हरियाणा: कॉलेजों में अगले सत्र से एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ेंगे विद्यार्थी
यूजीसी-रक्षा सचिव की स्वीकृति के बाद डीएचई ने खास काम शुरू किया है। नई शिक्षा नीति के तहत वैकल्पिक विषय एनसीसी को बनाया जाएगा। हरियाणा के कॉलेजों में अगले सत्र से पूरे कोर्स में विद्यार्थी को 24 क्रेडिट प्वाइंट दिए जाएंगे। बी और सी प्रमाणपत्र व सेना की भर्ती परीक्षा में इसका फायदा उन्हें मिल सकेगा।
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अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधि के रूप में चुने जाने वाले एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) को अब हरियाणा में कॉलेजों के विद्यार्थी वैकल्पिक विषय के रूप पढ़ेंगे। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इसे विषय के रूप में लागू करने के लिए यूजीसी और रक्षा सचिव की ओर से स्वीकृति दे दी गई है। इसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग (डीएचई) की ओर से भी इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत अगले शिक्षा सत्र से इसे कॉलेजों में विषय के रूप में ही चुना जा सकेगा। यही नहीं, कॉलेज के विद्यार्थियों को एनसीसी विषय की परीक्षा भी देनी होगी। इसके लिए खासतौर पर पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है।
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प्रदेश में 10 सरकार विश्वविद्यालय
विद्यार्थियों को पूरे कोर्स में 24 क्रेडिट प्वाइंट भी मिलेंगे। इससे कैडेट को बी और सी सर्टिफिकेट व सेना में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं में भी लाभ होगा। वर्तमान में प्रदेश में कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल और एनआईआईटी में ही एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। अब इस व्यवस्था को सभी कॉलेजों में लागू किया जाएगा। प्रदेश में 10 सरकारी और 24 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 267 राजकीय और एडेड महाविद्यालय हैं, जहां के विद्यार्थियों को इस नई व्यवस्था का लाभ होगा।
सेना की तरह आधुनिक संसाधनों पर मिलेगा ज्ञान
वर्तमान में एनसीसी कैडेट्स बी और सी सर्टिफिकेट के लिए होने वाली गतिविधियां व बटालियन के शिविर ही लगा पाते हैं। लेकिन एनसीसी के विषय के रूप में आने के बाद इसका सेमेस्टर के हिसाब से पाठ्यक्रम बनेगा। जिसके अनुसार नियमित कक्षाएं भी लगेंगी। वर्तमान में मैप रीडिंग भी बोर्ड आदि पर होती हैं। भविष्य में सेना की तरह आधुनिक संसाधनों पर विद्यार्थियों को ज्ञान मिलेगा। मैप रीडिंग भी जीपीएस सिस्टम के माध्यम से कराई जाएगी। युद्ध कौशल, फायरिंग और हथियार चलाने का भी प्रशिक्षण मिलेगा।
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अगले शिक्षा सत्र से कॉलेजों में एनसीसी वैकल्पिक विषय के रूप में चुने जाने पर विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा। विषय होने के कारण चरणबद्ध तरीके से हर पहलू पर विद्यार्थी को जानकारी दी जाएगी। यूजीसी, रक्षा सचिव से स्वीकृति के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से भी कार्य शुरू कर दिया गया है। कॉलेज भी शुरुआत में इसे स्वयंसेवा के रूप में पढ़ाएंगे।
- एएस बराड़, वीएसएम ग्रुप कमांडर, एनसीसी अंबाला ग्रुप