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कपालमोचन मेले में हादसे का इंतजाम
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:38 AM IST
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कपालमोचन मेले में हादसे का ‘इंतजाम’
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। नियमों की अनदेखी से कपालमोचन मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे अस्थाई शौचालय परेशानी खड़ी कर सकते हैं। ठेकेदार द्वारा कपाल मोचन में बनाए जा रहे शौचालयों के गड्ढों के ऊपर लोहे के गार्डर के साथ स्थाई शटरिंग करके आने-जाने का रास्ता बनाया जाना है, लेकिन ठेकेदार ने मात्र खाना पूर्ति करते हुए लकड़ी की कमजोर बल्लियों पर शटरिंग कर उन पर मिट्टी डाल दी है। इन छह सात फीट गहरे गड्ढों में शौचालयों की गंदगी इकट्टा होगी और बल्लियों के ऊपर श्रद्धालुओं का भार पड़ा तो बल्लियों के टूटने से श्रद्धालुओं के गड्ढे में गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
आदिबद्री में डाली जा रही गंदगी?
मेले में मात्र चार दिन का समय बचा है लेकिन अभी तक किसी भी शौचालय में टाट पट्टी और पानी का प्रबंध नहीं किया गया है, जबकि मेले से पूर्व श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है। आदिबद्री क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा बिना गड्ढे खोदे ही शौचालयों की शीटों को जमीन पर ही लगा दिया गया है। जिनकी निकासी नदी की ओर कर दी गई है। एक ओर तो प्रशासन के द्वारा स्वच्छता को लेकर सावधानी बरती जा रही है। दूसरी ओर शौचालयों की गदंगी को पवित्र आदिबद्री नदी में डाला जा रहा है।
तिथि बीती, काम नहीं हुए पूरे
श्राइन बोर्ड की ओर से जारी टेंडर में अस्थाई शौचालयों को बना कर तैयार करने की तिथि 26 अक्तूबर निश्चित की गई थी, जबकि वीरवार तक केवल शौचालयों पर सीट रखने के कार्य को ही पूरा गया है। शौचालयों में टाट पट्टी, पानी की उपलब्धता, आने-जाने के रास्ते व शौचालय लिखे बोर्ड आदि नदारद हैं।
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आद्रि बद्री में आनन फानन में बने शौचालय
आद्रिबद्री में बाग में बने शौचालयों के लिए कोई भी गड्ढा नहीं खोदा गया है। शौचालयों के पाइप का रुख नदी की ओर कर दिया गया है। आसपास के लोगों का आरोप है कि, शौचालयों को बनाने में घटिया स्तर की सामग्री बनाने का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर चलने मात्र से दरारें पड़ी जाती हैं।
नहीं बने पूरे शौचालय
मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर जारी टेंडर में 450 शौचालयों का निर्माण कपाल मोचन के मेला क्षेत्र में व 50 आदि बद्री में बनाए जाने थे। लेकिन आद्रि बद्री नारायण मंदिर के समीप लगभग 25 व नीचे बाग के समीप केवल 15 शौचालय ही बनाए गए हैं।
टूटी पड़ी है आदिबद्री रोड पर बनी सुरक्षा रेलिंग
कपालमोचन मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु आदिबद्री और मंत्रा देवी पर भी पहुंचते हैं। आदिबद्री में नारायण मंदिर प्रांगण तक जाने वाली सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई रेलिंग काफी लंबे समय से टूट कर गिरी हुई है। इससे किसी भी समय श्रद्धालुओं के वाहनों के दुघर्टना ग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। वहीं, काठगढ़ से आदिबद्री मार्ग पर पेड़ों की टहनियां नीचे लटक रहीं हैं। सड़क की बरम के साथ जगंली घास उगी हुई है। सड़क पर बारिश के साथ पहाड़ों से बहकर आई मिट्टी बिखरी पड़ी हुई है, जिससे सड़क पर गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक कभी भी चोटिल हो सकते हैं।
सभी कार्य नियमों के अनुरूप किए जा रहे है : मेला अधिकारी
मेला अधिकारी बीडीपीओ बिलासपुर दिनेश कुमार ने कहा कि मेले की तैयारियों को लेकर सभी कार्य नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। सभी कार्यों की गुणवता की समय-समय पर जांच भी की जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। नियमों की अनदेखी से कपालमोचन मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे अस्थाई शौचालय परेशानी खड़ी कर सकते हैं। ठेकेदार द्वारा कपाल मोचन में बनाए जा रहे शौचालयों के गड्ढों के ऊपर लोहे के गार्डर के साथ स्थाई शटरिंग करके आने-जाने का रास्ता बनाया जाना है, लेकिन ठेकेदार ने मात्र खाना पूर्ति करते हुए लकड़ी की कमजोर बल्लियों पर शटरिंग कर उन पर मिट्टी डाल दी है। इन छह सात फीट गहरे गड्ढों में शौचालयों की गंदगी इकट्टा होगी और बल्लियों के ऊपर श्रद्धालुओं का भार पड़ा तो बल्लियों के टूटने से श्रद्धालुओं के गड्ढे में गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
आदिबद्री में डाली जा रही गंदगी?
मेले में मात्र चार दिन का समय बचा है लेकिन अभी तक किसी भी शौचालय में टाट पट्टी और पानी का प्रबंध नहीं किया गया है, जबकि मेले से पूर्व श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है। आदिबद्री क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा बिना गड्ढे खोदे ही शौचालयों की शीटों को जमीन पर ही लगा दिया गया है। जिनकी निकासी नदी की ओर कर दी गई है। एक ओर तो प्रशासन के द्वारा स्वच्छता को लेकर सावधानी बरती जा रही है। दूसरी ओर शौचालयों की गदंगी को पवित्र आदिबद्री नदी में डाला जा रहा है।
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तिथि बीती, काम नहीं हुए पूरे
श्राइन बोर्ड की ओर से जारी टेंडर में अस्थाई शौचालयों को बना कर तैयार करने की तिथि 26 अक्तूबर निश्चित की गई थी, जबकि वीरवार तक केवल शौचालयों पर सीट रखने के कार्य को ही पूरा गया है। शौचालयों में टाट पट्टी, पानी की उपलब्धता, आने-जाने के रास्ते व शौचालय लिखे बोर्ड आदि नदारद हैं।
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आद्रि बद्री में आनन फानन में बने शौचालय
आद्रिबद्री में बाग में बने शौचालयों के लिए कोई भी गड्ढा नहीं खोदा गया है। शौचालयों के पाइप का रुख नदी की ओर कर दिया गया है। आसपास के लोगों का आरोप है कि, शौचालयों को बनाने में घटिया स्तर की सामग्री बनाने का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर चलने मात्र से दरारें पड़ी जाती हैं।
नहीं बने पूरे शौचालय
मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर जारी टेंडर में 450 शौचालयों का निर्माण कपाल मोचन के मेला क्षेत्र में व 50 आदि बद्री में बनाए जाने थे। लेकिन आद्रि बद्री नारायण मंदिर के समीप लगभग 25 व नीचे बाग के समीप केवल 15 शौचालय ही बनाए गए हैं।
टूटी पड़ी है आदिबद्री रोड पर बनी सुरक्षा रेलिंग
कपालमोचन मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु आदिबद्री और मंत्रा देवी पर भी पहुंचते हैं। आदिबद्री में नारायण मंदिर प्रांगण तक जाने वाली सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई रेलिंग काफी लंबे समय से टूट कर गिरी हुई है। इससे किसी भी समय श्रद्धालुओं के वाहनों के दुघर्टना ग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। वहीं, काठगढ़ से आदिबद्री मार्ग पर पेड़ों की टहनियां नीचे लटक रहीं हैं। सड़क की बरम के साथ जगंली घास उगी हुई है। सड़क पर बारिश के साथ पहाड़ों से बहकर आई मिट्टी बिखरी पड़ी हुई है, जिससे सड़क पर गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक कभी भी चोटिल हो सकते हैं।
सभी कार्य नियमों के अनुरूप किए जा रहे है : मेला अधिकारी
मेला अधिकारी बीडीपीओ बिलासपुर दिनेश कुमार ने कहा कि मेले की तैयारियों को लेकर सभी कार्य नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। सभी कार्यों की गुणवता की समय-समय पर जांच भी की जा रही है।