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कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर पर अनुदान पर लेने को करें आवेदन: डीसी
Updated Thu, 17 May 2018 12:56 AM IST
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कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर पर अनुदान पर लेने को करें आवेदन : डीसी
यमुनानगर। डीसी गिरीश अरोड़ा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि मशीनीकरण योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एग्री हरियाणा डॉट जी ओवी डॉट इन पर अनुदान एवं यंत्रों की जानकारी दी गई है। इच्छुक किसान इस पर आवेदन कर अनुदान योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सहायक कृषि अभियंता विनित जैन ने बताया कि कार्यालय में बोरिंग मशीन उपलब्ध है, जिसमें विभागीय बोरिंग मशीन द्वारा बोरिंग कार्य करने के लिए 10 व 12 ईंच वाले बोर 45 मीटर गहराई तक करने की सुविधा उपलब्ध है। किसान को विभाग के माध्यम से बोरिंग करवाने में बाहरी रेट से लगभग 25 प्रतिशत की बचत होती है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा 30 मीटर तक गहराई के बोर के लिए किसान को केवल 2500 रुपये देने होते हैं। अतिरिक्त गहराई के लिए 70 रुपये प्रति मीटर की दर से चार्ज अदा करना होता है। इसके अतिरिक्त किसान को लेबर, डीजल व ट्रांसपोर्टेशन पर होने वाले खर्च को स्वयं वहन करना होता है।
उन्होंने बताया कि किसान द्वारा बायोगैस संयंत्र लगवाने पर भी विभाग द्वारा नौ हजार रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। कस्टम हायरिंग पर भी विभिन्न यंत्र लेजर लेवलर, हैप्पी सीडर, डीएसआर व जिरो टिल सीड ड्रिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खेत समतल होने से लगभग 45 प्रतिशत पानी की बचत व पैदावार भी अधिक होती है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खेत को समतल करने का कार्य टै्रक्टर हायरिंग योजना के अंतर्गत विभागीय लेजर लेवलर द्वारा न्यूनतम दर पर किया जाता है, जिससे किसान को बाहरी रेट से लगभग 25-30 प्रतिशत की बचत होती हैं। इसी प्रकार कृषि यंत्र डीएसआर से धान की सीधी बिजाई करके पानी की लगभग 20 से 25 प्रतिशत बचत की जा सकती है। इसके अलावा मजदूरी व समय की बचत भी होती है। विनित कुमार जैन ने बताया कि ये सभी कृषि यंत्र किसानों को सेवा प्रदात्ताओं के माध्यम से 100 रुपये प्रति घंटा की दर से कम से कम 10 घंटे हेतू(1000 रुपये प्रति दिन) किराये पर दिए जा रहे हैं। इन मशीनों को किराए पर लेने हेतू बिजाई के कार्य में लगने वाला ईंधन का खर्च स्वयं किसान को वहन करना होगा। इसके अतिरिक्त अन्य कृषि यंत्र जैसे कि पोटैटो डिगर, पोटैटो प्लांटर, पैडी थ्रैसर, मेज थै्रसर व मल्टी क्रोप प्लांटर भी किसानों को प्रदर्शन प्लांट आयोजित करने हेतू पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। इन कृषि यंत्रों से प्रदर्शन प्लांट लगाने के इच्छुक किसान उप कृषि निदेशक कृषि अभियंता यमुनानगर के कार्यालय में आवेदन देकर प्राप्त कर सकते हैं।
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यमुनानगर। डीसी गिरीश अरोड़ा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि मशीनीकरण योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एग्री हरियाणा डॉट जी ओवी डॉट इन पर अनुदान एवं यंत्रों की जानकारी दी गई है। इच्छुक किसान इस पर आवेदन कर अनुदान योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सहायक कृषि अभियंता विनित जैन ने बताया कि कार्यालय में बोरिंग मशीन उपलब्ध है, जिसमें विभागीय बोरिंग मशीन द्वारा बोरिंग कार्य करने के लिए 10 व 12 ईंच वाले बोर 45 मीटर गहराई तक करने की सुविधा उपलब्ध है। किसान को विभाग के माध्यम से बोरिंग करवाने में बाहरी रेट से लगभग 25 प्रतिशत की बचत होती है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा 30 मीटर तक गहराई के बोर के लिए किसान को केवल 2500 रुपये देने होते हैं। अतिरिक्त गहराई के लिए 70 रुपये प्रति मीटर की दर से चार्ज अदा करना होता है। इसके अतिरिक्त किसान को लेबर, डीजल व ट्रांसपोर्टेशन पर होने वाले खर्च को स्वयं वहन करना होता है।
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उन्होंने बताया कि किसान द्वारा बायोगैस संयंत्र लगवाने पर भी विभाग द्वारा नौ हजार रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। कस्टम हायरिंग पर भी विभिन्न यंत्र लेजर लेवलर, हैप्पी सीडर, डीएसआर व जिरो टिल सीड ड्रिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खेत समतल होने से लगभग 45 प्रतिशत पानी की बचत व पैदावार भी अधिक होती है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खेत को समतल करने का कार्य टै्रक्टर हायरिंग योजना के अंतर्गत विभागीय लेजर लेवलर द्वारा न्यूनतम दर पर किया जाता है, जिससे किसान को बाहरी रेट से लगभग 25-30 प्रतिशत की बचत होती हैं। इसी प्रकार कृषि यंत्र डीएसआर से धान की सीधी बिजाई करके पानी की लगभग 20 से 25 प्रतिशत बचत की जा सकती है। इसके अलावा मजदूरी व समय की बचत भी होती है। विनित कुमार जैन ने बताया कि ये सभी कृषि यंत्र किसानों को सेवा प्रदात्ताओं के माध्यम से 100 रुपये प्रति घंटा की दर से कम से कम 10 घंटे हेतू(1000 रुपये प्रति दिन) किराये पर दिए जा रहे हैं। इन मशीनों को किराए पर लेने हेतू बिजाई के कार्य में लगने वाला ईंधन का खर्च स्वयं किसान को वहन करना होगा। इसके अतिरिक्त अन्य कृषि यंत्र जैसे कि पोटैटो डिगर, पोटैटो प्लांटर, पैडी थ्रैसर, मेज थै्रसर व मल्टी क्रोप प्लांटर भी किसानों को प्रदर्शन प्लांट आयोजित करने हेतू पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। इन कृषि यंत्रों से प्रदर्शन प्लांट लगाने के इच्छुक किसान उप कृषि निदेशक कृषि अभियंता यमुनानगर के कार्यालय में आवेदन देकर प्राप्त कर सकते हैं।
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