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Sonipat News: आरएसएस की विचारधारा और कार्यप्रणाली को समझा
Mon, 19 Jan 2026 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:44 AM IST
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फोटो : सोनीपत के सेक्टर-11 में आरएसएस की प्रमुख नागरिक गोष्ठी के दौरान मंचासीन अतिथि व पदाधिक
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सोनीपत। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सेक्टर-11 में रविवार को प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वास्तविक विचारधारा, कार्यप्रणाली एवं सामाजिक भूमिका को समझा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री 1008 दयानंद सरस्वती महाराज ने की। मुख्य वक्ता रोहतक विभाग कार्यवाह डॉ. देवेंद्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ ने निरंतर राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि एक समय विरोधी यह कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे, पर तारीख नहीं बताएंगे परंतु आज प्रभु श्रीराम के नाम के साथ यह संकल्प जनआंदोलन बनकर पूर्ण हुआ है जो देश की सांस्कृतिक अस्मिता और जनभावना का प्रतीक है।
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विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा ने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थन नहीं भी करते उन्हें भी पंच परिवर्तन के विचार का समर्थन अवश्य करना चाहिए। इसका उद्देश्य समाज को अधिक सशक्त, समरस, स्वच्छ, स्वावलंबी और मूल्यनिष्ठ बनाना है।
पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में व्यापक सकारात्मक बदलाव संभव है। उपस्थित नागरिकों ने वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुना और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस दौरान रोहतक विभाग संघ चालक डॉ. निर्मल खंडेलवाल, विभाग प्रचारक प्रदीप समेत अन्य साधक मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री 1008 दयानंद सरस्वती महाराज ने की। मुख्य वक्ता रोहतक विभाग कार्यवाह डॉ. देवेंद्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ ने निरंतर राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में कार्य किया है।
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उन्होंने कहा कि एक समय विरोधी यह कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे, पर तारीख नहीं बताएंगे परंतु आज प्रभु श्रीराम के नाम के साथ यह संकल्प जनआंदोलन बनकर पूर्ण हुआ है जो देश की सांस्कृतिक अस्मिता और जनभावना का प्रतीक है।
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विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा ने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थन नहीं भी करते उन्हें भी पंच परिवर्तन के विचार का समर्थन अवश्य करना चाहिए। इसका उद्देश्य समाज को अधिक सशक्त, समरस, स्वच्छ, स्वावलंबी और मूल्यनिष्ठ बनाना है।
पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में व्यापक सकारात्मक बदलाव संभव है। उपस्थित नागरिकों ने वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुना और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस दौरान रोहतक विभाग संघ चालक डॉ. निर्मल खंडेलवाल, विभाग प्रचारक प्रदीप समेत अन्य साधक मौजूद रहे।