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पूर्व मंत्री ने रोका रास्ता तो खनन माफिया ने बांध के उपर से निकाले वाहन
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:40 AM IST
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पूर्व मंत्री ने रोका रास्ता तो खनन माफिया ने बांध के ऊपर से निकालना शुरू किया वाहन
बाढ़ से गांव को बचाने के लिए बनाएं गए बांध को वाहनों के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद।
बेलगढ़ में अवैध खनन को रोकने और खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री निर्मल सिंह का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को जहां दीवार खड़ी की थी, वहां अब कमरा बनाया जा रहा है। इससे स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों के लिए रास्ता बिल्कुल बंद हो गया है। वहीं स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों ने वीरवार को अपने ट्रकों को बाढ़ से गांव व खेती को बचाने के लिए बनाएं गए बांध से निकालना शुरू कर दिया है। इस बांध से किसी भी कॉमर्शियल वाहन को निकालना वैध नहीं है। इस पर भी रोक लग गई तो उनके सामने अपना प्लांट बंद करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा।
दिनभर चलता रहा धरना : कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे दिन धरना स्थल पर डटे रहे। कुछ देर के लिए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह भी धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। बाद में मीटिंग में जाने की बात कहकर पूर्व मंत्री वहां से चले गए। इस मौके पर उदयवीर सिंह, प्रदीप, बलकार सिंह गुज्जर, काका नंबरदार, जसबीर सरपंच, सोहन सिंह, रूप सिंह, सुरेश, जगतार, विनित वालिया, ब्रह्मपाल राणा आदि मौजूद रहे।
वाहन चालकों ने अपनाया बांध का रास्ता : अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन चालकों ने बांध की पटरी से रात को ही वाहन निकालने शुरू कर दिए थे। इस पटरी से भारी वाहन निकालने पर पूर्णत: पाबंदी है और इसका उल्लंघन करने पर सजा व जुर्माने का भी प्रावधान है। पूरी रात धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूरी रात बेलगढ़ पटरी से भारी भरकम डंपर और गाड़ियां निकलती रही। प्रशासन को पटरी से निकलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
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बलकार सिंह के नाम है विवादित जमीन : बेलगढ़ में जिस रास्ते को लेकर 24 अप्रैल को गोलियां चली थी। वह जमीन अंबाला निवासी बलकार सिंह के नाम पर है। 2 मई को इस रास्ते की निशानदेही ब्रह्मदत रिटायर्ड कानूनगो के द्वारा की गई है। इसका निशानदेही हदबस्त नंबर 73 खसरा नंबर 53 का हिस्सा 11,12,13,14 है और रास्ते का खसरा नंबर 144 है। बलकार सिंह ने इस रास्ते की निशानदेही करवाकर कोर्ट में भी पेश की हुई है। इसे पेश करने से पूर्व मंत्री को जमानत मिल गई थी।
ये बोले पूर्व मंत्री : पूर्व मंत्री का कहना है कि उन्होंने किसी की जमीन पर खाई नहीं खुदवाई है। वे अपनी जमीन में ही खाई खोदकर कमरे का निर्माण करवा रहे हैं। इससे आगे 14 कनाल तक मेरी जमीन लगती है जोकि यमुना के अंदर तक है और वे अपनी जगह पर कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है। निर्मल सिंह का कहना है कि वे शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं ताकि प्रशासन नींद से जाग सके और बेलगढ़ में हो रहे अवैध खनन को बंद करवाया जा सके। यदि किसी को इस बारे में कोई परेशानी है तो वह हमारी तरह कानूनी रूप से लड़ाई लड़ सकता है और इसमें हमें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। बेलगढ़ में अवैध खनन होने से यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है और अगर यही हालात रहे तो यहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी बांध की पटरी को भी नुकसान हो सकता है।
बेलगढ़ में यदि अवैध खनन हो रहा है और उससे गांव वालों को नुकसान हो सकता है, तो ये गलत है। अपने स्तर पर इसकी जांच करवाऊंगा, लेकिन पटरी की सुरक्षा के लिए डीसी ही कुछ कह सकते हैं।
-संजय जून, माइनिंग डायरेक्टर
बेलगढ़ पटरी से भारी वाहनों के गुजरने पर पूर्णत: पाबंदी है और वाहन का चालान करने का भी प्रावधान है। यदि पटरी से भारी वाहन निकल रहे हैं तो इस बारे में चेक करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
फोटो नंबर 14, 15, 16
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बाढ़ से गांव को बचाने के लिए बनाएं गए बांध को वाहनों के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद।
बेलगढ़ में अवैध खनन को रोकने और खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री निर्मल सिंह का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को जहां दीवार खड़ी की थी, वहां अब कमरा बनाया जा रहा है। इससे स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों के लिए रास्ता बिल्कुल बंद हो गया है। वहीं स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों ने वीरवार को अपने ट्रकों को बाढ़ से गांव व खेती को बचाने के लिए बनाएं गए बांध से निकालना शुरू कर दिया है। इस बांध से किसी भी कॉमर्शियल वाहन को निकालना वैध नहीं है। इस पर भी रोक लग गई तो उनके सामने अपना प्लांट बंद करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा।
दिनभर चलता रहा धरना : कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे दिन धरना स्थल पर डटे रहे। कुछ देर के लिए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह भी धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। बाद में मीटिंग में जाने की बात कहकर पूर्व मंत्री वहां से चले गए। इस मौके पर उदयवीर सिंह, प्रदीप, बलकार सिंह गुज्जर, काका नंबरदार, जसबीर सरपंच, सोहन सिंह, रूप सिंह, सुरेश, जगतार, विनित वालिया, ब्रह्मपाल राणा आदि मौजूद रहे।
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वाहन चालकों ने अपनाया बांध का रास्ता : अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन चालकों ने बांध की पटरी से रात को ही वाहन निकालने शुरू कर दिए थे। इस पटरी से भारी वाहन निकालने पर पूर्णत: पाबंदी है और इसका उल्लंघन करने पर सजा व जुर्माने का भी प्रावधान है। पूरी रात धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूरी रात बेलगढ़ पटरी से भारी भरकम डंपर और गाड़ियां निकलती रही। प्रशासन को पटरी से निकलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
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बलकार सिंह के नाम है विवादित जमीन : बेलगढ़ में जिस रास्ते को लेकर 24 अप्रैल को गोलियां चली थी। वह जमीन अंबाला निवासी बलकार सिंह के नाम पर है। 2 मई को इस रास्ते की निशानदेही ब्रह्मदत रिटायर्ड कानूनगो के द्वारा की गई है। इसका निशानदेही हदबस्त नंबर 73 खसरा नंबर 53 का हिस्सा 11,12,13,14 है और रास्ते का खसरा नंबर 144 है। बलकार सिंह ने इस रास्ते की निशानदेही करवाकर कोर्ट में भी पेश की हुई है। इसे पेश करने से पूर्व मंत्री को जमानत मिल गई थी।
ये बोले पूर्व मंत्री : पूर्व मंत्री का कहना है कि उन्होंने किसी की जमीन पर खाई नहीं खुदवाई है। वे अपनी जमीन में ही खाई खोदकर कमरे का निर्माण करवा रहे हैं। इससे आगे 14 कनाल तक मेरी जमीन लगती है जोकि यमुना के अंदर तक है और वे अपनी जगह पर कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है। निर्मल सिंह का कहना है कि वे शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं ताकि प्रशासन नींद से जाग सके और बेलगढ़ में हो रहे अवैध खनन को बंद करवाया जा सके। यदि किसी को इस बारे में कोई परेशानी है तो वह हमारी तरह कानूनी रूप से लड़ाई लड़ सकता है और इसमें हमें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। बेलगढ़ में अवैध खनन होने से यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है और अगर यही हालात रहे तो यहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी बांध की पटरी को भी नुकसान हो सकता है।
बेलगढ़ में यदि अवैध खनन हो रहा है और उससे गांव वालों को नुकसान हो सकता है, तो ये गलत है। अपने स्तर पर इसकी जांच करवाऊंगा, लेकिन पटरी की सुरक्षा के लिए डीसी ही कुछ कह सकते हैं।
-संजय जून, माइनिंग डायरेक्टर
बेलगढ़ पटरी से भारी वाहनों के गुजरने पर पूर्णत: पाबंदी है और वाहन का चालान करने का भी प्रावधान है। यदि पटरी से भारी वाहन निकल रहे हैं तो इस बारे में चेक करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
फोटो नंबर 14, 15, 16