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Yamuna Nagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 14,856 मुकदमों का आपसी सहमति से निपटारा
Sun, 14 Sep 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:10 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले लेकर पहुंचे लोगों की भीड़। संवाद
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया। न्यायिक परिसर यमुनानगर-जगाधरी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की देखरेख में 6 बेंचों में 14,856 मुकदमों का निपटान किया गया।
वहीं मुआवजे के रूप में 3,35,05,744 की राशि दिलाई की। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) जगजीत सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीक्षा दास रंगा, सिविल जज (जूनियर डिविजन) गौरी नारंग, सिविल जज (जूनियर डिविजन) वसुंधरा राव व सिविल जज (जूनियर डिविजन) सब-डिवीजन, बिलासपुर गुलशन वर्मा ने दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की बेंच के समक्ष खुशनुदा बनाम मनवीर इत्यादि के केस का भी निपटारा किया गया। इस केस में खुशनुदा ने सड़क दुर्घटना में अपना हाथ खो देने के बाद मुआवजे की मांग की थी।
बीमा कंपनी व वादी खुशनुदा को लोक अदालत के दौरान आपसी समझौते से केस का समाधान करने के लिए समझाया गया तथा दोनों पक्षों ने मामले का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया। बीमा कंपनी ने खुशनुदा को 11 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की पेशकश की, जिसे खुशनुदा ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि लोक अदालतें शीघ्र तथा सरल न्याय का सबसे अच्छा माध्यम है और इसमें न केवल केसों में शामिल दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है बल्कि आपसी सहमति से मामलों का निपटान होने से संबंधों में मधुरता आती है।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला सेवा प्राधिकरण, यमुना नगर के हेल्पलाइन नंबर 01732-220840 पर संपर्क कर सकते हैं।
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यमुनानगर। जिले की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया। न्यायिक परिसर यमुनानगर-जगाधरी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की देखरेख में 6 बेंचों में 14,856 मुकदमों का निपटान किया गया।
वहीं मुआवजे के रूप में 3,35,05,744 की राशि दिलाई की। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) जगजीत सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीक्षा दास रंगा, सिविल जज (जूनियर डिविजन) गौरी नारंग, सिविल जज (जूनियर डिविजन) वसुंधरा राव व सिविल जज (जूनियर डिविजन) सब-डिवीजन, बिलासपुर गुलशन वर्मा ने दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की बेंच के समक्ष खुशनुदा बनाम मनवीर इत्यादि के केस का भी निपटारा किया गया। इस केस में खुशनुदा ने सड़क दुर्घटना में अपना हाथ खो देने के बाद मुआवजे की मांग की थी।
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बीमा कंपनी व वादी खुशनुदा को लोक अदालत के दौरान आपसी समझौते से केस का समाधान करने के लिए समझाया गया तथा दोनों पक्षों ने मामले का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया। बीमा कंपनी ने खुशनुदा को 11 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की पेशकश की, जिसे खुशनुदा ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि लोक अदालतें शीघ्र तथा सरल न्याय का सबसे अच्छा माध्यम है और इसमें न केवल केसों में शामिल दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है बल्कि आपसी सहमति से मामलों का निपटान होने से संबंधों में मधुरता आती है।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला सेवा प्राधिकरण, यमुना नगर के हेल्पलाइन नंबर 01732-220840 पर संपर्क कर सकते हैं।