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Yamuna Nagar News: फतेहाबाद की 31.72 हेक्टेयर भूमि रिजेक्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 03:12 AM IST
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31.72 hectares of Fatehabad land rejected
सुरेश सैनी
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यमुनानगर। वैदिक कालीन सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए आदिबद्री में हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर बनने वाले डैम के बदले हिमाचल को फतेहाबाद के टोहाना में दी गई 31.72 हेक्टेयर भूमि (80 एकड़) को चंडीगढ़ रीजनल ऑफिस ने रिजेक्ट कर दिया है।
इसका मुख्य कारण टोहाना की भूमि नियमानुसार नहीं थी, यहां भूमि पांच हेक्टेयर के टुकड़ों से कम थी। इस भूमि पर हिमाचल प्रदेश की तरफ से पौधे लगाए जाने थे। वहीं अब फतेहाबाद से 50 किमी. दूर सिरसा में नई 31.72 हेक्टेयर भूमि तलाश की गई है। जिसके टुकड़े पांच हेक्टेयर से अधिक मिले हैं। अब सिरसा के डीएफओ इस भूमि का निरीक्षण करेंगे।
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दरअसल, चंडीगढ़ रीजनल पावर कमेटी की मीटिंग इसी साल होनी थी, किंतु कमेटी ने जब मीटिंग से पहले केस को स्टडी कर जांच की तो फतेहाबाद में फाइनल हो चुकी 31.72 हेक्टेयर भूमि (80 एकड़) में पांच हेक्टेयर से कम के अलग-अलग टुकड़े मिलने पर इसे रिजेक्ट कर दिया।
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वहीं, अब सिरसा में उतनी ही भूमि देखी गई है अब उसका रेवन्यू रिकॉर्ड लगाकर सिरसा डीएफओ के पास भेजा जाएगा। उसके बाद वहां के डीएफओ भूमि का निरीक्षण कर रिपोर्ट करेंगे, फिर वह रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश सरकार के पास भेजी जाएगी।फिर डैम बनाने की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
सात गांवों से होकर गुजरेगी कनेक्टिंग अंडर पाइपलाइन
परियोजना के अनुसार साढ़े 7 किमी. तक लंबी कनेक्टिंग अंडर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसके लिए दिल्ली के केंद्रीय मृदा एवं सामग्री अनुसंधान केंद्र (सीएसएमआरएस) की ओर से टेस्टिंग सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनकी लैब में जांच हो रही है। यह सैंपल गांव रानीपुर, सुल्तानपुर, काठगढ़, रूल्लाहेड़ी सहित सात गांव से लिए गए हैं, क्योंकि इन्हीं गांवों से पाइपलाइन गुजरेगी।
इतना ही नहीं, यह पाइपलाइन 2200 एमएम (सवा दो मीटर चौड़ी) होगी। पूरी परियोजना के अभी तक 388 करोड़ रुपये सरकार से मंजूर हो चुके हैं लेकिन खर्चा बढ़ने पर यह राशि और भी बढ़ सकती है।
आदिबद्री डैम बनने के बाद सरस्वती नदी का जल हरियाणा में 198 किलोमीटर तक निरंतर प्रवाहित होगा। जल यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और कैथल के एरिया से बहकर पंजाब के पटियाला के सतड़ाना के पास घग्गर नदी में मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि आदिबद्री डैम के लिए 21 जनवरी 2022 में हरियाणा-हिमाचल के बीच में समझौता (एमओयू) हुआ था। परियोजना के अनुसार आदिबद्री बांध हिमाचल की 31.66 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। इस डैम की चौड़ाई 101.06 मीटर व ऊंचाई 20.5 मीटर होगी और बांध में हर साल 224.58 हेक्टेयर मीटर पानी का स्टोरेज होगा। 61.88 हेक्टेयर मीटर पानी हिमाचल व शेष करीब 162 हेक्टेयर मीटर पानी हरियाणा को मिलेगा।

वर्जन
फतेहाबाद के टोहाना की 31.72 हेक्टेयर भूमि को चंडीगढ़ रीजनल ऑफिस ने रिजेक्ट कर दिया है। इसका मुख्य कारण भूमि पांच हेक्टेयर के टुकड़ों से कम थी। अब सिरसा में देखी गई है जिसमें पांच हेक्टेयर भूमि से अधिक बड़े टुकड़े हैं। अब उसका रेवन्यू रिकॉर्ड लगाकर सिरसा डीएफओ के पास भेजा जाएगा। उसके बाद वहां के डीएफओ भूमि का निरीक्षण कर रिपोर्ट करेंगे, उसके बाद वह रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा।
-नितिन शांडिल्य, प्रोजेक्ट इंचार्ज एक्सईएन, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
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