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-प्रदर्शन के कारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:44 AM IST
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- प्रदर्शन के कारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला
- आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों ने नारेबाजी करते हुए किया प्रदर्शन
- जिले में 1265 अंागनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दी जा रही शिक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
जगाधरी।
पांच दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटकाकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। किसान नेताओं ने भी उनके धरने को समर्थन दिया। वर्करों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रोष जताया। प्रदर्शन के कारण जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित रही।
संगठन की सेक्रेट्री रितु गुप्ता ने कहा कि कई दिनों से वर्कर्स प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को भी नजरअंदाज कर रही है। वर्करों के न तो वेतन में वृद्धि की गई है, न ही उनको नियमित किया गया है। प्रदेश सरकार के अन्य विभागों में लगे कर्मचारी आज मोटी तनखाह ले रहे है। वर्कर्स भी उन्हीं की तरह पूरी ईमानदारी से अपना कार्य कर रही हैं। इसीलिए सरकार को भी वर्करों की मांगों को पूरा करना चाहिए। ताकि वो पूरी निष्ठा के साथ अपना कार्यभार आगे भी जारी रखेंगे। इस अवसर पर उर्मिला, गुलशन, रीटा कात्यान, अंग्रेजो, कमलेश, रक्षा, सुगंधा, रमेश, विजय सहित सैकड़ों वर्कर्स उपस्थित थे।
बाक्स-
-आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला
यमुनानगर जिले में 1265 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां 1265 आंगनबाड़ी वर्कर्र और 1265 हेल्पर कार्यरत हैं। इन वर्कर्स पर आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने आने वाले बच्चों की शिक्षा निर्भर है। लेकिन नियमित करने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर वर्कर्स पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं। शुक्रवार से राज्य कमेटी के आह्वान पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। सरकार की इस योजना से जुड़ी वर्कर्स सुबह से ही अनाज मंडी गेट पर चल रहे धरने में शामिल होने के लिए यमुनानगर आ जाती हैं। ऐसे में बच्चों की शिक्षा अब भगवान भरोसे है।
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बाक्स-
हर बच्चे को शिक्षित बनाने की योजना हो रही है प्रभावित
भारत सरकार ने कुछ वर्ष पहले देश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान चलाया था। सरकार की मंशा थी कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस योजना के शुरू होने के बाद जिले के हजारों ग्रामीण बच्चे जुड़े। जो आज शिक्षा के महत्व को समझकर आगे पढ़ रहे हैं। लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों के प्रदर्शन के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
फोटो-1,2
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- आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों ने नारेबाजी करते हुए किया प्रदर्शन
- जिले में 1265 अंागनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दी जा रही शिक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
जगाधरी।
पांच दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटकाकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। किसान नेताओं ने भी उनके धरने को समर्थन दिया। वर्करों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रोष जताया। प्रदर्शन के कारण जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित रही।
संगठन की सेक्रेट्री रितु गुप्ता ने कहा कि कई दिनों से वर्कर्स प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को भी नजरअंदाज कर रही है। वर्करों के न तो वेतन में वृद्धि की गई है, न ही उनको नियमित किया गया है। प्रदेश सरकार के अन्य विभागों में लगे कर्मचारी आज मोटी तनखाह ले रहे है। वर्कर्स भी उन्हीं की तरह पूरी ईमानदारी से अपना कार्य कर रही हैं। इसीलिए सरकार को भी वर्करों की मांगों को पूरा करना चाहिए। ताकि वो पूरी निष्ठा के साथ अपना कार्यभार आगे भी जारी रखेंगे। इस अवसर पर उर्मिला, गुलशन, रीटा कात्यान, अंग्रेजो, कमलेश, रक्षा, सुगंधा, रमेश, विजय सहित सैकड़ों वर्कर्स उपस्थित थे।
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-आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला
यमुनानगर जिले में 1265 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां 1265 आंगनबाड़ी वर्कर्र और 1265 हेल्पर कार्यरत हैं। इन वर्कर्स पर आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने आने वाले बच्चों की शिक्षा निर्भर है। लेकिन नियमित करने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर वर्कर्स पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं। शुक्रवार से राज्य कमेटी के आह्वान पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। सरकार की इस योजना से जुड़ी वर्कर्स सुबह से ही अनाज मंडी गेट पर चल रहे धरने में शामिल होने के लिए यमुनानगर आ जाती हैं। ऐसे में बच्चों की शिक्षा अब भगवान भरोसे है।
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हर बच्चे को शिक्षित बनाने की योजना हो रही है प्रभावित
भारत सरकार ने कुछ वर्ष पहले देश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान चलाया था। सरकार की मंशा थी कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस योजना के शुरू होने के बाद जिले के हजारों ग्रामीण बच्चे जुड़े। जो आज शिक्षा के महत्व को समझकर आगे पढ़ रहे हैं। लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों के प्रदर्शन के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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