{"_id":"6154aff78ebc3e628f6cd1b2","slug":"youth-arrested-in-robbery-from-bus-driver-found-innocent-in-dsp-investigation-sonipat-news-rtk625527720","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस चालक से लूट में गिरफ्तार युवक डीएसपी की जांच में मिले बेकसूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस चालक से लूट में गिरफ्तार युवक डीएसपी की जांच में मिले बेकसूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरथल जीटी रोड पर निजी बस चालक से लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार दस युवक डीएसपी की जांच में बेकसूर पाए गए। ग्रामीणों ने एडीजीपी से मिलकर युवकों को झूठा फंसाने का आरोप लगाया था। एडीजीपी के आदेश पर डीएसपी से जांच कराई गई, जिसमें युवक लूट में संलिप्त नहीं मिले। डीएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। उसके आधार पर न्यायालय ने सभी दस युवकों को दोषमुक्त कर जेल से रिहा कर दिया।
उत्तर प्रदेश के एटा के प्रेमनगर कॉलोनी में रहने वाले रामगोपाल ने 1 अगस्त की रात को मुकदमा दर्ज कराया था कि पानीपत से गोरखपुर जाते हुए उसके साथ लूटपाट की गई। उसकी सूचना पर मुरथल थाना पुलिस ने मौके पर जाकर माहरा गांव के दस युवकों को पकड़ा था। उनके पास से कुछ नकदी भी बरामद करने की बात कही गई थी। उन्हें जेल भेज दिया गया था।
दस युवकों को जेल भेजे जाने पर माहरा गांव के ग्रामीणों ने पंचायत की थी। गांव के लोगों ने रोहतक में एडीजीपी संदीप खिरवार से मुलाकात कर युवकों को निर्दोष बताया था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। एडीजीपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच डीएसपी गन्नौर जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी। जोगेंद्र सिंह ने पीड़ित से बातचीत करने के साथ ही मौके की सीसीटीवी फुटेज ली थीं। साथ ही मौके पर जांच की थी। जांच में किसी को लूट में शामिल नहीं पाया गया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की। डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने सभी दस युवकों को बेकसूर पाया। उनको रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
वर्जन
अधिकारियों के आदेश पर मामले की जांच की गई थी। मेरी जांच में जेल भेजे गए युवकों द्वारा लूट करना साबित नहीं हुआ है। वारदात स्थल के सीसीटीवी की फुटेज और वादी के बयानों में भी युवकों पर आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। मैंने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के निर्देश के उपरांत न्यायालय में पेश कर दी है।
-जोगेंद्र सिंह, डीएसपी
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के एटा के प्रेमनगर कॉलोनी में रहने वाले रामगोपाल ने 1 अगस्त की रात को मुकदमा दर्ज कराया था कि पानीपत से गोरखपुर जाते हुए उसके साथ लूटपाट की गई। उसकी सूचना पर मुरथल थाना पुलिस ने मौके पर जाकर माहरा गांव के दस युवकों को पकड़ा था। उनके पास से कुछ नकदी भी बरामद करने की बात कही गई थी। उन्हें जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
दस युवकों को जेल भेजे जाने पर माहरा गांव के ग्रामीणों ने पंचायत की थी। गांव के लोगों ने रोहतक में एडीजीपी संदीप खिरवार से मुलाकात कर युवकों को निर्दोष बताया था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। एडीजीपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच डीएसपी गन्नौर जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी। जोगेंद्र सिंह ने पीड़ित से बातचीत करने के साथ ही मौके की सीसीटीवी फुटेज ली थीं। साथ ही मौके पर जांच की थी। जांच में किसी को लूट में शामिल नहीं पाया गया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की। डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने सभी दस युवकों को बेकसूर पाया। उनको रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
वर्जन
अधिकारियों के आदेश पर मामले की जांच की गई थी। मेरी जांच में जेल भेजे गए युवकों द्वारा लूट करना साबित नहीं हुआ है। वारदात स्थल के सीसीटीवी की फुटेज और वादी के बयानों में भी युवकों पर आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। मैंने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के निर्देश के उपरांत न्यायालय में पेश कर दी है।
-जोगेंद्र सिंह, डीएसपी