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पहाड़ों पर बारिश से यमुना में आई बाढ़
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:51 AM IST
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पहाड़ों पर बारिश से यमुना में उफान, ग्रामीणों को किया एलर्ट
- तीन घंटे बाद बाढ़ के निशान से नीचे आया पानी, लोगों ने ली राहत की सांस
यमुनानगर। पहाड़ों पर बारिश से यमुना नदी में उफान आ गया। यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से सोमवार दोपहर जलस्तर बाढ़ के निशान को छू गया। इससे आसपास के लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच आईं। ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया। गनीमत रही कि, तीन घंटे बाद जलस्तर बाढ़ के निशान से नीचे आ गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार सुबह से पौंटा साहिब से ऊपर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इससे दोपहर को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। हथनीकुंड बैराज पर 12 बजे जलस्तर 64762 क्यूसेक था, जो अगले एक घंटे में 87580 क्यूसेक पर पहुंच गया। यमुना नदी में 70 हजार क्यूसेक से अधिक जलस्तर होने पर इसे बाढ़ घोषित कर दिया जाता है। यमुना में बाढ़ की स्थिति बनते हथनीकुंड बैराज से हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में पानी का आपूर्ति बंद कर दी गई और सारा पानी यमुना नदी से गुजरने लगा। दोपहर दो बजे तक तो जलस्तर 94210 क्यूसेक के आंकड़े को भी पार कर गया। इसके बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और यमुना नदी से सटे गांवों में लोगों को सूचित कर दिया गया। गनीमत रही कि, इसके बाद जलस्तर घटना शुरू हो गया। दोपहर तीन बजे जलस्तर 82174 क्यूसेक पर पहुंच गया, जो कि चार बजे तक घटकर 68832 क्यूसेक पर रह गया। इसके बाद बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहर में मांग के अनुसार पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई।
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- तीन घंटे बाद बाढ़ के निशान से नीचे आया पानी, लोगों ने ली राहत की सांस
यमुनानगर। पहाड़ों पर बारिश से यमुना नदी में उफान आ गया। यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से सोमवार दोपहर जलस्तर बाढ़ के निशान को छू गया। इससे आसपास के लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच आईं। ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया। गनीमत रही कि, तीन घंटे बाद जलस्तर बाढ़ के निशान से नीचे आ गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार सुबह से पौंटा साहिब से ऊपर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इससे दोपहर को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। हथनीकुंड बैराज पर 12 बजे जलस्तर 64762 क्यूसेक था, जो अगले एक घंटे में 87580 क्यूसेक पर पहुंच गया। यमुना नदी में 70 हजार क्यूसेक से अधिक जलस्तर होने पर इसे बाढ़ घोषित कर दिया जाता है। यमुना में बाढ़ की स्थिति बनते हथनीकुंड बैराज से हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में पानी का आपूर्ति बंद कर दी गई और सारा पानी यमुना नदी से गुजरने लगा। दोपहर दो बजे तक तो जलस्तर 94210 क्यूसेक के आंकड़े को भी पार कर गया। इसके बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और यमुना नदी से सटे गांवों में लोगों को सूचित कर दिया गया। गनीमत रही कि, इसके बाद जलस्तर घटना शुरू हो गया। दोपहर तीन बजे जलस्तर 82174 क्यूसेक पर पहुंच गया, जो कि चार बजे तक घटकर 68832 क्यूसेक पर रह गया। इसके बाद बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहर में मांग के अनुसार पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई।
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