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शिक्षकों की मांग पर स्कूल पर जड़ा ताला
पिल्लूखेड़ा (जींद)/ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2013 01:34 AM IST
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हरियाणा के जिला जींद के गांव भिड़ताना के ग्रामीणों ने स्कूल में खाली पड़े शिक्षकों के पद भरने की मांग पर राजकीय उच्च विद्यालय पर सोमवार को ताला जड़ दिया।
इसकी सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी निशा ने स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने ताला खोलने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने ताला खोलने से साफ मना कर दिया।
गांव के सरपंच का कहना है कि शिक्षकों के खाली पद भरे जाने के बाद ही स्कूल पर लगाया ताला खोला जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों के आठ पद स्वीकृत हैं, जबकि स्कूल में तीन शिक्षक ही ड्यूटी दे रहे हैं।
सोमवार सुबह आठ बजे भारी संख्या में एकत्रित ग्रामीण नारेबाजी करते गांव के राजकीय उच्च विद्यालय के गेट पर पहुंचे और स्कूल पर तालाबंदी कर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में आठ पद स्वीकृत होने के बावजूद तीन शिक्षक ही ड्यूटी दे रहे हैं। अध्यापकों के पद खाली होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अध्यापकों की कमी के बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन फिर भी पद नहीं भरे गए।
खंड शिक्षा अधिकारी की भी नहीं सुनी
खंड शिक्षा अधिकारी निशा शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति एकदम नहीं की जा सकती है। शिक्षा विभाग को डिमांड भेजी जाएगी, लेकिन ग्रामीणों ने ताला खोलने से मना कर दिया।
सोमवार दोपहर बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ से स्कूल में एक और अध्यापकों की नियुक्ति कर दी गई। इसके बाद भी चार अध्यापकों की कमी है। स्कूल में 350 से अधिक बच्चे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी निशा शर्मा ने भरोसा दिया कि अध्यापकों के पद जल्द भर दिए जाएंगे। मंगलवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
शिक्षकों की कमी जल्दी पूरी की जाए
सरपंच देवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद एक जुलाई से ही गांव के स्कूल में पांच अध्यापकों और एक क्लर्क का पद रिक्त पड़ा हैं।
शिक्षा विभाग को शिक्षकों की कमी के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का निदान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जब तक अध्यापकों के पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोलेंगे।
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इसकी सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी निशा ने स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने ताला खोलने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने ताला खोलने से साफ मना कर दिया।
गांव के सरपंच का कहना है कि शिक्षकों के खाली पद भरे जाने के बाद ही स्कूल पर लगाया ताला खोला जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों के आठ पद स्वीकृत हैं, जबकि स्कूल में तीन शिक्षक ही ड्यूटी दे रहे हैं।
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सोमवार सुबह आठ बजे भारी संख्या में एकत्रित ग्रामीण नारेबाजी करते गांव के राजकीय उच्च विद्यालय के गेट पर पहुंचे और स्कूल पर तालाबंदी कर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में आठ पद स्वीकृत होने के बावजूद तीन शिक्षक ही ड्यूटी दे रहे हैं। अध्यापकों के पद खाली होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अध्यापकों की कमी के बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन फिर भी पद नहीं भरे गए।
खंड शिक्षा अधिकारी की भी नहीं सुनी
खंड शिक्षा अधिकारी निशा शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति एकदम नहीं की जा सकती है। शिक्षा विभाग को डिमांड भेजी जाएगी, लेकिन ग्रामीणों ने ताला खोलने से मना कर दिया।
सोमवार दोपहर बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ से स्कूल में एक और अध्यापकों की नियुक्ति कर दी गई। इसके बाद भी चार अध्यापकों की कमी है। स्कूल में 350 से अधिक बच्चे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी निशा शर्मा ने भरोसा दिया कि अध्यापकों के पद जल्द भर दिए जाएंगे। मंगलवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
शिक्षकों की कमी जल्दी पूरी की जाए
सरपंच देवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद एक जुलाई से ही गांव के स्कूल में पांच अध्यापकों और एक क्लर्क का पद रिक्त पड़ा हैं।
शिक्षा विभाग को शिक्षकों की कमी के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का निदान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जब तक अध्यापकों के पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोलेंगे।