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Yamuna Nagar News: इलेक्टि्रक बस स्टैंड का 80 फीसदी निर्माण कार्य हुआ पूरा
Fri, 27 Feb 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:16 AM IST
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इलेक्ट्रिक बस की कार्यशाला। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर के जगाधरी बस स्टैंड में बन रहा इलेक्ट्रिक बस स्टैंड इस साल जनता के लिए शुरू हो जाएगा। परियोजना का लगभग 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण के काम तेजी से किए जा रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस बस स्टैंड को खास तौर पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यहां चार्जिंग स्टेशन, कंट्रोल रूम, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी
बस स्टैंड के शुरू होते ही जिले को 25 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फिलहाल सीमित संसाधनों के कारण इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सीमित स्तर पर हो रहा है, लेकिन नए बस स्टैंड के चालू होते ही बसों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इन बसों के जरिए यमुनानगर, जगाधरी और आसपास के कस्बों को जोड़ने की योजना है। इलेक्ट्रिक बसों से न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि डीजल पर निर्भरता भी कम होगी।
वर्तमान में जिले में पांच इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। ये बसें चुनिंदा रूटों पर चलाई जा रही हैं और यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। हालांकि चार्जिंग और पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बसों की संख्या बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी। नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड के शुरू होते ही यह समस्या दूर हो जाएगी और बसों का बेड़ा तेजी से बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी और यात्रियों को आरामदायक, शोररहित और किफायती सफर का विकल्प मिलेगा।
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अभी पांच इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनकी चार्जिंग, धुलाई व मरम्मत के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। तैयार ड्राइंग मुताबिक जगाधरी बस स्टैंड पर जहां पुरानी वाहन पार्किंग थी, वहां बसों के चार्जिंग व वॉशिंग स्टेशन बन रहे हैं। यहां सात चार्जिंग प्वाइंट होंगे यानी एक साथ सात बसें चार्ज हो सकेंगी। साथ ही बसों की धुलाई भी हो सकेगी। चार्जिंग व वाशिंग स्टेशन के साथ एडमिन ब्लॉक होगा, जिसमें अफसर व स्टाफ के दफ्तर होंगे। इस पर आठ करोड़ खर्च का अनुमान है।
बस स्टैंड के दोनों प्रवेश द्वार के साथ परिसर की जगह पर कर्मशाला बन रही है। जहां बसों की समय से सर्विस के साथ कुछ भी खराबी होने पर मैकेनिक उसे तुरंत ठीक कर सकेंगे। सभी भवन लिफ्ट सुविधा के साथ होंगे। इनमें ग्राउंड फ्लोर पर दफ्तर व फर्स्ट फ्लोर पर बस चालकों व स्टाफ के रेस्ट व अन्य कार्यों के कमरे होंगे।
इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का तेजी से निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसी साल इसका शुभारंभ हो जाएगा। 25 बसें नई आनी हैं। इससे लोकल कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। - संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।
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यमुनानगर। यमुनानगर के जगाधरी बस स्टैंड में बन रहा इलेक्ट्रिक बस स्टैंड इस साल जनता के लिए शुरू हो जाएगा। परियोजना का लगभग 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण के काम तेजी से किए जा रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस बस स्टैंड को खास तौर पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यहां चार्जिंग स्टेशन, कंट्रोल रूम, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी
बस स्टैंड के शुरू होते ही जिले को 25 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फिलहाल सीमित संसाधनों के कारण इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सीमित स्तर पर हो रहा है, लेकिन नए बस स्टैंड के चालू होते ही बसों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इन बसों के जरिए यमुनानगर, जगाधरी और आसपास के कस्बों को जोड़ने की योजना है। इलेक्ट्रिक बसों से न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि डीजल पर निर्भरता भी कम होगी।
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वर्तमान में जिले में पांच इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। ये बसें चुनिंदा रूटों पर चलाई जा रही हैं और यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। हालांकि चार्जिंग और पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बसों की संख्या बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी। नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड के शुरू होते ही यह समस्या दूर हो जाएगी और बसों का बेड़ा तेजी से बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी और यात्रियों को आरामदायक, शोररहित और किफायती सफर का विकल्प मिलेगा।
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अभी पांच इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनकी चार्जिंग, धुलाई व मरम्मत के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। तैयार ड्राइंग मुताबिक जगाधरी बस स्टैंड पर जहां पुरानी वाहन पार्किंग थी, वहां बसों के चार्जिंग व वॉशिंग स्टेशन बन रहे हैं। यहां सात चार्जिंग प्वाइंट होंगे यानी एक साथ सात बसें चार्ज हो सकेंगी। साथ ही बसों की धुलाई भी हो सकेगी। चार्जिंग व वाशिंग स्टेशन के साथ एडमिन ब्लॉक होगा, जिसमें अफसर व स्टाफ के दफ्तर होंगे। इस पर आठ करोड़ खर्च का अनुमान है।
बस स्टैंड के दोनों प्रवेश द्वार के साथ परिसर की जगह पर कर्मशाला बन रही है। जहां बसों की समय से सर्विस के साथ कुछ भी खराबी होने पर मैकेनिक उसे तुरंत ठीक कर सकेंगे। सभी भवन लिफ्ट सुविधा के साथ होंगे। इनमें ग्राउंड फ्लोर पर दफ्तर व फर्स्ट फ्लोर पर बस चालकों व स्टाफ के रेस्ट व अन्य कार्यों के कमरे होंगे।
इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का तेजी से निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसी साल इसका शुभारंभ हो जाएगा। 25 बसें नई आनी हैं। इससे लोकल कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। - संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।

इलेक्ट्रिक बस की कार्यशाला। संवाद