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मौसम में बदलाव के साथ खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी

Thu, 07 Oct 2021 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 12:36 AM IST
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With the change in the weather, the number of patients with cough, cold and fever increased.
जिला अस्पताल में चिकित्सक कार्यालय के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : Sonipat
बारिश रुकने के बाद मौसम में आए बदलाव के कारण बीमारियां बढ़नी शुरू हो गई हैं। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा। वहीं अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह ही भीड़ लग जाती है। अस्पताल में ग्रामीण इलाकों से भी काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। जिसे दवा के साथ पर्चा बनवाने की खिड़की व डॉक्टर के कमरों के सामने मरीजों की भीड़ लगी रही।
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मौसम में आए बदलाव के कारण लोग बुखार, खांसी, जुकाम आदि बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में लगभग 800 से 1000 तक मरीज आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 1400 तक पहुंच गई है। यहां पर पर्ची काउंटर, दवा कक्ष व डॉक्टरों के कक्षों के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी लंबी कतार लगी रही। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज बुखार, सर्दी-जुकाम व खांसी के ज्यादा हैं। मौसम में हर रोज बदलाव हो रहा है, रात के समय तापमान ज्यादा गिर रहा है तो दिन में गर्मी हो रही है, इसलिए लोग लापरवाही नहीं बरतें। जो लोग लापरवाही बरत रहे हैं, वही सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के शिकार हो रहे हैं। वैसे तो सामान्य बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं, लेकिन आशंका होने वाले मरीजों की डेंगू की जांच भी कराई जा रही है।
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बच्चों में निमोनिया के केस बढ़ रहे : डॉ. गेरा
बच्चों में बुखार-जुकाम और निमोनिया अधिक देखने को मिल रहा है। बुधवार को ओपीडी में लोगों की कतार लगी रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अलंकृता गेरा का कहना है कि बदलते मौसम में सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। कमजोर इम्यूनिटी के कारण बच्चों में निमोनिया के केस बढ़ रहे हैं। सामान्य खांसी, जुकाम के बाद बुखार आने पर दस्त शुरू हो जाता है। पसलियां चलने के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
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यह बरतें सावधानी
बच्चों को जमीन पर नंगे पैर न घूमने दें, घर और आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, नवजात और छोटे बच्चों को बोतल से दूध न पिलाएं। ठंडे फल, कोल्ड ड्रिंक व खट्टी-मीठी चीजों से दूर रखें। इसलिए बदलते मौसम में खानपान व रहन संबंधी सावधानी बरतना जरूरी है। खांसी होने पर कपड़े को मुंह पर रखें। बुखार व जुकाम होते हुए तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।

वर्जन
मौसम में हुए बदलाव की वजह से अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ोतरी हुई है। सभी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है कि ओपीडी में आने वाले मरीज का सही उपचार किया जाए, जिससे उसे किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- डॉ. जयभगवान जाटान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी जिला नागरिक अस्पताल
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