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सोम नदी पर तटबंध के टूटे हिस्से से मलिकपुर में बाढ़ का खतरा
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:40 AM IST
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टूटा है सोम का तटबंध, बाढ़ के डर से ग्रामीण दे रहे पहरा
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उपमंडल के गांव मलिकपुर के पास बह रही सोम नदी पर गांव की ओर बने तटबंध का एक हिस्सा अरसे से टूटा है, मगर अफसर ध्यान नहीं दे रहे। इधर, उफन रही नदी के तेवर देख मलिकपुर के ग्रामीणों का चैन छिन गया है। बाढ़ के खतरे से सहमे ग्रामीण दिन-रात पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, बीते वर्षों में भी गांव में नदी का पानी घुसा गया था। इधर, ग्राम पंचायत मलिकपुर बांगर के सरपंच राजकुमार राणा का कहना है कि, पटड़ी निर्माण कार्य को कुछ ग्रामीण आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। इससे दिक्कत है।
पिछले वर्ष सोम नदी में उफान आने से आसपास के घरों में नदी का पानी आ गया था। इसके कारण काफी नुकसान हुआ था। ग्रामीण रजनीश कुमार, नरेंद्र राणा, अकबर खान, विजय पाल राणा का कहना है कि, प्रत्येक वर्ष प्रशासन की ओर से नदी और नहरों के आसपास के क्षेत्र में बाढ़ राहत प्रबंध कार्य कराए जाते हैं। इस वर्ष भी बाढ़ राहत प्रबंध कार्य जून के अंत में समाप्त होने के दावे किए जा रहे हैं, मगर जिला प्रशासन ने हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया है। नदी के तटबंध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त है और इसे दुरुस्त कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। सोम नदी के किनारे टूट हुए तटबंध के कारण गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय प्राइमरी व हाई स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, हरिजन बस्ती, बंजारा बस्ती सैनी मोहल्ला सहित आधा गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकता है।
क्या बोले सरपंच
ग्राम पंचायत मलिकपुर बांगर के सरपंच राजकुमार राणा ने बताया कि सोम नदी पर गांव की ओर पटरी बनाने के लिए जानकारी दी थी। इसके बाद सोम नदी के गांव की ओर लगभग दो हजार फीट क्षेत्र में पटरी का निर्माण कराने पर सहमति बनी थी, मगर कुछ लोगों के विरोध की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उपमंडल के गांव मलिकपुर के पास बह रही सोम नदी पर गांव की ओर बने तटबंध का एक हिस्सा अरसे से टूटा है, मगर अफसर ध्यान नहीं दे रहे। इधर, उफन रही नदी के तेवर देख मलिकपुर के ग्रामीणों का चैन छिन गया है। बाढ़ के खतरे से सहमे ग्रामीण दिन-रात पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, बीते वर्षों में भी गांव में नदी का पानी घुसा गया था। इधर, ग्राम पंचायत मलिकपुर बांगर के सरपंच राजकुमार राणा का कहना है कि, पटड़ी निर्माण कार्य को कुछ ग्रामीण आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। इससे दिक्कत है।
पिछले वर्ष सोम नदी में उफान आने से आसपास के घरों में नदी का पानी आ गया था। इसके कारण काफी नुकसान हुआ था। ग्रामीण रजनीश कुमार, नरेंद्र राणा, अकबर खान, विजय पाल राणा का कहना है कि, प्रत्येक वर्ष प्रशासन की ओर से नदी और नहरों के आसपास के क्षेत्र में बाढ़ राहत प्रबंध कार्य कराए जाते हैं। इस वर्ष भी बाढ़ राहत प्रबंध कार्य जून के अंत में समाप्त होने के दावे किए जा रहे हैं, मगर जिला प्रशासन ने हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया है। नदी के तटबंध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त है और इसे दुरुस्त कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। सोम नदी के किनारे टूट हुए तटबंध के कारण गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय प्राइमरी व हाई स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, हरिजन बस्ती, बंजारा बस्ती सैनी मोहल्ला सहित आधा गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकता है।
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क्या बोले सरपंच
ग्राम पंचायत मलिकपुर बांगर के सरपंच राजकुमार राणा ने बताया कि सोम नदी पर गांव की ओर पटरी बनाने के लिए जानकारी दी थी। इसके बाद सोम नदी के गांव की ओर लगभग दो हजार फीट क्षेत्र में पटरी का निर्माण कराने पर सहमति बनी थी, मगर कुछ लोगों के विरोध की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका।
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