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लि वन मंडल अधिकारी से बातचीत को 3 माह में 3 बार नोटिस, न हुई मुलाकात न मिला छह माह का वेतन
Updated Wed, 03 Jan 2018 08:37 PM IST
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जिला वन मंडल अधिकारी को 3 माह में 3 बार नोटिस, नही मिला छह माह का वेतन
वन विभाग में लगे 160 कच्चे कर्मचारियों ने जिला वन मंडल अधिकारी कार्यालय पर आठ घंटे तक दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। वन विभाग में लगे 160 कच्चे कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिल रहा। इसकी वजह जानने को वह जिला वन मंडल अधिकारी से मिलने को 3 माह में 3 बार नोटिस दे चुके हैं। कई बार मजबूरन काम छोड़ कर्मचारियों ने अधिकारी के कार्यालय के ठीक सामने बैठ धरना दिया। फिर भी न तो उनकी अधिकारी से मुलाकात हुई, न वेतन मिला। इसी के चलते कर्मचारियों ने बुधवार को वन विभाग कर्मचारी मजदूर यूनियन व सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले फिर करीब आठ घंटे तक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।
बता दें कि वन विभाग के अंतर्गत करीब 160 कच्चे कर्मचारियों को पेड़ लगाने, गड्ढा करने व जंगल की रखवाली, सफाई आदि कार्य के लिए रखा गया था। इनमें 45 कर्मचारी छछरौली, 55 जगाधरी व 45 साढौरा और करीब 15 कलेसर रेंज में लगे हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि उनका करीब छह माह का वेतन नहीं मिल पाया है। इसी के रोष में यह सभी कर्मचारी बुधवार सुबह दस बजे वन मंडल अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने यूनियन एवं संघ के स्टेट प्रधान विजय शर्मा और जिला प्रधान ताजअली के नेतृत्व में धरना दिया। इस दौरान जिला प्रधान ताजअली ने बताया कि जिला वन मंडल अधिकारी को 20 नवंबर, 20 दिसंबर व 2 जनवरी को बातचीत करने बारे नोटिस दिया, लेकिन तीनों तारीखों पर अधिकारी बातचीत के लिए नहीं मिले। उन्होंने बताया कि वह वन विभाग के कच्चे कर्मचारी है, जो पिछले 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। उन्हें आज तक पक्का भी नहीं किया गया और अधिक्कतर कर्मियों को 310 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिले वाला वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उनके परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
वेतन रुकने की वजह जानने के लिए कई बार अधिकारियों से मिलना चाहा, लेकिन अधिकारी के पास उन से मिलने का भी समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनका वेतन नहीं दिया गया तो वह आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर मजबूर होंगे। मौके पर रामकुमार, संतोष, रोशनी देवी, विनय, प्रभु आदि लोग मौजूद थे।
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स्टेट प्रधान को डीएफओ से मिला एक हफ्ते में वेतन देने का आश्वासन: जिला प्रधान ताजअली ने बताया कि स्टेट प्रधान विजय शर्मा को फोन पर डीएफओ ने कर्मचारियों का रुका छह माह का वेतन एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की वर्ष 2010 की रुकी पेमेंट बारे भी उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
फोटो-6
वन विभाग में लगे 160 कच्चे कर्मचारियों ने जिला वन मंडल अधिकारी कार्यालय पर आठ घंटे तक दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। वन विभाग में लगे 160 कच्चे कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिल रहा। इसकी वजह जानने को वह जिला वन मंडल अधिकारी से मिलने को 3 माह में 3 बार नोटिस दे चुके हैं। कई बार मजबूरन काम छोड़ कर्मचारियों ने अधिकारी के कार्यालय के ठीक सामने बैठ धरना दिया। फिर भी न तो उनकी अधिकारी से मुलाकात हुई, न वेतन मिला। इसी के चलते कर्मचारियों ने बुधवार को वन विभाग कर्मचारी मजदूर यूनियन व सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले फिर करीब आठ घंटे तक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।
बता दें कि वन विभाग के अंतर्गत करीब 160 कच्चे कर्मचारियों को पेड़ लगाने, गड्ढा करने व जंगल की रखवाली, सफाई आदि कार्य के लिए रखा गया था। इनमें 45 कर्मचारी छछरौली, 55 जगाधरी व 45 साढौरा और करीब 15 कलेसर रेंज में लगे हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि उनका करीब छह माह का वेतन नहीं मिल पाया है। इसी के रोष में यह सभी कर्मचारी बुधवार सुबह दस बजे वन मंडल अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने यूनियन एवं संघ के स्टेट प्रधान विजय शर्मा और जिला प्रधान ताजअली के नेतृत्व में धरना दिया। इस दौरान जिला प्रधान ताजअली ने बताया कि जिला वन मंडल अधिकारी को 20 नवंबर, 20 दिसंबर व 2 जनवरी को बातचीत करने बारे नोटिस दिया, लेकिन तीनों तारीखों पर अधिकारी बातचीत के लिए नहीं मिले। उन्होंने बताया कि वह वन विभाग के कच्चे कर्मचारी है, जो पिछले 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। उन्हें आज तक पक्का भी नहीं किया गया और अधिक्कतर कर्मियों को 310 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिले वाला वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उनके परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
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वेतन रुकने की वजह जानने के लिए कई बार अधिकारियों से मिलना चाहा, लेकिन अधिकारी के पास उन से मिलने का भी समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनका वेतन नहीं दिया गया तो वह आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर मजबूर होंगे। मौके पर रामकुमार, संतोष, रोशनी देवी, विनय, प्रभु आदि लोग मौजूद थे।
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स्टेट प्रधान को डीएफओ से मिला एक हफ्ते में वेतन देने का आश्वासन: जिला प्रधान ताजअली ने बताया कि स्टेट प्रधान विजय शर्मा को फोन पर डीएफओ ने कर्मचारियों का रुका छह माह का वेतन एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की वर्ष 2010 की रुकी पेमेंट बारे भी उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
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