{"_id":"6e32d19e7914ee10a242ca832086313f","slug":"unemployed-art-teacher-roared-back-in-jhajjar","type":"story","status":"publish","title_hn":"झज्जर में गरजे बेरोजगार कला अध्यापक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर में गरजे बेरोजगार कला अध्यापक
झज्जर/ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2013 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के बेरोजगार कला अध्यापक अपनी विभिन्न मांगों पर रविवार को झज्जर में जमकर गरजे। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के आवास तक नंगे पांव प्रदर्शन कर रोष जाहिर किया।
बेरोजगार कला अध्यापकों ने शासन और प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते अपना प्रदर्शन रविवार को वहीं से शुरू किया, जहां से शनिवार को पुलिस द्वारा खदेडे़ जाने के बाद अनिश्चितकालीन धरना आरंभ किया था।
बेरोजगार कला अध्यापक समिति के बैनर तले शिक्षक नंगे पाव स्थानीय यादव धर्मशाला के नजदीक एकत्रित हुए। इसके बाद स्थानीय अंबेडकर चौक, बस स्टैंड, छिक्कारा चौक से होते हुए शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे।
विज्ञापन
शिक्षकों ने नारेबाजी कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इसके बाद झज्जर की विधायक एवं प्रदेश की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को ज्ञापन सौंपा।
समिति के अध्यक्ष प्रदीप रानीला ने कहा कि हरियाणा सरकार की बेरोजगार कला अध्यापकों के लिए बनाई नई नियमावली किसी भी तरह न्याय संगत नहीं है।
सरकार 12वीं कक्षा तक सभी निजी और सरकारी स्कूलों में कला विषय को अनिवार्य विषय घोषित करे, कला अध्यापकों की भर्ती पुराने नियमों के आधार पर हो।
शिक्षा मंत्री ने समिति पदाधिकारियों की मांगों को सुनने के बाद चार अक्तूबर को चंडीगढ़ में बोर्ड की बैठक बुलाई है। इसमें बेरोजगार कला अध्यापकों के हित में फैसला लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार चार अक्तूबर को कला अध्यापकों के हित में कोई फैसला नहीं लेती है तो छह अक्तूबर को जींद में राज्यभर के कला अध्यापक जुटेंगे और अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों में दीपक सामण, बजरंग मड्डू, अनिक सिंधु, वीरभान सोनीपत, संजय हसानिया, प्रदीप मदीना, सुनील भिवानी, पवन फतेहाबाद आदि शामिल थे।
विज्ञापन
बेरोजगार कला अध्यापकों ने शासन और प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते अपना प्रदर्शन रविवार को वहीं से शुरू किया, जहां से शनिवार को पुलिस द्वारा खदेडे़ जाने के बाद अनिश्चितकालीन धरना आरंभ किया था।
विज्ञापन
बेरोजगार कला अध्यापक समिति के बैनर तले शिक्षक नंगे पाव स्थानीय यादव धर्मशाला के नजदीक एकत्रित हुए। इसके बाद स्थानीय अंबेडकर चौक, बस स्टैंड, छिक्कारा चौक से होते हुए शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे।
विज्ञापन
शिक्षकों ने नारेबाजी कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इसके बाद झज्जर की विधायक एवं प्रदेश की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को ज्ञापन सौंपा।
समिति के अध्यक्ष प्रदीप रानीला ने कहा कि हरियाणा सरकार की बेरोजगार कला अध्यापकों के लिए बनाई नई नियमावली किसी भी तरह न्याय संगत नहीं है।
सरकार 12वीं कक्षा तक सभी निजी और सरकारी स्कूलों में कला विषय को अनिवार्य विषय घोषित करे, कला अध्यापकों की भर्ती पुराने नियमों के आधार पर हो।
शिक्षा मंत्री ने समिति पदाधिकारियों की मांगों को सुनने के बाद चार अक्तूबर को चंडीगढ़ में बोर्ड की बैठक बुलाई है। इसमें बेरोजगार कला अध्यापकों के हित में फैसला लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार चार अक्तूबर को कला अध्यापकों के हित में कोई फैसला नहीं लेती है तो छह अक्तूबर को जींद में राज्यभर के कला अध्यापक जुटेंगे और अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों में दीपक सामण, बजरंग मड्डू, अनिक सिंधु, वीरभान सोनीपत, संजय हसानिया, प्रदीप मदीना, सुनील भिवानी, पवन फतेहाबाद आदि शामिल थे।