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पृथ्वी पर बार-बार होता है परमात्मा का अवतरण
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अमादलपुर में कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। अमादलपुर में 100 कुण्डीय महाचंडी महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है। दूसरे दिन कथा व्यास 10 वर्षीय सुखदेव स्वरूप ने कहा कि पृथ्वी लोक पर बार-बार परमात्मा का अवतरण होता है, उनकी लीलाएं होती हैं और गुणगान करते हुए कर्म-धर्म के साथ ही महायज्ञ होते हैं। ऐसे में परमात्मा स्वयं यहां पर जन्म लेते हैं। वे जीव के प्रेम उसकी करुण पुकार को जरूर सुनता है।
भागवत महात्म्य सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब भी परमात्मा का गुणानुवाद इस पृथ्वी पर होता है या परमात्मा स्वयं आकर यहां पर तरह-तरह की लीलाएं करते हैं तो देवता भी पृथ्वी पर जन्म लेने के लिए लालायित रहते हैं। भागवत पुराण कथा को श्रवण करने वाले भक्त निश्चित रूप से मोक्ष को प्राप्त कर लेते हैं। जिस प्रकार राजा परीक्षित श्राप से मुक्त हो गए, अनेक राक्षस और पापी भी उस परमात्मा की कृपा से मुक्ति पा गए। ऐसे सभी पुराणों और ग्रंथों में महापुराण की संज्ञा पाने वाला श्रीमद्भागवत पुराण है। जिसकी कथाओं का श्रवण करने के लिए इतने बड़े-बड़े आयोजन किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भक्तों के मन की वांछित कल्पनाओं से परे हटकर पुण्य फल प्रदान करने वाला यह महात्म्य होता है। वास्तव में श्रोता ही भागवत कथा के प्राण हैं। जिसके कल्याण के लिए इस प्रकार के अनुष्ठान किए जाते हैं। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया।
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भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है। संत त्रयम्बकेश्वर चैतन्य महाराज ने बताया कि यज्ञ परिसर में कोरोना नियमों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। एक करोड़ आहुतियां इस पवित्र यज्ञ में डाली जाएंगी, मंत्र जाप होगा, शंखनाद होगा। इस अवसर पर हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड चेयरमैन रामनिवास गर्ग, प्रबंधक समिति से अमित गोयल ,भाजपा जिला मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग, विनोद गोलचा, सुशील गोयल, विनोद राणा आदि मौजूद रहे।
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यमुनानगर। अमादलपुर में 100 कुण्डीय महाचंडी महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है। दूसरे दिन कथा व्यास 10 वर्षीय सुखदेव स्वरूप ने कहा कि पृथ्वी लोक पर बार-बार परमात्मा का अवतरण होता है, उनकी लीलाएं होती हैं और गुणगान करते हुए कर्म-धर्म के साथ ही महायज्ञ होते हैं। ऐसे में परमात्मा स्वयं यहां पर जन्म लेते हैं। वे जीव के प्रेम उसकी करुण पुकार को जरूर सुनता है।
भागवत महात्म्य सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब भी परमात्मा का गुणानुवाद इस पृथ्वी पर होता है या परमात्मा स्वयं आकर यहां पर तरह-तरह की लीलाएं करते हैं तो देवता भी पृथ्वी पर जन्म लेने के लिए लालायित रहते हैं। भागवत पुराण कथा को श्रवण करने वाले भक्त निश्चित रूप से मोक्ष को प्राप्त कर लेते हैं। जिस प्रकार राजा परीक्षित श्राप से मुक्त हो गए, अनेक राक्षस और पापी भी उस परमात्मा की कृपा से मुक्ति पा गए। ऐसे सभी पुराणों और ग्रंथों में महापुराण की संज्ञा पाने वाला श्रीमद्भागवत पुराण है। जिसकी कथाओं का श्रवण करने के लिए इतने बड़े-बड़े आयोजन किए जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि भक्तों के मन की वांछित कल्पनाओं से परे हटकर पुण्य फल प्रदान करने वाला यह महात्म्य होता है। वास्तव में श्रोता ही भागवत कथा के प्राण हैं। जिसके कल्याण के लिए इस प्रकार के अनुष्ठान किए जाते हैं। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया।
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भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है। संत त्रयम्बकेश्वर चैतन्य महाराज ने बताया कि यज्ञ परिसर में कोरोना नियमों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। एक करोड़ आहुतियां इस पवित्र यज्ञ में डाली जाएंगी, मंत्र जाप होगा, शंखनाद होगा। इस अवसर पर हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड चेयरमैन रामनिवास गर्ग, प्रबंधक समिति से अमित गोयल ,भाजपा जिला मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग, विनोद गोलचा, सुशील गोयल, विनोद राणा आदि मौजूद रहे।