सांसद रामचंद्र जांगड़ा प्रकरण: हिसार के नारनौंद थाने में जुटे हजारों किसान
किसानों ने नारनौंद थाने में प्रदर्शन तेज कर दिया है। हजारों की संख्या में यहां प्रदेशभर से किसान पहुंच गए हैं। किसानों ने मांग की है कि उनके ऊपर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए। इसके अलावा मारपीट करने वाले सांसद रामचंद्र जांगड़ा के पीए और गनमैन के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। किसानों ने कहा कि वे शांति से प्रदर्शन कर रहे हैं।
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विस्तार
सांसद रामचंद्र जांगड़ा प्रकरण में हिसार के नारनौंद थाने में किसानों की पंचायत चल रही है। किसानों ने दो घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पंचायत में प्रदेशभर से भारी संख्या में किसान पहुंचे हैं। प्रशासन की तरफ से मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से एक एसपी, चार डीएसपी, 10 इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक कंपनी सीआरपीएफ की तैनात की गई है। राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा की गाड़ी के शीशे व उन पर हमला करने को लेकर पुलिस ने तीन नामजद सहित 60 अन्य किसानों पर मामला दर्ज किया था। वहीं, एक किसान गंभीर रूप से घायल है।
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घायल किसान निजी अस्पताल में भर्ती
घायल किसान हिसार के निजी हॉस्पिटल में भर्ती है। इसको लेकर किसानों ने शुक्रवार को थाने में पड़ाव डालकर एलान कर दिया था कि वे शनिवार को थाने में इकट्ठा होकर बड़े संघर्ष की घोषणा करेंगे। किसानों ने प्रशासन के समक्ष 2 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दो मांगें रखी हैं कि किसानों पर दर्ज हुए मामले वापस लिए जाएं और रामचंद्र जांगड़ा के गनमैन व पीए के खिलाफ मामला दर्ज करें। दोपहर को करीब एक बजे सतरोल खाप व बारह खाप के लोग रणनीति बनाने के लिए कस्बे की जाट धर्मशाला में आंदोलन की आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक कर रहे हैं।
राकेश टिकैत के आने की संभावना
किसानों के प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत के आने की भी संभावना है। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि पुलिस प्रशासन का किसानों के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं रहा। प्रशासन मामले को घुमाने का प्रयास कर रहा है। हमारी सुनवाई नहीं गई और एकतरफा कार्रवाई करके किसानों पर मामला दर्ज कर दिया। प्रशासन ने लाठीचार्ज नहीं किया, लेकिन रामचंद्र जांगड़ा के प्राइवेट पीए ने किसान को बट मारकर घायल कर दिया था। हम जांगड़ा समाज का सम्मान करते हैं। बीजेपी का विरोध किया है, यह आंदोलन 36 बिरादरी में पूरे देश का आंदोलन है।
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लड़ाने का काम कर रही सरकार
किसान नेता आजाद ने कहा कि सरकार लड़ाने का काम कर रही है। किसानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करके किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसान शांति व अनुशासन में रहकर आगे का फैसला लेंगे, यह क्रांतिकारियों की धरती है। अभी तक का आंदोलन एक ट्रेलर है, आगे पूरी फिल्म बाकी है। आज किसान जो भी फैसला लेंगे, पूरी मजबूती के साथ आंदोलन किया जाएगा।