{"_id":"69c59495e93998d4df0389ae","slug":"15-water-tanks-will-be-constructed-to-quench-the-thirst-of-wild-animals-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-153450-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए बनाए जाएंगे 15 हौद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए बनाए जाएंगे 15 हौद
Fri, 27 Mar 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
कलेसर जंगल का अंदर का दृश्य। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शिवालिक पहाड़ियों से सटे कलेसर जंगल में वन्य प्राणियों को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलने जा रही है। वन विभाग की ओर से जंगल में करीब 15 अतिरिक्त पानी के हौद बनाए जाएंगे, जिससे वन्य जीवों को भी आसानी से पानी उपलब्ध हो सकेगा।
करीब 11,507 एकड़ में फैला कलेसर जंगल वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में जाना जाता है। यहां तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर सहित कई प्रजातियां निवास करती हैं। वर्तमान में जंगल में करीब 20 छोटे-बड़े पानी के हौद मौजूद हैं, लेकिन जंगल का दायरा बड़ा होने के कारण इनकी संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही। खासकर अंदरूनी इलाकों में वन्य प्राणियों को पानी की तलाश में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
वन्य प्राणी विभाग के अनुसार पानी की कमी के चलते कई बार वन्य जीव जंगल से बाहर आबादी की ओर भी रुख कर लेते हैं, जिससे हादसों और संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में नए हौद बनाए जाने से वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही पानी उपलब्ध होगा और मानव-वन्य जीव टकराव की घटनाओं में भी कमी आएगी।
विज्ञापन
महत्वपूर्ण बात यह है कि इन हौदों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। इससे हर हौद में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। गर्मियों में जब प्राकृतिक जल स्रोत सूख जाते हैं, तब ये कृत्रिम जलाशय वन्य जीवों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। कलेसर नेशनल पार्क हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों से सटा है, जोकि 11570 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें हाथी, चीता बाघ सांभर, खरगोश, अजगर, जंगली मोर, सांभर, चीतल, हिरण, कोबरा, बंदर, लंगूर जैसे जीव जंतु रहते हैं। यहां अभी तक कलेसर नेशनल पार्क का एक ही मुख्यद्वार था। अब दो हो गए। नए मुख्यद्वार से अब एंट्री होगी तो पुराने वाले द्वार से जंगल सफारी की निकासी होगी। जंगल सफारी के मुख्यद्वार के पास ही टिकट घर भी बनाया गया है।
विज्ञापन
यमुनानगर। शिवालिक पहाड़ियों से सटे कलेसर जंगल में वन्य प्राणियों को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलने जा रही है। वन विभाग की ओर से जंगल में करीब 15 अतिरिक्त पानी के हौद बनाए जाएंगे, जिससे वन्य जीवों को भी आसानी से पानी उपलब्ध हो सकेगा।
करीब 11,507 एकड़ में फैला कलेसर जंगल वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में जाना जाता है। यहां तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर सहित कई प्रजातियां निवास करती हैं। वर्तमान में जंगल में करीब 20 छोटे-बड़े पानी के हौद मौजूद हैं, लेकिन जंगल का दायरा बड़ा होने के कारण इनकी संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही। खासकर अंदरूनी इलाकों में वन्य प्राणियों को पानी की तलाश में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन
वन्य प्राणी विभाग के अनुसार पानी की कमी के चलते कई बार वन्य जीव जंगल से बाहर आबादी की ओर भी रुख कर लेते हैं, जिससे हादसों और संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में नए हौद बनाए जाने से वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही पानी उपलब्ध होगा और मानव-वन्य जीव टकराव की घटनाओं में भी कमी आएगी।
विज्ञापन
महत्वपूर्ण बात यह है कि इन हौदों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। इससे हर हौद में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। गर्मियों में जब प्राकृतिक जल स्रोत सूख जाते हैं, तब ये कृत्रिम जलाशय वन्य जीवों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। कलेसर नेशनल पार्क हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों से सटा है, जोकि 11570 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें हाथी, चीता बाघ सांभर, खरगोश, अजगर, जंगली मोर, सांभर, चीतल, हिरण, कोबरा, बंदर, लंगूर जैसे जीव जंतु रहते हैं। यहां अभी तक कलेसर नेशनल पार्क का एक ही मुख्यद्वार था। अब दो हो गए। नए मुख्यद्वार से अब एंट्री होगी तो पुराने वाले द्वार से जंगल सफारी की निकासी होगी। जंगल सफारी के मुख्यद्वार के पास ही टिकट घर भी बनाया गया है।