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हरियाणा: खेलों में कॅरिअर बनाने की चाहत रखने वालों की पहली पसंद बन रहा हरियाणा, बेहतरीन खेल नीति है वजह
Sat, 21 Aug 2021 04:18 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 21 Aug 2021 04:18 PM IST
सार
खेलाें में अपना कॅरिअर बनाने की चाहत रखने वालाें की पहली पसंद हरियाणा है। यहां की इनामी राशि और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं इसकी बड़ी वजह हैं। यही कारण है कि पंजाब और चंडीगढ़ के खिलाड़ी भी हरियाणा से खेलने को वरीयता दे रहे हैं।
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पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में अभ्यास करते खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खेलाें में अपना कॅरिअर बनाने की चाहत रखने वालाें की पहली पसंद हरियाणा है। यहां की इनामी राशि और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं इसकी बड़ी वजह हैं। यही कारण है कि पंजाब और चंडीगढ़ के खिलाड़ी भी हरियाणा से खेलने को वरीयता दे रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि या तो खिलाड़ी हरियाणा का मूल निवासी हो या कम से कम पांच साल से प्रदेश में रह रहा हो।
पंजाब में ओलंपिक पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये मिलते हैं तो चंडीगढ़ में पांच करोड़ रुपये। हरियाणा में यह राशि छह करोड़ रुपये है। पंचकूला से नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूनियर खिलाड़ी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये का प्रावधान है। इसीलिए ज्यादातर खिलाड़ी यहां से प्रतिभागिता करना चाहते हैं।
एक वजह यह भी है कि पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खेल की ज्यादातर सुविधाएं मुहैया करवा दी गईं हैं। इस वजह से खिलाड़ियों को यहां अभ्यास करने में काफी सुविधा होती है। पंचकूला के इस स्टेडियम में वुशु, ताइक्वांडो, बाक्सिंग, वॉलीबाल, हॉकी, बैडमिंटन के साथ अन्य खेलों की सुविधाएं हैं।
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ग्रेड-बी : ग्रुप-ए के अलावा बाकी ग्रुप की नौकरी
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पंजाब में ओलंपिक पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये मिलते हैं तो चंडीगढ़ में पांच करोड़ रुपये। हरियाणा में यह राशि छह करोड़ रुपये है। पंचकूला से नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूनियर खिलाड़ी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये का प्रावधान है। इसीलिए ज्यादातर खिलाड़ी यहां से प्रतिभागिता करना चाहते हैं।
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एक वजह यह भी है कि पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खेल की ज्यादातर सुविधाएं मुहैया करवा दी गईं हैं। इस वजह से खिलाड़ियों को यहां अभ्यास करने में काफी सुविधा होती है। पंचकूला के इस स्टेडियम में वुशु, ताइक्वांडो, बाक्सिंग, वॉलीबाल, हॉकी, बैडमिंटन के साथ अन्य खेलों की सुविधाएं हैं।
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पंचकूला में नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने के बाद तो सेंटर में खिलाड़ियों की बहार आ गई है। हमारे स्टेडियम में करीब साढ़े चार सौ बच्चे रोजाना अभ्यास करते हैं। इसमें से ज्यादातर एथलीट हैं। हरियाणा ने जबसे मूल निवास की अवधि को 15 साल से घटाकर पांच वर्ष किया, उसके बाद पंजाब, चंडीगढ़ से भी काफी खिलाड़ी यहां आने लगे हैं। - नसीम अहमद, जिला खेल अधिकारी, हरियाणा
एक नजर पदक विजेताओं की इनामी राशि पर
हरियाणा
- ओलंपिक विजेता
| स्वर्ण पदक | छह करोड़ |
| रजत पदक | चार करोड़ |
| कांस्य पदक | ढाई करोड़ |
- नेशनल चैंपियनशिप सीनियर
| स्वर्ण पदक | तीन लाख |
| रजत पदक | दो लाख |
| कांस्य पदक | एक लाख |
- नेशनल चैंपियनशिप जूनियर
| स्वर्ण पदक | 2.25 लाख |
| रजत पदक | 1.50 लाख |
| कांस्य पदक | 75 हजार |
- नेशनल चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक | 1.50 लाख |
| रजत पदक | 1 लाख |
| कांस्य पदक | 50 हजार |
- एशियन चैंपियनशिप सीनियर
| स्वर्ण पदक | 5 लाख |
| रजत पदक | 4 लाख |
| कांस्य पदक | 3 लाख |
- एशियन चैंपियनशिप जूनियर
| स्वर्ण पदक | 3.75 लाख |
| रजत पदक | 3 लाख |
| कांस्य पदक | 2.25 लाख |
- एशियन चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक | 2.50 लाख |
| रजत पदक | 2 लाख |
| कांस्य पदक | 1.50 लाख |
- वर्ल्ड चैंपियनशिप सीनियर
| स्वर्ण पदक | 20 लाख |
| रजत पदक | 15 लाख |
| कांस्य पदक | 10 लाख |
- वर्ल्ड चैंपियनशिप जूनियर
| स्वर्ण पदक | 15 लाख |
| रजत पदक | 11.25 लाख |
| कांस्य पदक | 7.50 लाख |
- वर्ल्ड चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक | 10 लाख |
| रजत पदक | 7.50 लाख |
| कांस्य पदक | 5 लाख |
- एशियन गेम्स
| गोल्ड | 3 करोड़ |
- कॉमनवेल्थ गेम्स
| गोल्ड | 1.5 करोड़ |
- स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर नौकरी
ग्रेड-बी : ग्रुप-ए के अलावा बाकी ग्रुप की नौकरी
ग्रेड-सी: ग्रुप-सी और डी की नौकरियां
ग्रेड-डी: ग्रुप-डी की नौकरी
- इन खेलों में जरूरी है हरियाणा का डोमिसाइल
चंडीगढ़
- ओलंपिक गेम्स
| स्वर्ण पदक | 5 करोड़ |
| रजत पदक | 3 करोड़ |
| कांस्य पदक | 2 करोड़ |
- वर्ल्ड कप हॉकी
| स्वर्ण पदक | 21 लाख |
| रजत पदक | 11 लाख |
| कांस्य पदक | 7 लाख |
- एशियन गेम्स
| स्वर्ण पदक | 7 लाख |
| रजत पदक | 5 लाख |
| कांस्य पदक | 3 लाख |
- कॉमनवेल्थ गेम्स
| स्वर्ण पदक | 7 लाख |
| रजत पदक | 5 लाख |
| कांस्य पदक | 3 लाख |
- यूथ ओलंपिक गेम्स
| स्वर्ण पदक | 10 लाख |
| रजत पदक | 7.5 लाख |
| कांस्य पदक | 5 लाख |
- यूथ एशियन गेम्स
| स्वर्ण पदक | 7 लाख |
| रजत पदक | 5 लाख |
| कांस्य पदक | 3 लाख |
- एशियन/ कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप/कप
| स्वर्ण पदक | 4 लाख |
| रजत पदक | 3 लाख |
| कांस्य पदक | 2 लाख |
- यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स
| स्वर्ण पदक | 5 लाख |
| रजत पदक | 3 लाख |
| कांस्य पदक | 2 लाख |
- सेफ गेम्स/एफरो एशियन गेम्स
| स्वर्ण पदक | 3 लाख |
| रजत पदक | 2 लाख |
| कांस्य पदक | 1 लाख |