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नष्ट फसल का मुआवजा न मिलने पर ग्रामीण नाराज, एसडीएम से मिले
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खराब फसल के मुआवजे को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
रादौर। गांव रतनगढ़ (नंदपुरा) के दर्जनों लोग सोमवार को एसडीएम रादौर से मिले। ग्रामीणों ने श्यामलाल के नेतृत्व में एसडीएम रादौर कंवर सिंह को एक शिकायत पत्र देकर धान की फसल को हुए नुकसान की मुआवजा राशि दिए जाने में भेदभाव बरते जाने पर रोष प्रकट किया। किसानों ने एसडीएम के समक्ष खराब फसल की गिरदावरी ठीक से न किए जाने को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भेदभाव बरतने के आरोप लगाए। वहीं गांव में की गई गिरदावरी की उच्चस्तरीय जांच किए जाने की मांग की गई। जिस पर एसडीएम कंवरसिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे। जो भी दोषी होगा उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गांव नंदपुरा निवासी श्यामलाल, जयसिंह, सुमेरचंद, अमन कुमार, बाबुराम, रोशनलाल, चमनलाल, नरेश, रविन्द्र, मोलुराम, रामसिंह आदि ने बताया कि अक्टूबर 2018 में उनके गांव में ओलावृष्टि व भारी बरसात से गांव के किसानों की फसल तबाह हो गई थी। उस समय सरकार ने प्रभावित फसलों की विशेष गिरदावरी किए जाने के आदेश दिए थे। उनके गांव में भी विशेष गिरदावरी राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा की गई थी। गांव के कुछ लोगों को ही मुआवजा मिल पाया है। एक एक किसान को कई कई हजार रुपये मुआवजा मिला है। लेकिन उसके पड़ोसी को कोई मुआवजा नहीं मिला है। इससे पता चलता है कि पटवारी ने गिरदावरी ठीक प्रकार नहीं की। गिरदावरी किए जाने में घपला किया गया है। ग्रामीणों की एसडीएम से मांग है, कि दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए।
फोटो:- 31
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रादौर। गांव रतनगढ़ (नंदपुरा) के दर्जनों लोग सोमवार को एसडीएम रादौर से मिले। ग्रामीणों ने श्यामलाल के नेतृत्व में एसडीएम रादौर कंवर सिंह को एक शिकायत पत्र देकर धान की फसल को हुए नुकसान की मुआवजा राशि दिए जाने में भेदभाव बरते जाने पर रोष प्रकट किया। किसानों ने एसडीएम के समक्ष खराब फसल की गिरदावरी ठीक से न किए जाने को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भेदभाव बरतने के आरोप लगाए। वहीं गांव में की गई गिरदावरी की उच्चस्तरीय जांच किए जाने की मांग की गई। जिस पर एसडीएम कंवरसिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे। जो भी दोषी होगा उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गांव नंदपुरा निवासी श्यामलाल, जयसिंह, सुमेरचंद, अमन कुमार, बाबुराम, रोशनलाल, चमनलाल, नरेश, रविन्द्र, मोलुराम, रामसिंह आदि ने बताया कि अक्टूबर 2018 में उनके गांव में ओलावृष्टि व भारी बरसात से गांव के किसानों की फसल तबाह हो गई थी। उस समय सरकार ने प्रभावित फसलों की विशेष गिरदावरी किए जाने के आदेश दिए थे। उनके गांव में भी विशेष गिरदावरी राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा की गई थी। गांव के कुछ लोगों को ही मुआवजा मिल पाया है। एक एक किसान को कई कई हजार रुपये मुआवजा मिला है। लेकिन उसके पड़ोसी को कोई मुआवजा नहीं मिला है। इससे पता चलता है कि पटवारी ने गिरदावरी ठीक प्रकार नहीं की। गिरदावरी किए जाने में घपला किया गया है। ग्रामीणों की एसडीएम से मांग है, कि दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए।
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