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पेटेंट के माध्यम से देश को बना सकते हैं समृद्ध : कुलपति प्रो. अनायत
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सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में सोमवार को नवाचार परिषद संस्थान (इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल) ने बौद्धिक संपदा विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि पेटेंट के माध्यम से हम देश को आर्थिक तौर पर समृद्ध बना सकते हैं। देश में पेटेंट प्रदान करने में 572 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पेटेंट के माध्यम से हम अपने आविष्कार का मालिकाना हक प्राप्त कर सकते हैं।
कुलपति प्रो. अनायत ने कहा कि देश वर्ष 2013-14 के दौरान 4227 पेटेंट प्रदान किए गए थे। वर्ष 2020-21 में 28,391 पेटेंट प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा से देश को सशक्त बनाकर नवाचार का पावर हाउस बना सकते हैं। 2022 में पेटेंट के लिए कुल 19796 ने आवेदन किया है। जिसमें गैर भारतीयों ने 9090 ने आवेदन किया है, जबकि 10706 भारतीयों ने आवेदन किया है।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता भारतीय विधि संस्थान के निदेशक प्रो.मनोज कुमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा संपत्ति के अधिकार 7 प्रकार के होते हैं। देश में पेटेंट के नियमों को 2005 में लागू किया गया, इसमें आविष्कार नया हो, आविष्कार समस्या का निराकरण करता हो व आविष्कार का सदुपयोग उद्योगों में हो। आविष्कार दो प्रकार के हो सकते हैं, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय।
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नवाचार परिषद संस्थान (इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल) की अध्यक्ष प्रो. सुमन सांगवान ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियों का आयोजन आगे भी किया जाएगा। ताकि बौद्धिक संपदा के बारे में अनुसंधानकर्ताओं को नवीनतम जानकारी मिल सके। जिसका लाभ उठाकर शोधार्थी देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। इस दौरान समन्वयक डॉ. अजमेर सिंह, डॉ. रोहतास धीमान, डॉ. विकास नेहरा मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. अनायत ने कहा कि देश वर्ष 2013-14 के दौरान 4227 पेटेंट प्रदान किए गए थे। वर्ष 2020-21 में 28,391 पेटेंट प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा से देश को सशक्त बनाकर नवाचार का पावर हाउस बना सकते हैं। 2022 में पेटेंट के लिए कुल 19796 ने आवेदन किया है। जिसमें गैर भारतीयों ने 9090 ने आवेदन किया है, जबकि 10706 भारतीयों ने आवेदन किया है।
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संगोष्ठी में मुख्य वक्ता भारतीय विधि संस्थान के निदेशक प्रो.मनोज कुमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा संपत्ति के अधिकार 7 प्रकार के होते हैं। देश में पेटेंट के नियमों को 2005 में लागू किया गया, इसमें आविष्कार नया हो, आविष्कार समस्या का निराकरण करता हो व आविष्कार का सदुपयोग उद्योगों में हो। आविष्कार दो प्रकार के हो सकते हैं, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय।
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नवाचार परिषद संस्थान (इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल) की अध्यक्ष प्रो. सुमन सांगवान ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियों का आयोजन आगे भी किया जाएगा। ताकि बौद्धिक संपदा के बारे में अनुसंधानकर्ताओं को नवीनतम जानकारी मिल सके। जिसका लाभ उठाकर शोधार्थी देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। इस दौरान समन्वयक डॉ. अजमेर सिंह, डॉ. रोहतास धीमान, डॉ. विकास नेहरा मौजूद रहे।