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जगाधरी से हटेंगे खतरा बने लोहे के 600 पोल, खर्च की भरपाई होने तक बिजली निगम रखेगा म्युनिसिपल टैक्स
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यमुनानगर। हादसों का पर्याय बन चुके लोहे के पोल से शहरवासियों को जल्द निजात मिलेगी। शहर से लोहे के पोल को हटाने के लिए बिजली निगम ने तैयारी कर ली है। पहले चरण में जगाधरी शहर से लोहे के पोल हटाए जाने हैं। पोल हटाने पर एक से सवा करोड़ रुपये खर्च आएगा। पोल हटाए जाने से लोगों को न केवल इनमें आने वाले करंट से बल्कि हादसों से भी निजात मिलेगी। कई बार तो जंग लगा होने के कारण यह पोल गिर भी चुके हैं। मार्च माह के बाद पोल हटाने का काम शुरू होने की उम्मीद है।
लोहे के पोल हटाने के बाद उनकी जगह सीमेंट के पोल लगाए जाने हैं। इसके लिए पहले नगर निगम को बिजली निगम को एक से सवा करोड़ रुपये का बजट जमा कराना होगा। नगर निगम का खजाना पहले ही खाली पड़ा है। इतनी राशि जमा कराने में निगम अधिकारी भी सक्षम नहीं है। ऐसे में बिजली निगम इस राशि की भरपाई शहरी क्षेत्र के बिजली बिलों में लग कर आ रहे म्युनिसपिल टैक्स से करेगा। ज्ञात हो कि लोगों को जो बिल मिलते हैं उनमें हर बार म्युनिसिपल टैक्स लग कर आता है। जब तक पोल हटाने का खर्च पूरा नहीं होगा तब तक यह टैक्स नगर निगम की बजाय बिजली निगम अपने पास रखेगा। पोल हटाने के लिए शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने भी नगर निगम को पत्र लिखा है।
जगाधरी में ही खड़े हैं 600 से अधिक पोल
जगाधरी और यमुनानगर में लोहे के पोल की संख्या एक हजार से 1200 तक बताई जा रही है। इसमें से 600 लोहे के पोल तो केवल जगाधरी शहर में ही खड़े हैं। इन पोल से बिजली की 11 केवीए के तार गुजर रहे हैं। ज्यादातर पोल ऐसे हैं जिन पर तारों का जाल बिछा पड़ा है। जिन्हें देख कर पता भी नहीं चलता कि पोल से तार कहां-कहां जा रहे हैं। जगाधरी से लोहे के पोल हटाने के बाद यमुनानगर का नंबर आएगा।
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हर समय रहता है करंट लगने का खतरा
जगाधरी की जिन सड़कों व गलियों में लोहे के पोल खड़े हैं वह काफी संकरी हैं। इसलिए अक्सर लोगों के वाहन इनसे टकराते रहते हैं। बारिश के दिनों में लोहे के पोल में करंट भी आ जाता है। जिनकी चपेट में कई लावारिस पशुओं की मौत हो चुकी है। पोल हटाने के लिए लोग कई बार बिजली निगम के अधिकारियों को मांग पत्र भी दे चुके हैं।
वर्जन
शहर में सैकड़ों की संख्या में लोहे के पोल खड़े हैं। पहले जगाधरी से करीब 600 पोल हटाए जाएंगे। पोल हटाने पर जो खर्च आएगा उसकी भरपाई बिल में लगने वाले म्युनिसिपल टैक्स से की जाएगी।
-राजिंद्र कुमार, एसई, बिजली निगम।
फोटो: 2
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लोहे के पोल हटाने के बाद उनकी जगह सीमेंट के पोल लगाए जाने हैं। इसके लिए पहले नगर निगम को बिजली निगम को एक से सवा करोड़ रुपये का बजट जमा कराना होगा। नगर निगम का खजाना पहले ही खाली पड़ा है। इतनी राशि जमा कराने में निगम अधिकारी भी सक्षम नहीं है। ऐसे में बिजली निगम इस राशि की भरपाई शहरी क्षेत्र के बिजली बिलों में लग कर आ रहे म्युनिसपिल टैक्स से करेगा। ज्ञात हो कि लोगों को जो बिल मिलते हैं उनमें हर बार म्युनिसिपल टैक्स लग कर आता है। जब तक पोल हटाने का खर्च पूरा नहीं होगा तब तक यह टैक्स नगर निगम की बजाय बिजली निगम अपने पास रखेगा। पोल हटाने के लिए शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने भी नगर निगम को पत्र लिखा है।
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जगाधरी में ही खड़े हैं 600 से अधिक पोल
जगाधरी और यमुनानगर में लोहे के पोल की संख्या एक हजार से 1200 तक बताई जा रही है। इसमें से 600 लोहे के पोल तो केवल जगाधरी शहर में ही खड़े हैं। इन पोल से बिजली की 11 केवीए के तार गुजर रहे हैं। ज्यादातर पोल ऐसे हैं जिन पर तारों का जाल बिछा पड़ा है। जिन्हें देख कर पता भी नहीं चलता कि पोल से तार कहां-कहां जा रहे हैं। जगाधरी से लोहे के पोल हटाने के बाद यमुनानगर का नंबर आएगा।
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हर समय रहता है करंट लगने का खतरा
जगाधरी की जिन सड़कों व गलियों में लोहे के पोल खड़े हैं वह काफी संकरी हैं। इसलिए अक्सर लोगों के वाहन इनसे टकराते रहते हैं। बारिश के दिनों में लोहे के पोल में करंट भी आ जाता है। जिनकी चपेट में कई लावारिस पशुओं की मौत हो चुकी है। पोल हटाने के लिए लोग कई बार बिजली निगम के अधिकारियों को मांग पत्र भी दे चुके हैं।
वर्जन
शहर में सैकड़ों की संख्या में लोहे के पोल खड़े हैं। पहले जगाधरी से करीब 600 पोल हटाए जाएंगे। पोल हटाने पर जो खर्च आएगा उसकी भरपाई बिल में लगने वाले म्युनिसिपल टैक्स से की जाएगी।
-राजिंद्र कुमार, एसई, बिजली निगम।
फोटो: 2