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सोनीपत: खसरा के 16 मरीज मिलने पर शुरू हुआ 16 साल तक बच्चों का टीकाकरण
Mon, 13 Feb 2023 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:29 AM IST
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खेड़ी दमकन गांव में टीकाकरण अभियान के दौरान ग्रामीण महिलाओं के साथ जिला टीकाकरण अधिकारी व स्वास्
सोनीपत। गांव खेड़ी दमकन में एक माह पहले खसरा के 16 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। विभाग की ओर से घर-घर सर्वे करके 9 माह से 16 साल तक के 539 बच्चों की पहचान की गई। उन सभी को खसरा (मीजल्स) से बचाव के लिए रुबेला इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए हैं। टीकाकरण को लेकर खुद जिला टीकाकरण अधिकारी मॉनिटरिंग कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है।
गोहाना उपमंडल के गांव खेड़ी दमकन में खसरे के 16 नये मामले सामने आए हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नीरज यादव का कहना है कि सर्दी में छुट्टियों के दौरान दिल्ली से एक बच्चा गांव में आया था। वह खसरे से संक्रमित था। वह कई दिन तक गांव की आंगनबाड़ी केंद्र में चल रहे प्ले स्कूल में बच्चों के साथ आता रहा। इसके बाद प्ले स्कूल के छह बच्चे अचानक बीमार हो गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। जांच के बाद सभी छह बच्चों में खसरा की पुष्टि हुई। इसके बाद गांव में सर्वे किया तो 9 जनवरी तक 10 साल तक के आठ और बच्चे खसरा संक्रमित मिले। इसके अलावा एक महिला व एक 16 वर्षीय किशोर संक्रमित मिला। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका इलाज घरों में ही किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भी बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई।
खसरे के दो टीके जरूरी
डॉ. नीरज यादव ने बताया कि खसरे के दो टीके लगते हैं। यह टीके नौ माह और 16 माह की उम्र में लगाए जाते हैं। खसरे के लक्षणों में शरीर में बगैर पानी के लाल दाने आना और आंखों का लाल होना शामिल है। संक्रमित बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है। यह बीमारी गंभीर है। सजगता जरूरी है। लापरवाही से बच्चे की जान भी जा सकती है। जिन बच्चों के इस बीमारी की चपेट में आने की आशंका होती है, उनकी जांच की जाती है।
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एसीएस के आदेश के बाद चलाया रुबेला इंजेक्शन लगाने का अभियान डॉ. नीरज यादव ने बताया कि विभाग की ओर से खसरा संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय भेजी गई। मुख्यालय से मिले आदेश के बाद पूरे गांव में सर्वे किया गया। इस दौरान 9 से 16 साल तक के 539 बच्चों की पहचान की गई। इसके बाद रविवार को विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। इस दौरान सभी बच्चों को खसरा से बचाव के लिए रुबेला इंजेक्शन लगाया गया। यह अभियान अब सभी गांव में चलाया जाएगा। लोगों से अपील है कि वह अपने बच्चों को खसरा से बचाव के लिए रुबेला इंजेक्शन जरूर लगवाएं।
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गोहाना उपमंडल के गांव खेड़ी दमकन में खसरे के 16 नये मामले सामने आए हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नीरज यादव का कहना है कि सर्दी में छुट्टियों के दौरान दिल्ली से एक बच्चा गांव में आया था। वह खसरे से संक्रमित था। वह कई दिन तक गांव की आंगनबाड़ी केंद्र में चल रहे प्ले स्कूल में बच्चों के साथ आता रहा। इसके बाद प्ले स्कूल के छह बच्चे अचानक बीमार हो गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। जांच के बाद सभी छह बच्चों में खसरा की पुष्टि हुई। इसके बाद गांव में सर्वे किया तो 9 जनवरी तक 10 साल तक के आठ और बच्चे खसरा संक्रमित मिले। इसके अलावा एक महिला व एक 16 वर्षीय किशोर संक्रमित मिला। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका इलाज घरों में ही किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भी बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई।
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खसरे के दो टीके जरूरी
डॉ. नीरज यादव ने बताया कि खसरे के दो टीके लगते हैं। यह टीके नौ माह और 16 माह की उम्र में लगाए जाते हैं। खसरे के लक्षणों में शरीर में बगैर पानी के लाल दाने आना और आंखों का लाल होना शामिल है। संक्रमित बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है। यह बीमारी गंभीर है। सजगता जरूरी है। लापरवाही से बच्चे की जान भी जा सकती है। जिन बच्चों के इस बीमारी की चपेट में आने की आशंका होती है, उनकी जांच की जाती है।
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एसीएस के आदेश के बाद चलाया रुबेला इंजेक्शन लगाने का अभियान डॉ. नीरज यादव ने बताया कि विभाग की ओर से खसरा संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय भेजी गई। मुख्यालय से मिले आदेश के बाद पूरे गांव में सर्वे किया गया। इस दौरान 9 से 16 साल तक के 539 बच्चों की पहचान की गई। इसके बाद रविवार को विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। इस दौरान सभी बच्चों को खसरा से बचाव के लिए रुबेला इंजेक्शन लगाया गया। यह अभियान अब सभी गांव में चलाया जाएगा। लोगों से अपील है कि वह अपने बच्चों को खसरा से बचाव के लिए रुबेला इंजेक्शन जरूर लगवाएं।