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Yamuna Nagar News: जिले के 567 पुराने पेड़ को मिलेगी बुढ़ापा पेंशन
Fri, 06 Oct 2023 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:30 AM IST
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यमुनानगर। जिले के 70 साल से अधिक पुराने पेड़ों की पेंशन लगाने के लिए वन विभाग के जिन कर्मचारियों ने ढूंढ निकाला था। अब उनकी बुढ़ापा पेंशन लगने का समय आ आया। एक नवंबर से प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत जिले के 567 पुराने पेड़ों को 2750 रुपये सालाना यह पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। वहीं पेंशन लगने से पुराने पेड़ों का अस्तित्व भी बना रहेगा। चूंकि जिन जगहों पर ये पुराने पेड़ लगे हैं उनके मालिकों के खाते में पेड़ों की देखरेख के लिए पेंशन मिलेगी। बता दें पुराने पेड़ों की पेंशन लगाने के लिए करीब दो साल पूर्व वन विभाग ने जगाधरी, छछरौली, साढौरा व कलेसर रेंज के अलावा अन्य जगहों पर सर्वे किया था। जिसमें कलेसर रेंज से 60, छछरौली फॉरेस्ट रेंज से 122, साढौरा रेंज से 308, जगाधरी फॉरेस्ट रेंज से 77 पुराने पेड़ शामिल हैं।
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ऐसे की गई थी पेड़ की उम्र की पड़ताल
पेड़ों को चिन्हित करने के लिए सर्वे के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई हुई थी। जिसमें टीम मौके पर पहुंच कर पेड़ की उम्र जांच पड़ताल करती है। पेड़ों की उम्र गणितीय व अनुमान के आधार पर निकाली गई। बुजुर्गों व स्थानीय लोगों से जानकारी भी ली गई कि यह पेड़ कब रोपित किया गया। पेड़ की मोटाई और बढ़ने की चाल के आधार पर भी उम्र निकल जाती है। दूसरा ज्यादा दिक्कत आने पर ड्रिल का प्रयोग कर तने के छल्लों के आधार पर भी उम्र का आंकलन किया जाता है। बताया जा रहा है सर्वे में ज्यादातर पुराने पेड़ पीपल, बरगद व पिलखन के मिले हैं। इसके अलावा सिंबल आम व नीम के पेड़ भी है। बता दें एक स्वस्थ पेड़ हर रोज 250 से 300 लीटर तक हर रोज ऑक्सीजन देता है। जिससे चार से पांच लोगों को प्राण वायु मिलती है।
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ऐसे की गई थी पेड़ की उम्र की पड़ताल
पेड़ों को चिन्हित करने के लिए सर्वे के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई हुई थी। जिसमें टीम मौके पर पहुंच कर पेड़ की उम्र जांच पड़ताल करती है। पेड़ों की उम्र गणितीय व अनुमान के आधार पर निकाली गई। बुजुर्गों व स्थानीय लोगों से जानकारी भी ली गई कि यह पेड़ कब रोपित किया गया। पेड़ की मोटाई और बढ़ने की चाल के आधार पर भी उम्र निकल जाती है। दूसरा ज्यादा दिक्कत आने पर ड्रिल का प्रयोग कर तने के छल्लों के आधार पर भी उम्र का आंकलन किया जाता है। बताया जा रहा है सर्वे में ज्यादातर पुराने पेड़ पीपल, बरगद व पिलखन के मिले हैं। इसके अलावा सिंबल आम व नीम के पेड़ भी है। बता दें एक स्वस्थ पेड़ हर रोज 250 से 300 लीटर तक हर रोज ऑक्सीजन देता है। जिससे चार से पांच लोगों को प्राण वायु मिलती है।
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