{"_id":"68d432afb2655207c005fe1e","slug":"worshiping-maa-chandraghanta-seek-happiness-in-married-life-sonipat-news-c-197-1-snp1008-142819-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: मां चंद्रघंटा की आराधना कर मांगी दांपत्य जीवन में खुशहाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: मां चंद्रघंटा की आराधना कर मांगी दांपत्य जीवन में खुशहाली
Wed, 24 Sep 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
फोटो 27- सोनीपत के कामी रोड स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर में श्रद्धालुओं
सोनीपत। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने माता चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना कर सौम्यता एवं विनम्रता का आशीर्वाद मांगा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में मत्था टेककर घर-परिवार, समाज में सुख-शांति एवं समृद्धि, खुशहाली की कामना की। इस बार दो दिन तृतीया तिथि होने के चलते वीरवार को भी मां चंद्रघंटा की आराधना की जाएगी।
बड़ा बाजार स्थित श्रीदेवी चिटाने वाली माता मंदिर सिद्धपीठ, गांव चिटाना स्थित चिटाने वाली माता मंदिर सिद्धपीठ, कामी रोड स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर, माॅडल टाउन स्थित नवदुर्गा माता मंदिर, माता चिंतपूर्णी मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता की पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों व घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया।
पंडित हनुमान प्रसाद पाठक ने बताया कि बाघ पर सवार मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा के मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी व संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से पाप, बाधाएं दूर होती हैं। भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र होने से पराक्रम बढ़ता है।
विज्ञापन
मां चिटाने वाली की विशेष मान्यता
गांव चिटाने वाली माता मंदिर में आचार्य पूर्णानंद के सानिध्य में आचार्य रामकुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री व विद्वान मंडली के सानिध्य में शतचंडी महायज्ञ किया गया। आचार्य रामकुमार शास्त्री ने बताया मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती के 100 पाठ संपूर्ण किए जाने पर 1 अक्तूबर को माता की कढ़ाई व कन्या पूजन के साथ महायज्ञ संपन्न किया जाएगा।
सप्तमी व अष्टमी के दिन मंदिर परिसर में मेला लगाया जाएगा। मेले में प्रदेशभर के अलावा दिल्ली से भी श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे। मंदिर के पास तालाब से सात बार मिट्टी निकालने से श्रद्धालुओं की सभी मन्नतें पूर्ण होती हैं।
विज्ञापन
बड़ा बाजार स्थित श्रीदेवी चिटाने वाली माता मंदिर सिद्धपीठ, गांव चिटाना स्थित चिटाने वाली माता मंदिर सिद्धपीठ, कामी रोड स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर, माॅडल टाउन स्थित नवदुर्गा माता मंदिर, माता चिंतपूर्णी मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता की पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों व घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया।
विज्ञापन
पंडित हनुमान प्रसाद पाठक ने बताया कि बाघ पर सवार मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा के मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी व संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से पाप, बाधाएं दूर होती हैं। भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र होने से पराक्रम बढ़ता है।
विज्ञापन
मां चिटाने वाली की विशेष मान्यता
गांव चिटाने वाली माता मंदिर में आचार्य पूर्णानंद के सानिध्य में आचार्य रामकुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री व विद्वान मंडली के सानिध्य में शतचंडी महायज्ञ किया गया। आचार्य रामकुमार शास्त्री ने बताया मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती के 100 पाठ संपूर्ण किए जाने पर 1 अक्तूबर को माता की कढ़ाई व कन्या पूजन के साथ महायज्ञ संपन्न किया जाएगा।
सप्तमी व अष्टमी के दिन मंदिर परिसर में मेला लगाया जाएगा। मेले में प्रदेशभर के अलावा दिल्ली से भी श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे। मंदिर के पास तालाब से सात बार मिट्टी निकालने से श्रद्धालुओं की सभी मन्नतें पूर्ण होती हैं।

फोटो 27- सोनीपत के कामी रोड स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर में श्रद्धालुओं