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डेढ़ साल से सड़क से पानी निकासी का प्रबंध नहीं करवा सका प्रशासन, एसडीएम कार्यालय में छात्रों ने किया हंगामा, लगाए प्रशासन मुर्दा
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डेढ़ साल से सड़क से पानी निकासी का प्रबंध नहीं करवा सका प्रशासन, एसडीएम कार्यालय पहुंच छात्रों ने किया प्रदर्शन
लगाए मुर्दाबाद के नारे - तीन-चार दिन में समाधान नहीं होने पर छात्रों ने दी जाम लगाने की चेतावनी
- तहसीलदार तरूण साहोता को शिकायत देकर सुनाई स्कूल व कॉलेज तक जाने की व्यथा
बोले, गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है स्कूल व कॉलेज, कई बार गिरकर हो जाते है गंदे
- सरकारी कॉलेज व कई निजी स्कूलों के करीब एक हजार विद्यार्थियों को गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है अपने संस्थान
- बिलासपुर के छछरौली मोड़ पर बारिश के बाद जमा हो जाता है पानी
- सड़क पर पानी जमा होने से हजारों लोग रोजाना होते है परेशान, विद्यार्थी गिरकर होते है गंदगी
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। छछरौली मोड़ के पास बिलासपुर-छछरौली मार्ग पर प्रशासन डेढ़ साल से पानी निकासी का प्रबंध नहीं करवा सका। क्षेत्र के दर्जनों स्कूलों व सरकारी कॉलेज के हजारों विद्यार्थी रोजाना यहां से निकलते है। सड़क पर पानी व कीचड़ जमा होने से विद्यार्थियों व क्षेत्र के लोगों को निकलने में दिक्कत होती है। कई बार लोग गिरकर चोटिल व गंदे हो जाते है। सड़क से पानी निकासी न होने से गुस्साएं कॉलेज व स्कूल के विद्यार्थी व ग्रामीण सोमवार को एकजुट होकर एसडीएम बिलासपुर कार्यालय पहुंचे। स्कूली बच्चे दो बसों में सवार होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पहुंचे ही विद्यार्थियों ने लोक निर्माण प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। विद्यार्थी मांग करने आए थे कि छछरौली मोड़ पर पानी निकासी का प्रबंध किया जाए। एसडीएम नवीन आहूजा के यमुनानगर मीटिंग में होने के कारण तहसीलदार बिलासपुर तरूण साहोता ने उनकी बात को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो से तीन दिन में गटका डाल कर सड़क को चलने लायक बना दिया जाएगा। इसके बाद इसका स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
बॉक्स
एक से डेढ़ फुट तक जमा है सड़क पर पानी, नहीं जा पाते स्कूल :
पानी की निकासी के लिए गणपति स्कूल बिलासपुर के बच्चे दो बसों में सवार होकर सीधे एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद अन्य स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी भी पहुंच गए। यहां पर पहुंचते ही बच्चों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। बच्चों ने बिलासपुर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां पर पहले से ही छछरौली मोड़ पर काम करने वाले दुकानदार पहुंच चुके थे। बच्चों के प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही तहसीलदार तरूण साहोता मौके पर पहुंचे। जिसके बाद बच्चों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों ने बताया कि बिलासपुर में छछरौली मोड़ पर डेढ़ साल से गंदा पानी जमा है। इसका आज तक कोई समाधान नहीं किया गया। एक से डेढ़ फुट पानी खड़ा होने से वे स्कूल नहीं जा पाते। बारिश होने पर इसका स्तर और बढ़ जाता है। गंदे पानी से उनकी वर्दी खराब हो जाती है। जो बच्चे साइकिल पर स्कूल जाते हैं वे सड़क पर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कुछ बच्चों ने अपनी फटी हुई पेंट व घुटनों पर लगी चोट भी तहसीलदार को दिखाई।
बॉक्स
दुकानदारों का काम हो रहा खत्म :
दुकानदार डॉ. यशपाल, लालचंद, जयराम, ईश्वर चंद, जरनैल सिंह, संजीव वर्मा, अजय शर्मा, रिंकू, रितेश पंवार आदि ने कहा कि छछरौली मोड़ पर हर समय पानी खड़े रहने से उनका काम खत्म हो गया है। दुकानों पर ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है। ग्राहक बाजार में अन्य दुकानों पर चला जाता है। इससे उन्हें काफी नुकसान रहा है। यहां तक कि सड़क पर पानी जमा होने से लोग उनकी दुकानों के आगे से निकल रहे है।
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तीन दिन में समाधान न हुआ तो करेंगे रोड जाम :
एसडीएम कार्यालय में पहुंचे छात्रों व स्कूल स्टाफ के साथ-साथ दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि अगले तीन दिन में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोड पर जाम लगा देंगे। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत 15 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री को भी भेज चुके हैं, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला।
बॉक्स
दो एसडीओ की खींचतान का खामियाजा भुगत रहे हजारों लोग :
दुकानदारों व आसपास के लोगों ने बताया कि छछरौली मोड़ पर सड़क का 80 मीटर का हिस्सा पीडब्ल्यूडी एसडीओ के अधीन आता है जबकि इससे आगे छछरौली तक का हिस्सा एसडीओ छछरौली के पास आता है। लेकिन दोनों एसडीओ इसका निर्माण नहीं करवा रहे है। दोनों एसडीओ एक दूसरे पर जिम्मेदारी झाड़ देते हैं। इसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
छछरोड़ मोड़ से पानी की निकासी के लिए कुछ विद्यार्थी व लोग एसडीएम कार्यालय आए थे। लोगों की मांग के तहत फिलहाल गटका आदि डाल कर सड़क को चलने लायक बनाया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम से बात कर जल्द ही इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
- तरूण साहोता, तहसीलदार, बिलासपुर।
फोटो : 28 व 29
लगाए मुर्दाबाद के नारे - तीन-चार दिन में समाधान नहीं होने पर छात्रों ने दी जाम लगाने की चेतावनी
- तहसीलदार तरूण साहोता को शिकायत देकर सुनाई स्कूल व कॉलेज तक जाने की व्यथा
बोले, गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है स्कूल व कॉलेज, कई बार गिरकर हो जाते है गंदे
- सरकारी कॉलेज व कई निजी स्कूलों के करीब एक हजार विद्यार्थियों को गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है अपने संस्थान
- बिलासपुर के छछरौली मोड़ पर बारिश के बाद जमा हो जाता है पानी
- सड़क पर पानी जमा होने से हजारों लोग रोजाना होते है परेशान, विद्यार्थी गिरकर होते है गंदगी
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। छछरौली मोड़ के पास बिलासपुर-छछरौली मार्ग पर प्रशासन डेढ़ साल से पानी निकासी का प्रबंध नहीं करवा सका। क्षेत्र के दर्जनों स्कूलों व सरकारी कॉलेज के हजारों विद्यार्थी रोजाना यहां से निकलते है। सड़क पर पानी व कीचड़ जमा होने से विद्यार्थियों व क्षेत्र के लोगों को निकलने में दिक्कत होती है। कई बार लोग गिरकर चोटिल व गंदे हो जाते है। सड़क से पानी निकासी न होने से गुस्साएं कॉलेज व स्कूल के विद्यार्थी व ग्रामीण सोमवार को एकजुट होकर एसडीएम बिलासपुर कार्यालय पहुंचे। स्कूली बच्चे दो बसों में सवार होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पहुंचे ही विद्यार्थियों ने लोक निर्माण प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। विद्यार्थी मांग करने आए थे कि छछरौली मोड़ पर पानी निकासी का प्रबंध किया जाए। एसडीएम नवीन आहूजा के यमुनानगर मीटिंग में होने के कारण तहसीलदार बिलासपुर तरूण साहोता ने उनकी बात को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो से तीन दिन में गटका डाल कर सड़क को चलने लायक बना दिया जाएगा। इसके बाद इसका स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
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एक से डेढ़ फुट तक जमा है सड़क पर पानी, नहीं जा पाते स्कूल :
पानी की निकासी के लिए गणपति स्कूल बिलासपुर के बच्चे दो बसों में सवार होकर सीधे एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद अन्य स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी भी पहुंच गए। यहां पर पहुंचते ही बच्चों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। बच्चों ने बिलासपुर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां पर पहले से ही छछरौली मोड़ पर काम करने वाले दुकानदार पहुंच चुके थे। बच्चों के प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही तहसीलदार तरूण साहोता मौके पर पहुंचे। जिसके बाद बच्चों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों ने बताया कि बिलासपुर में छछरौली मोड़ पर डेढ़ साल से गंदा पानी जमा है। इसका आज तक कोई समाधान नहीं किया गया। एक से डेढ़ फुट पानी खड़ा होने से वे स्कूल नहीं जा पाते। बारिश होने पर इसका स्तर और बढ़ जाता है। गंदे पानी से उनकी वर्दी खराब हो जाती है। जो बच्चे साइकिल पर स्कूल जाते हैं वे सड़क पर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कुछ बच्चों ने अपनी फटी हुई पेंट व घुटनों पर लगी चोट भी तहसीलदार को दिखाई।
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दुकानदारों का काम हो रहा खत्म :
दुकानदार डॉ. यशपाल, लालचंद, जयराम, ईश्वर चंद, जरनैल सिंह, संजीव वर्मा, अजय शर्मा, रिंकू, रितेश पंवार आदि ने कहा कि छछरौली मोड़ पर हर समय पानी खड़े रहने से उनका काम खत्म हो गया है। दुकानों पर ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है। ग्राहक बाजार में अन्य दुकानों पर चला जाता है। इससे उन्हें काफी नुकसान रहा है। यहां तक कि सड़क पर पानी जमा होने से लोग उनकी दुकानों के आगे से निकल रहे है।
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तीन दिन में समाधान न हुआ तो करेंगे रोड जाम :
एसडीएम कार्यालय में पहुंचे छात्रों व स्कूल स्टाफ के साथ-साथ दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि अगले तीन दिन में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोड पर जाम लगा देंगे। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत 15 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री को भी भेज चुके हैं, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला।
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दो एसडीओ की खींचतान का खामियाजा भुगत रहे हजारों लोग :
दुकानदारों व आसपास के लोगों ने बताया कि छछरौली मोड़ पर सड़क का 80 मीटर का हिस्सा पीडब्ल्यूडी एसडीओ के अधीन आता है जबकि इससे आगे छछरौली तक का हिस्सा एसडीओ छछरौली के पास आता है। लेकिन दोनों एसडीओ इसका निर्माण नहीं करवा रहे है। दोनों एसडीओ एक दूसरे पर जिम्मेदारी झाड़ देते हैं। इसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
छछरोड़ मोड़ से पानी की निकासी के लिए कुछ विद्यार्थी व लोग एसडीएम कार्यालय आए थे। लोगों की मांग के तहत फिलहाल गटका आदि डाल कर सड़क को चलने लायक बनाया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम से बात कर जल्द ही इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
- तरूण साहोता, तहसीलदार, बिलासपुर।
फोटो : 28 व 29