खुलासा: एचपीएससी में उप सचिव का पद ही आरक्षित नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत ने उठाए सवाल
हरियाणा लोक सेवा आयोग में उप सचिव की तैनाती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि नियुक्ति का प्रावधान ही नहीं है, इसके बावजूद उन्हें पद पर तैनात किया गया है।
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हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में उप सचिव के पद पर बीते नौ माह से तैनात 2016 बैच के एचसीएस अनिल नागर के गिरफ्तार होने के बाद अब उप सचिव पद को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं। जहां तक एचपीएससी द्वारा वर्ष 1997 में बनाए गए ग्रुप ए सेवा नियमों का विषय है, तो उसमें भी डिप्टी सेक्रेटरी के नाम के कोई पद नहीं है एवं परीक्षा नियंत्रक (कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन) का एक पद ही शामिल है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर, 2020 में जब हरियाणा सरकार द्वारा एचसीएस की कैडर संख्या निर्धारित की गई थी, तो उस आदेश में एचसीएस अधिकारियों के लिए आरक्षित (आवंटित) पदों में एचएसएससी (हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग) के सेक्रेटरी का पद तो शामिल किया गया।
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एचपीएससी में उप सचिव के नाम से पद नहीं है। उस आदेश में डिप्टी, ज्वाइंट, एडिशनल, स्पेशल सेक्रेटरी के कुल 14 पदों का उल्लेख है। चूंकि एचपीएससी एक संवैधानिक आयोग है, इसलिए अगर उसमें डिप्टी सेक्रेटरी का पद एचसीएस कैडर के लिए आवंटित करना है तो इस संबंध में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। हेमंत ने बताया कि जहां तक एचपीएससी के सचिव के पद का प्रश्न है तो केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2018 में हरियाणा प्रदेश हेतु आईएएस कैडर निर्धारण संख्या के संबंध में जारी मौजूदा रेगुलेशंस में वह पद आईएएस अधिकारी के लिए स्पष्ट तौर पर दर्शाया गया है। आयोग के सचिव पर वर्तमान में बीते एक वर्ष से 2005 बैच के आईएएस भूपेंद्र सिंह तैनात हैं।