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किसी अनजान पर विश्वास कर लेना कई बार बन जाता है हानिकारक: गुरप्रीत सिंह
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:30 AM IST
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पोक्सो एक्ट पर जागरूक शिविर लगाया
यमुनानगर। जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से बैंक कॉलोनी के राजकीय माध्यमिक स्कूल में लैंगिक अपराधों पर बने पोक्सो एक्ट पर जागरूक शिविर लगाया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह व आउट रीच वर्कर गौरव शर्मा ने कहा कि समाज में लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता न होने से बच्चों के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। बच्चों का किसी अनजान पर विश्वास कर लेना कई बार उनके लिए हानिकारक बन जाता है। ऐसे में बच्चे लैंगिक अपराधों का शिकार हो जाते हैं और अपराध होने पर किसी को बता नहीं पाते हैं। इस कारण वह मानसिक रोगों का भी शिकार हो जाते हैं, इसलिए बच्चों का संरक्षण बेहद आवश्यक है। इसके साथ बच्चों को किसी भी प्रकार के शारीरिक अथवा मानसिक दंड देने पर माता-पिता, अध्यापक आदि को किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत सजा का प्रावधान है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई जागरूकता अभियान चला रही है। जागरूकता शिविरों का लक्ष्य समाज में बच्चों के प्रति सोच को गंभीर करना है। मौके पर बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया गया कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर किस प्रकार से बच्चों की किसी भी संकट की स्थिति में सहायता कर सकता है। बच्चों को बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता स्कीम स्कॉलरशिप और फोस्टर केयर के बारे में भी बताया गया। मौके पर मुख्य अध्यापिका तृप्ता भियाना, राजीव कुमार, अश्विनी, प्रियंका, केके पांडेय मौजूद रहे।
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यमुनानगर। जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से बैंक कॉलोनी के राजकीय माध्यमिक स्कूल में लैंगिक अपराधों पर बने पोक्सो एक्ट पर जागरूक शिविर लगाया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह व आउट रीच वर्कर गौरव शर्मा ने कहा कि समाज में लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता न होने से बच्चों के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। बच्चों का किसी अनजान पर विश्वास कर लेना कई बार उनके लिए हानिकारक बन जाता है। ऐसे में बच्चे लैंगिक अपराधों का शिकार हो जाते हैं और अपराध होने पर किसी को बता नहीं पाते हैं। इस कारण वह मानसिक रोगों का भी शिकार हो जाते हैं, इसलिए बच्चों का संरक्षण बेहद आवश्यक है। इसके साथ बच्चों को किसी भी प्रकार के शारीरिक अथवा मानसिक दंड देने पर माता-पिता, अध्यापक आदि को किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत सजा का प्रावधान है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई जागरूकता अभियान चला रही है। जागरूकता शिविरों का लक्ष्य समाज में बच्चों के प्रति सोच को गंभीर करना है। मौके पर बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया गया कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर किस प्रकार से बच्चों की किसी भी संकट की स्थिति में सहायता कर सकता है। बच्चों को बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता स्कीम स्कॉलरशिप और फोस्टर केयर के बारे में भी बताया गया। मौके पर मुख्य अध्यापिका तृप्ता भियाना, राजीव कुमार, अश्विनी, प्रियंका, केके पांडेय मौजूद रहे।