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नगर निगम के 1545 किराएदार बनेंगे संपत्ति के मालिक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 01:18 AM IST
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1545 tenants of municipal corporation will become property owners, Yamunanagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम की संपत्तियों और दुकानों पर 20 साल व इससे अधिक समय से काबिज किराएदारोें को मलिकाना हक देने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है। मेयर मदन चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत टिवनसिटी में 1545 पात्र हैं। पात्र लोग संपत्ति पर अपना मालिकाना हक लेने के लिए www.ulb.shops.ulbharyana.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले पात्र नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते थे। अब केवल पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
मेयर चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिनों पहले घोषणा की थी कि शहरी स्थानीय निकाय की संपत्ति पर 20 साल व उससे ज्यादा समय तक के किरायेदारों को मालिकाना हक दिया जाएगा। शहर की मीरा बाई मार्केट, वर्कशॉप रोड, शिवाजी मार्केट, रामपुरा, इंदिरा मार्केट, जवाहर मार्केट, यमुनानगर अनाजमंडी व सब्जीमंडी कन्हैया चौक के नजदीक, जगाधरी व अन्य मार्केट में नगर निगम की दुकानें है। इनमें 1545 दुकानदार योजना के पात्र पाए गए हैं। पहले मालिकाना हक लेने के लिए दुकानदारों को नगर निगम कार्यालय में आकर आवेदन करना था। अब निदेशालय ने इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। अब पात्र अपने आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन करेंगे। सरकार की इस पॉलिसी के तहत टिवनसिटी के 1545 लोगों को उनकी दुकानों व अन्य संपत्तियों पर मालिकाना हक दिया जाएगा। इन लोगों को दुकान व अन्य संपत्ति की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के लिए कलेक्टर रेट में 20 से 50 फीसदी तक की छूट प्रदान की जाएगी। मेयर चौहान ने बताया 31 दिसंबर 2020 को 20 साल पूरे होने की अवधि मानी जाएगी, यानी उनकी लीज एक जनवरी 2000 से पहले की होनी चाहिए।
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ऐसे करना होगा आवेदन
प्रॉपर्टी अपने नाम करवाने के लिए लाभपात्र को पॉर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके साथ योग्यता संबंधित दस्तावेज, साइट प्लान, तल अनुसार निर्मित भवन प्लान स्वयं सत्यापित करके आवेदन के साथ देना होगा। आवेदन के साथ अधिकार को प्रमाणित करने के लिए निगम द्वारा जारी आबंटन पत्र, संपत्ति स्थानांतरण पत्र, वास्तविक आबंटी या उप किरायेदारी का समझौता पत्र, संबंधित संपत्ति को प्रमाणित करने वाला निगम का रिकार्ड, किराये की रसीद, बिजली या पानी कनेक्शन की प्रतिलिपि, संबंधित संपत्ति का सेल टैक्स, वेट, जीएसटी में से एक का संबंधित रजिस्ट्रेशन नंबर, आयकर रिर्टन या फायर एनओसी की प्रतिलिपि में से एक लगाना होगा। इसके बाद निगम अधिकारी इसकी जांच करेंगे। निर्धारित फीस जमा करवाने के बाद व्यक्ति को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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अलग-अलग मंजिल के लिए अलग कीमतें
यदि भवन केवल एक अलाटी के नाम है तो उसे बेस रेट देना होगा। दोमंजिला भवन होने पर भू-तल के लिए बेस रेट का 60 फीसदी और प्रथम तल के लिए बेस रेट का 40 फीसदी पैसा देना होगा। तीन मंजिला भवन होने पर भू-तल के लिए बेस रेट का 50 प्रतिशत, प्रथम तल के लिए बेस रेट का 30 प्रतिशत और द्वितीय तल के लिए बेस रेट का 20 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। छत का अधिकार ऊपरी तल के आवेदक का होगा, लेकिन इस पर अतिरिक्त निर्माण का अधिकार नहीं होगा। इसके अलावा बेसमेंट के लिए भी मालिकाना हक की योजना तैयार की जा रही है।
कलेक्टर रेट में ऐसे मिलेगी छूट
कब्जा - कलेक्टर रेट में छूट (रुपये में)
20 साल - 20 फीसदी
25 साल - 25 फीसदी
30 साल - 30 फीसदी
35 साल - 35 फीसदी
40 साल - 40 फीसदी
45 साल - 45 फीसदी
50 साल - 50 फीसदी
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