{"_id":"5b2017254f1c1bfd6e8b7662","slug":"152882973619-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस हफ्ते भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार रहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस हफ्ते भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार रहिए
Updated Wed, 13 Jun 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस हफ्ते भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार रहिए
यमुनानगर। भीषण गर्मी से लोग दिनभर झुलसते रहे। मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ। सुबह नौ बजे के बाद ही तापमान में इजाफा होने लगा। दोपहर में पंखे चलने के बावजूद पसीना पोंछने को मजबूर होना पड़ा। शाम को हवा चलने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। अगला पूरा सप्ताह इसी तरह भीषण गर्मी से निकलेगा। इस सप्ताह न आंधी, न बारिश और आसमान साफ रहेगा। मौसम विभाग ने प्री-मानसून बारिश कम से कम एक हफ्ते तक रुकने की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा पश्चिम हो गई है। इससे फिलहाल बारिश के कोई आसार नही हैं। मलमास की वजह से जेठ माह में अब एक पखवाड़े से कम का समय रह गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आषाढ़ माह की शुरुआत में ही मानसून की अच्छी बारिश हो जाने से धान की नर्सरी सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए खेत तैयार करने का अवसर मिल सकेगा। एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी का प्रभाव अधिक तेज होता जा रहा है। दोपहर के समय तेज धूप से बचाव के लिए छाते के साथ पेड़ों की छांव एक मात्र सहारा बन रहे है।
विज्ञापन
यमुनानगर। भीषण गर्मी से लोग दिनभर झुलसते रहे। मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ। सुबह नौ बजे के बाद ही तापमान में इजाफा होने लगा। दोपहर में पंखे चलने के बावजूद पसीना पोंछने को मजबूर होना पड़ा। शाम को हवा चलने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। अगला पूरा सप्ताह इसी तरह भीषण गर्मी से निकलेगा। इस सप्ताह न आंधी, न बारिश और आसमान साफ रहेगा। मौसम विभाग ने प्री-मानसून बारिश कम से कम एक हफ्ते तक रुकने की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा पश्चिम हो गई है। इससे फिलहाल बारिश के कोई आसार नही हैं। मलमास की वजह से जेठ माह में अब एक पखवाड़े से कम का समय रह गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आषाढ़ माह की शुरुआत में ही मानसून की अच्छी बारिश हो जाने से धान की नर्सरी सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए खेत तैयार करने का अवसर मिल सकेगा। एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी का प्रभाव अधिक तेज होता जा रहा है। दोपहर के समय तेज धूप से बचाव के लिए छाते के साथ पेड़ों की छांव एक मात्र सहारा बन रहे है।