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कर्मियों ने सामूहिक अवकाश लेकर ठप रखा काम
भिवानी/ब्यूरो ।
Updated Wed, 11 Sep 2013 11:12 PM IST
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हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों में काम करने वालों ने सामूहिक अवकाश लेकर काम ठप रखा।
कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के जिला प्रधान महेंद्र सिंह तंवर और संचालन हेमसा के राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने किया।
जिला प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन करने की सरकार कोई योजना नहीं बना रही है। विधायकों का वेतनमान 65 हजार से बढ़ाकर 95 हजार और मंत्रियों, मुख्यमंत्री का एक लाख से ज्यादा करने की योजना को अमलीजामा पहना दिया है।
मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के कर्मियों ने पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम विधायक, सांसदों को पंजाब के समान वेतनमान के लिए मांगपत्र सौंपे थे लेकिन सरकार ने इन्हें नजरअंदाज कर दिया। धरने को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने समर्थन दिया।
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उन्होंने कहा कि जल्द पंजाब के समान वेतनमान और सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों को नीति बनाकर नियमित नहीं किया गया तो आने वाले चुनाव में प्रदेश सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के जिला प्रधान महेंद्र सिंह तंवर और संचालन हेमसा के राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने किया।
जिला प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन करने की सरकार कोई योजना नहीं बना रही है। विधायकों का वेतनमान 65 हजार से बढ़ाकर 95 हजार और मंत्रियों, मुख्यमंत्री का एक लाख से ज्यादा करने की योजना को अमलीजामा पहना दिया है।
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मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के कर्मियों ने पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम विधायक, सांसदों को पंजाब के समान वेतनमान के लिए मांगपत्र सौंपे थे लेकिन सरकार ने इन्हें नजरअंदाज कर दिया। धरने को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने समर्थन दिया।
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उन्होंने कहा कि जल्द पंजाब के समान वेतनमान और सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों को नीति बनाकर नियमित नहीं किया गया तो आने वाले चुनाव में प्रदेश सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।