लोगों ने पब्लिक हेल्थ की बोरिंग मशीन के शीशे तोड़ दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद को सुलझाने का प्रयास किया।
नगर निगम के तहत आने वाली रायपुर ग्राम पंचायत के गांव कामा माजरा में कब्रिस्तान के पास ट्यूबवेल बोर के लिए खुदाई करवाई जा रही है। बुधवार देर शाम बोरिंग के दौरान निकलने वाली गीली मिट्टी को जमा करने के लिए पास में ही चार फुट गहरा और लगभग दस फुट चौड़ा गड्ढा खोदा गया। वीरवार शाम गांव के लोगों ने देखा कि जहां खुदाई की गई है वहां पर मानव शरीर की अस्थियां पड़ी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कर्मचारियों ने गांव के कब्रिस्तान में खुदाई कर दी जिससे छह-सात कब्रें खुद गईं। इससे गुस्साए लोगों ने वहां खड़ी बोरिंग मशीन के वाहन का शीशा तोड़ दिया और बोरिंग का काम रुकवा दिया।
ग्रामीण महरूफ, शेरू, आरिफ अली, कामिल, अख्तर, वाजिद, शहनाज, शमशेर, फु रकान, वजीरन, इस्लाम और साजिद ने कहा कि कब्रिस्तान 70 साल से भी अधिक पुराना है। गांव के पूर्व सरपंच ने लोगों का समझाने का प्रयास किया लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। कब्रिस्तान की कब्रें खोदे जाने की शिकायत ग्रामीणों ने सदर थाने में दी। शुक्रवार सुबह ग्रामीण और पूर्व सरपंच थाने पहुंचे। एसएचओ ने मसले को पंचायत के माध्यम से सुलझाने के लिए दो दिन का समय दिया है।
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पंचायत के माध्यम से सुलझा लिया जाएगा विवाद
पूर्व सरपंच लियाकत अली ने कहा कि जिस समय खुदाई का कार्य शुरू किया गया उस समय मौके पर कोई मौजिज व्यक्ति मौजूद नहीं था। कर्मचारियों को यह मालूम नहीं था कि कब्रिस्तान कहां तक है। ऐसे में अनजाने में कब्रिस्तान की कब्रें खुद गईं। उन्होंने कहा कि पंचायत में इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन फरवरी तक का समय दिया है : एसएचओ
सदर थाना प्रभारी प्रेमचंद ने बताया कि कामा माजरा के कुछ लोग शुक्रवार सुबह कब्रें खुद जाने की शिकायत लेकर उनके पास आए थे। पंचायत के माध्यम से तीन फरवरी तक विवाद सुलझाने का समय दिया गया है।
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नगर निगम के तहत आने वाली रायपुर ग्राम पंचायत के गांव कामा माजरा में कब्रिस्तान के पास ट्यूबवेल बोर के लिए खुदाई करवाई जा रही है। बुधवार देर शाम बोरिंग के दौरान निकलने वाली गीली मिट्टी को जमा करने के लिए पास में ही चार फुट गहरा और लगभग दस फुट चौड़ा गड्ढा खोदा गया। वीरवार शाम गांव के लोगों ने देखा कि जहां खुदाई की गई है वहां पर मानव शरीर की अस्थियां पड़ी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कर्मचारियों ने गांव के कब्रिस्तान में खुदाई कर दी जिससे छह-सात कब्रें खुद गईं। इससे गुस्साए लोगों ने वहां खड़ी बोरिंग मशीन के वाहन का शीशा तोड़ दिया और बोरिंग का काम रुकवा दिया।
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ग्रामीण महरूफ, शेरू, आरिफ अली, कामिल, अख्तर, वाजिद, शहनाज, शमशेर, फु रकान, वजीरन, इस्लाम और साजिद ने कहा कि कब्रिस्तान 70 साल से भी अधिक पुराना है। गांव के पूर्व सरपंच ने लोगों का समझाने का प्रयास किया लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। कब्रिस्तान की कब्रें खोदे जाने की शिकायत ग्रामीणों ने सदर थाने में दी। शुक्रवार सुबह ग्रामीण और पूर्व सरपंच थाने पहुंचे। एसएचओ ने मसले को पंचायत के माध्यम से सुलझाने के लिए दो दिन का समय दिया है।
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पंचायत के माध्यम से सुलझा लिया जाएगा विवाद
पूर्व सरपंच लियाकत अली ने कहा कि जिस समय खुदाई का कार्य शुरू किया गया उस समय मौके पर कोई मौजिज व्यक्ति मौजूद नहीं था। कर्मचारियों को यह मालूम नहीं था कि कब्रिस्तान कहां तक है। ऐसे में अनजाने में कब्रिस्तान की कब्रें खुद गईं। उन्होंने कहा कि पंचायत में इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन फरवरी तक का समय दिया है : एसएचओ
सदर थाना प्रभारी प्रेमचंद ने बताया कि कामा माजरा के कुछ लोग शुक्रवार सुबह कब्रें खुद जाने की शिकायत लेकर उनके पास आए थे। पंचायत के माध्यम से तीन फरवरी तक विवाद सुलझाने का समय दिया गया है।