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तारकोल से खुलेगी सड़क की पोल
Yamuna Nagar
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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जगाधरी। सेक्टर-17 में ठेकेदार द्वारा बनाई गई सड़कों में तारकोल कितनी मात्रा में डाला गया है, इसका खुलासा अब जल्द ही हो जाएगा। बृहस्पतिवार शाम को पीडब्लूडी व हुडा विभाग के अधिकारियों ने सेक्टर-17 में बनी नई सड़कों से तीन जगहों से सैंपल लिए और गेज के जरिए सड़कों की मोटाई मापी। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सैंपलों को जांच के लिए विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग में भेजा जाएगा। जहां से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 4 नवंबर को जब एसडीएम राज नारायण कौशिक ने स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के पास नई सड़क को अपने जूते की नोंक से उखाड़ दिया था। इसके बाद एसडीएम ने ठेकेदार की पेमेंट रोकने व सड़क के सैंपल भरवाकर इसकी जांच करने के आदेश दिए थे।
पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ रिषी सचदेवा ने बताया कि हाल ही में उन्हें एसडीएम राज नारायण कौशिक द्वारा जारी आदेश मिले हैं, जिसके बाद सेक्टर-17 में ठेकेदार द्वारा बनाई गई नई सड़कों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल लेने वाली टीम में उनके अलावा पीडब्लूडी विभाग से एएसडीई जसमेर व अनिल कांबोज, एसडीओ हुडा करनाल धर्मवीर मैहला, जेई हुडा (जगाधरी) सुभाष शामिल रहे। संयुक्त टीम ने मकान नंबर-1148 (नजदीक कम्यूनिटी सेंटर) के सामने से, मकान नंबर-1396 (नजदीक रेडक्रास) के सामने से और स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के सामने से सैंपल लिए। उन्होंने बताया कि इन सैंपलों को विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग में जांच के लिए भेजा जाएगा। जहां पर पता लगाया जाएगा कि सड़क में तारकोल की मात्रा कितनी है।
गेज के जरिए मापी सड़क की मोटाई
जहां-जहां से संयुक्त टीम ने सड़क के सैंपल लिए, वहीं पर गेज के जरिए सड़क की मोटाई को मापा गया, ताकि पता लगाया जा सके कि सड़क में बजरी की कितनी मोटी परत चढ़ाई गई है। पीडब्लूडी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी की परत की मोटाई व उसमें तारकोल की मात्रा सबसे ज्यादा अहम होती है। अगर इन दोनों में से किसी एक की भी मात्रा कम होती है, तो जाहिर सी बात है, सड़क समय से पहले ही टूटनी शुरू हो जाएगी। गेज के जरिए जहां सड़क में बजरी की परत की जांच की जा रही है, वहीं लैब में तारकोल की मात्रा जांच की जाएगी। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि सड़क निर्माण के सभी मानक पूरे कर रही है या नहीं।
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कुरुक्षेत्र में होगी सैंपलों की जांच
एसडीएम राज नारायण कौशिक ने बताया कि उन्होंने भी ठेकेदार द्वारा बनाई गई नई सड़कों से सैंपल भरवाए हैं। जिन्हें जांच के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पीडब्लूडी विभाग द्वारा सैंपलों की जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसे एनआईटी कुरुक्षेत्र द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के साथ मिला कर देखा जाएगा। इसके आधार पर एक संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद ही तय होगा कि ठेकेदार को पेमेंट दी जाए या नहीं। जब तक ठेकेदार अपना काम ठीक प्रकार से नहीं करेगा, तब तक उसे विभाग की ओर से एक भी पैसा जारी नहीं किया जाएगा।
ठेकेदार के काम से असंतुष्ट हैं सेक्टरवासी
अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विजय सिंह का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सेक्टर-17 में बनाई जा रही सड़कों से सेक्टरवासी असंतुष्ट हैं। आए दिन सेक्टरवासी उनके पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी हाउसिंग बोर्ड के लोग एकत्रित होकर उनके पास आए और उन्होंने सड़कों का निर्माण कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेकेदार सड़क निर्माण में लीपापोती करने में लगा है। आए दिन कहीं न कहीं लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हुडा प्रशासन ने सेक्टर-17 में 8 सड़कों के निर्माण के लिए करनाल की एक कंपनी को 56 लाख रुपये में ठेका दिया हुआ है। इसमें जिमखाना क्लब से नेशनल हाईवे नंबर-73 की ओर जाने वाली सड़क, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल से रेडक्रास की ओर जाने वाली सड़क, रेडक्रास से गुरुद्वारे की ओर जाने वाली सड़क, गुरुद्वारे से कम्यूनिटी सेंटर की ओर जाने वाली सड़क, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल से नाले की ओर जाने वाली सड़क आदि शामिल है।
सेक्टरवासी बोले, थैंक्यू अमर उजाला
4 नवंबर को जब एसडीएम राज नारायण कौशिक ने सेक्टर-17 में अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन की शिकायत पर सड़कों की जांच की थी, तब अमर उजाला ने नई सड़क पर भारी पड़ा एसडीएम का जूता शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अमर उजाला ने इस मामले को इतनी प्रमुखता से उठाया कि बृहस्पतिवार को पीडब्लूडी व हुडा विभाग की संयुक्त टीम ने सड़कों से जांच के लिए सैंपल लिए। शाम को स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के पास सेक्टरवासियों ने अमर उजाला प्रतिनिधियों को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने के लिए थैंक्यू कहा और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की मांग की। सेक्टरवासी संजय कुमार, रवि कुमार, संजीव व विशाल ने कहा कि अमर उजाला की बदौलत ही उनके क्षेत्र की सड़क का निर्माण ठीक प्रकार से हो रहा है।
मशीनरी खराब होने की वजह से आई दिक्कत
सेक्टर-17 में टीम द्वारा लिए जा रहे नई सड़कों के सैंपल के दौरान ठेकेदार भी मौके पर मौजूद रहा। ठेकेदार ने बताया कि उनकी मशीनरी में खराबी होने की वजह से निर्माण में थोड़ी दिक्कतें सामने आई है। अब मशीन ठीक हो गई है। इस लिहाज से बढ़िया सड़क बनाई जा रही है।
कोट
सेक्टर-17 में सड़कों से तीन जगहों से सैंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग में भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रिषी सचदेवा, एसडीओ, पीडब्लूडी विभाग, यमुनानगर।
कोट
सेक्टर-17 में बनाई गई नई सड़कों के सैंपल लेकर उन्हें एनआईटी कुरुक्षेत्र जांच के लिए भेजा गया है। जहां से अभी तक रिपोर्ट आनी बाकी है। एनआईटी व पीडब्लूडी विभाग से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राज नारायण कौशिक, एसडीएम, जगाधरी।
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पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ रिषी सचदेवा ने बताया कि हाल ही में उन्हें एसडीएम राज नारायण कौशिक द्वारा जारी आदेश मिले हैं, जिसके बाद सेक्टर-17 में ठेकेदार द्वारा बनाई गई नई सड़कों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल लेने वाली टीम में उनके अलावा पीडब्लूडी विभाग से एएसडीई जसमेर व अनिल कांबोज, एसडीओ हुडा करनाल धर्मवीर मैहला, जेई हुडा (जगाधरी) सुभाष शामिल रहे। संयुक्त टीम ने मकान नंबर-1148 (नजदीक कम्यूनिटी सेंटर) के सामने से, मकान नंबर-1396 (नजदीक रेडक्रास) के सामने से और स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के सामने से सैंपल लिए। उन्होंने बताया कि इन सैंपलों को विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग में जांच के लिए भेजा जाएगा। जहां पर पता लगाया जाएगा कि सड़क में तारकोल की मात्रा कितनी है।
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गेज के जरिए मापी सड़क की मोटाई
जहां-जहां से संयुक्त टीम ने सड़क के सैंपल लिए, वहीं पर गेज के जरिए सड़क की मोटाई को मापा गया, ताकि पता लगाया जा सके कि सड़क में बजरी की कितनी मोटी परत चढ़ाई गई है। पीडब्लूडी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी की परत की मोटाई व उसमें तारकोल की मात्रा सबसे ज्यादा अहम होती है। अगर इन दोनों में से किसी एक की भी मात्रा कम होती है, तो जाहिर सी बात है, सड़क समय से पहले ही टूटनी शुरू हो जाएगी। गेज के जरिए जहां सड़क में बजरी की परत की जांच की जा रही है, वहीं लैब में तारकोल की मात्रा जांच की जाएगी। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि सड़क निर्माण के सभी मानक पूरे कर रही है या नहीं।
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कुरुक्षेत्र में होगी सैंपलों की जांच
एसडीएम राज नारायण कौशिक ने बताया कि उन्होंने भी ठेकेदार द्वारा बनाई गई नई सड़कों से सैंपल भरवाए हैं। जिन्हें जांच के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पीडब्लूडी विभाग द्वारा सैंपलों की जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसे एनआईटी कुरुक्षेत्र द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के साथ मिला कर देखा जाएगा। इसके आधार पर एक संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद ही तय होगा कि ठेकेदार को पेमेंट दी जाए या नहीं। जब तक ठेकेदार अपना काम ठीक प्रकार से नहीं करेगा, तब तक उसे विभाग की ओर से एक भी पैसा जारी नहीं किया जाएगा।
ठेकेदार के काम से असंतुष्ट हैं सेक्टरवासी
अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विजय सिंह का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सेक्टर-17 में बनाई जा रही सड़कों से सेक्टरवासी असंतुष्ट हैं। आए दिन सेक्टरवासी उनके पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी हाउसिंग बोर्ड के लोग एकत्रित होकर उनके पास आए और उन्होंने सड़कों का निर्माण कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेकेदार सड़क निर्माण में लीपापोती करने में लगा है। आए दिन कहीं न कहीं लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हुडा प्रशासन ने सेक्टर-17 में 8 सड़कों के निर्माण के लिए करनाल की एक कंपनी को 56 लाख रुपये में ठेका दिया हुआ है। इसमें जिमखाना क्लब से नेशनल हाईवे नंबर-73 की ओर जाने वाली सड़क, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल से रेडक्रास की ओर जाने वाली सड़क, रेडक्रास से गुरुद्वारे की ओर जाने वाली सड़क, गुरुद्वारे से कम्यूनिटी सेंटर की ओर जाने वाली सड़क, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल से नाले की ओर जाने वाली सड़क आदि शामिल है।
सेक्टरवासी बोले, थैंक्यू अमर उजाला
4 नवंबर को जब एसडीएम राज नारायण कौशिक ने सेक्टर-17 में अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन की शिकायत पर सड़कों की जांच की थी, तब अमर उजाला ने नई सड़क पर भारी पड़ा एसडीएम का जूता शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अमर उजाला ने इस मामले को इतनी प्रमुखता से उठाया कि बृहस्पतिवार को पीडब्लूडी व हुडा विभाग की संयुक्त टीम ने सड़कों से जांच के लिए सैंपल लिए। शाम को स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के पास सेक्टरवासियों ने अमर उजाला प्रतिनिधियों को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने के लिए थैंक्यू कहा और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की मांग की। सेक्टरवासी संजय कुमार, रवि कुमार, संजीव व विशाल ने कहा कि अमर उजाला की बदौलत ही उनके क्षेत्र की सड़क का निर्माण ठीक प्रकार से हो रहा है।
मशीनरी खराब होने की वजह से आई दिक्कत
सेक्टर-17 में टीम द्वारा लिए जा रहे नई सड़कों के सैंपल के दौरान ठेकेदार भी मौके पर मौजूद रहा। ठेकेदार ने बताया कि उनकी मशीनरी में खराबी होने की वजह से निर्माण में थोड़ी दिक्कतें सामने आई है। अब मशीन ठीक हो गई है। इस लिहाज से बढ़िया सड़क बनाई जा रही है।
कोट
सेक्टर-17 में सड़कों से तीन जगहों से सैंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग में भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रिषी सचदेवा, एसडीओ, पीडब्लूडी विभाग, यमुनानगर।
कोट
सेक्टर-17 में बनाई गई नई सड़कों के सैंपल लेकर उन्हें एनआईटी कुरुक्षेत्र जांच के लिए भेजा गया है। जहां से अभी तक रिपोर्ट आनी बाकी है। एनआईटी व पीडब्लूडी विभाग से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राज नारायण कौशिक, एसडीएम, जगाधरी।