जगाधरी। जिला व उपमंडल स्तर पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गुनीत अरोड़ा ने बताया कि जिलास्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल सहित अन्य अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायाधीशों ने वाहन दुर्घटना मुआवजा, मजदूरी विवाद, बैंक ऋण, राजस्व, नौकरी से संबंधित मामले, बच्चों व पत्नी के लिए भरण पोषण आदि से संबंधित लंबित विवाद, वैवाहिक, जमीन अधिग्रहण मुआवजा, बाढ़-पीड़ित, बिजली, पानी बिल, चेक बाउंस व राजीनामा योग्य, फौजदारी मामलों के मामलों की सुनवाई की।
इस दौरान 617 मामलों की सुनवाई करते हुए 202 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। जबकि 71 लाख 85 हजार 773 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई। सीजेएम ने बताया कि डॉ. नीलिमा सिंगला चेयरपर्सन ने प्री-लिटिगेशन के 97 मामले निपटाए गए। जबकि 22 लाख 13 हजार 600 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई। सीजेएम गुनीत अरोड़ा ने कहा कि लोक अदालत की यही पुकार, न किसी की जीत न किसी की हार को ध्यान में रखकर दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटान किया जाता है। इसलिए फैसले को अन्य किसी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। सीजेएम ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने मामलों का समाधान लोक अदालत से करवाए, ताकि उनके समय व धन की बचत हो सके। इसके अलावा उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं से भी कहा कि वे प्राधिकरण के तत्वावधान में शिविरों से नागरिकों को लंबित मामलों का निपटान लोक अदालत से करवाने बारे में जागरूक करें।