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रामलीला में तीसरे दिन हुआ ताड़का वध संवाद का मंचन
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:59 AM IST
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रामलीला में तीसरे दिन हुआ ताड़का वध
बिलासपुर। घाड़ क्षेत्र के गांव छलौर में रामलीला रामा क्लब छलौर की ओर से कराई जा रही रामलीला के तीसरे दिन ताड़का वध का मंचन किया गया। ताड़का के रोल को यज्ञदत्त शर्मा ने बखूबी निभाया। प्रसंग के तहत, ताड़का ने पृथ्वी पर आतंक मचा दिया था, आमजन डर के साये में जीवन में व्यतीत करने पर मजबूर थे। उसने किसानों को भूमिहीन कर दिया था। प्रजा पर तमाम अत्याचार किए जा रह थे। ताड़का के जुल्मों से निजात पाने के लिए मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जाते हैं। उनसे उनके पुत्रों श्रीराम व लक्ष्मण को ताड़का को मार गिराने के लिए अपने साथ भेजने का आग्रह करते हैं। राजा दशरथ ने अपने कलेजे के टुकड़ों को मुनि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। श्रीराम लक्ष्मण ने ताड़का को मार प्रजा को उसके प्रकोप से निजात दिलाई। श्रीराम का किरदार शिवदत्त कांबोज व लक्ष्मण का किरदार रिंकू धीमान ने बखूबी निभाया। रामलीला के प्रधान रविंद्र कश्यप ने कहा कि रामायण जीवन को सही प्रकार की जीने की कला सिखाती है। मानव को बुराइयों को दूर समाज में एकता, सद्भावना और भाईचारे की भावना को बढ़ाने का संदेश देती है। मंच संचालन मदनपाल, दशरथ का किरदार सतीष कांबोज ने किया। रामलीला में जयप्रकाश, कुलवंत, कंवरपाल, पवन वर्मा, रामस्वरूप, शिवकुमार, अनिल, मोहित, सुमेर ने विशेष सहयोग किया।
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बिलासपुर। घाड़ क्षेत्र के गांव छलौर में रामलीला रामा क्लब छलौर की ओर से कराई जा रही रामलीला के तीसरे दिन ताड़का वध का मंचन किया गया। ताड़का के रोल को यज्ञदत्त शर्मा ने बखूबी निभाया। प्रसंग के तहत, ताड़का ने पृथ्वी पर आतंक मचा दिया था, आमजन डर के साये में जीवन में व्यतीत करने पर मजबूर थे। उसने किसानों को भूमिहीन कर दिया था। प्रजा पर तमाम अत्याचार किए जा रह थे। ताड़का के जुल्मों से निजात पाने के लिए मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जाते हैं। उनसे उनके पुत्रों श्रीराम व लक्ष्मण को ताड़का को मार गिराने के लिए अपने साथ भेजने का आग्रह करते हैं। राजा दशरथ ने अपने कलेजे के टुकड़ों को मुनि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। श्रीराम लक्ष्मण ने ताड़का को मार प्रजा को उसके प्रकोप से निजात दिलाई। श्रीराम का किरदार शिवदत्त कांबोज व लक्ष्मण का किरदार रिंकू धीमान ने बखूबी निभाया। रामलीला के प्रधान रविंद्र कश्यप ने कहा कि रामायण जीवन को सही प्रकार की जीने की कला सिखाती है। मानव को बुराइयों को दूर समाज में एकता, सद्भावना और भाईचारे की भावना को बढ़ाने का संदेश देती है। मंच संचालन मदनपाल, दशरथ का किरदार सतीष कांबोज ने किया। रामलीला में जयप्रकाश, कुलवंत, कंवरपाल, पवन वर्मा, रामस्वरूप, शिवकुमार, अनिल, मोहित, सुमेर ने विशेष सहयोग किया।